बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 20 अगस्त। गौठानों का संचालन बंद होने के पश्चात अंचल की सडक़ों पर आवारा पशुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। जिला मुख्यालय के अलावा अन्य सभी मार्गों पर मवेशियों के चलते आवागमन में अवरोध उत्पन्न हो रहा है। वहीं इस वजह से हो रही दुर्घटनाओं में राहगीरों के अलावा मवेशियों को भी जान से हाथ धोना पड़ रहा है। बलौदाबाजार की सीमा से लगे रायपुर मार्ग पर स्थित खोरसी नाला में मवेशियों की वजह से आवागमन के लायक स्थान भी नहीं रहता है, जिससे वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि पूर्व में मवेशियों को गौठानों में रहने की जिम्मेदारी पास स्थित ग्राम पंचायत को दिया गया था, परंतु वर्तमान में मवेशियों को हटाने हेतु पंचायत अथवा स्थानीय प्रशासन द्वारा पहल नहीं किया जा रहा है। खोरसी नाला पुल के ऊपर बड़ी संख्या में मवेशियों का जमावड़ा लगा रहता है।
बलौदाबाजार से रायपुर जाने वाले वाहन चालकों को पुल के मोड पर बैठे मवेशी नजर नहीं आते हैं। रात्रि के दौरान स्थिति और भी विकट हो जाती है। अक्सर बड़े वाहन चालक व मवेशियों की वजह से परेशान होते रहते हैं और वाहनों से उतरकर मवेशियों को भागना पड़ता है।
उल्लेखनीय है कि बलौदाबाजार रायपुर मार्ग पर प्रतिदिन 100 से अधिक यात्री बसों के अलावा अन्य छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन होता है। विशेष कर रायपुर की ओर से आने वाले यात्री वाहन के चालक रात्रि में अत्यधिक तेज रफ्तार वाहन चालन करते हैं। यदि पुल के ऊपर बैठे मवेशियों को हटाने हेतु शीघ्र पहन नहीं किया गया तो इस स्थान पर गंभीर हादसा घटित होने से इंकार नहीं किया जा सकता।


