राष्ट्रीय

10-Apr-2021 7:16 PM 36

नई दिल्ली, 10 अप्रैल : उत्तरप्रदेश शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी द्वारा कुरान की 26 आयतों को हटाने के लिए जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 12 अप्रैल को सुनवाई करेगा. जस्टिस फली नरीमन की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय बेंच इस मामले की सुनवाई करेगी. वसीम रिजवी का कहना है कि मदरसों में बच्चों को कुरान की इन आयतों को पढ़ाया जा रहा है, जिससे उनका ज़हन कट्टरपंथ की ओर बढ़ रहा है. रिजवी ने अपनी याचिका में कहा है कि कुरान की इन 26 आयतों में हिंसा की शिक्षा दी गई है और कोई भी ऐसी तालीम जो आतंकवाद को बढ़ावा देती है, उसे रोका जाना चाहिए. रिजवी ने कहा है कि देशहित मे कोर्ट को इन आयतों को हटाने के आदेश देने चाहिए. उन्होंने कहा कि इन आयतों को कुरान में बाद में शामिल किया गया है.  

वहीं रिजवी को जबरदस्त विरोध का सामना करना पड़ रहा है. शिया और सुन्नी दोनों धर्मगुरु इस मसले पर एक मंच पर आ गए हैं. रिजवी को इस्लाम से निकालने और उन्हें किसी भी कब्रिस्तान में जगह न देने तक का ऐलान किया गया है. मौलाना कल्बे जव्वाद का कहना है कि रिजवी नेपाल से होकर लौटा है. उसके पीछे आईएसआई का हाथ हो सकता है और सीबीआई जांच के घेरे में भी वो है. इसके अलावा पिछले दिनों शिया मुसलमानों के प्रमुख संगठन ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने इस याचिका पर सुनवाई नहीं करने की अपील भी की थी. वहीं रिजवी के खिलाफ दो संगठनों - अंजुमन खुद्दामे ए रसूल और इत्तेहादे मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) ने पुलिस को अलग-अलग तहरीर देकर संयुक्त प्राथमिकी दर्ज कराई है. ये दोनों संगठन दरगाह आला हजरत से जुड़े हैं. 

इसके अलावा शिया धर्म गुरु और ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के वरिष्ठ सदस्य मौलाना कल्बे जव्वाद की अगुवाई में बड़ी संख्या में लोगों ने शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी का विरोध करते हुए उनके खिलाफ दुनिया भर के मुसलमानों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की मांग की थी. इन सबसे अलग रिजवी अपनी मांग पर डटे हुए हैं उनका कहना है कि इन आयतों को कुरान में बाद में शामिल किया गया है.  (ndtv.in)

 


10-Apr-2021 7:07 PM 30

मुंबई, 10 अप्रैल | अशनूर कौर और डेलनाज ईरानी की अपकमिंग आगामी वेब सीरीज 'परी हूं मैं' का पोस्टर लॉन्च हो गया है। यह सीरीज 'पटियाला बेब्स' फेम अशनूर की डिजिटल शुरुआत है। अशनूर ने कहा, "मैं लॉन्च के लिए बेहद उत्साहित हूं, क्योंकि हम सभी ने पूरी मेहनत की है।"

अशनूर की मां की भूमिका निभाले वाली डेलनाज ने कहा, "एक कलाकार के रूप में, यह तकनीकी रूप से पहला वेब शो होने जा रहा है। अशनूर और बाकी कलाकारों के साथ काम करना बहुत अद्भुत था और निश्चित रूप से, विवेक खट्टर जी, जो एक शानदार लेखक हैं।"

सीरीज में जितेन लालवानी और अरुशी हांडा भी हैं, और यह 18 अप्रैल को वाह ऐप पर रिलीज होने के लिए तैयार है। (आईएएनएस)


10-Apr-2021 7:06 PM 18

नई दिल्ली, 10 अप्रैल | भारत के शीर्ष भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा ने शनिवार को खेल मंत्रालय की टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स) द्वारा दिए गए समर्थन को अपने हाल के अच्छे प्रदर्शनों का श्रेय दिया। एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता नीरज ने कहा कि टॉप्स कार्यक्रम के समर्थन के बिना, महामारी के दौर में एथलीटों के लिए प्रतिस्पर्धा में लौटना मुश्किल होता।

चोपड़ा, जो इस महीने के अंत में हमवतन शिवपाल सिंह के साथ तुर्की में एक प्रशिक्षण कार्यकाल के लिए रवाना होंगे, ने भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें कहा गया कि साई और टॉप्स का समर्थन पाकर भारतीय खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।

23 वर्षीय चोपड़ा ने कहा, उनका (साई और टॉप्स) उपकरण, अंतर्राष्ट्रीय एक्सपोजर ट्रिप्स और प्रतियोगिता के दौरान घायल हुए खिलाड़ियों को वित्तीय सहायता और प्रतियोगिता और प्रशिक्षण में मदद करते हैं। वे हमें अपना सर्वश्रेष्ठ शॉट देने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। साई ने सुनिश्चित किया कि लॉकडाउन के बाद एथलीटों को जल्द से जल्द प्रशिक्षण मिल सके और यह कि कोविड-अनुरूप प्रोटोकॉल के साथ मैदान और प्रशिक्षण सुविधाओं को तुरंत खोला गया।

भाला फेंक में 88.07 मीटर का राष्ट्रीय रिकॉर्ड रखने वाले चोपड़ा ने स्वीकार किया कि लॉकडाउन ने मन और शरीर पर भारी असर डाला, लेकिन पूरे जोश में प्रशिक्षण के साथ, पूरी फिटनेस पर लौटने में देर नहीं लगेगी। (आईएएनएस)


10-Apr-2021 7:05 PM 23

अर्चना शर्मा 

जयपुर, 10 अप्रैल | हालांकि राजसमंद 17 अप्रैल को उपचुनाव होंगे, लेकिन यहां के थानेटा में ग्रामीणों ने शुक्रवार सुबह 8 बजे से 5 बजे तक अलग-अलग कारणों से निर्धारित उपचुनावों से पहले अपने वोट डाले।

हालांकि, यहां मतदान राजनीतिक नेताओं को चुनने के लिए नहीं, बल्कि गांव में शराब की दुकान बंद करने के लिए किया गया था।

ग्रामीण अपने प्रयास में सफल रहे क्योंकि उन्होंने शराब की दुकान को बंद करने के पक्ष में एकजुट होकर मतदान किया।

जानकारी के अनुसार, ग्रामीण हाल ही में गांव में शराब की दुकान खोलने से नाखुश थे और इसका विरोध कर रहे थे। हालांकि जब दुकान का संचालन जारी रहा, तो ग्रामीणों ने चौपाल बुलाई और इस दुकान के खुलने के खिलाफ मतदान करने का फैसला किया।

नियम के अनुसार, यह तय किया गया था कि अगर इसके खिलाफ 51 फीसदी से अधिक वोट पड़े तो शराब की दुकान बंद कर दी जाएगी।

कुल 95.62 प्रतिशत ग्रामीणों ने शराब की दुकान के खिलाफ मतदान किया।

ग्रामीणों ने वास्तव में कांग्रेस और भाजपा दोनों के नेताओं से दुकान बंद करने का अनुरोध किया था क्योंकि वे उपचुनावों के प्रचार के लिए गांव आते रहे हैं। हालांकि, उन्हें आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। इसलिए उप-चुनाव से आठ दिन पहले शुक्रवार को मतदान हुआ और शराब की दुकान बंद करने की मांग करते हुए 95.62 प्रतिशत वोट डाले गए।

मतदान सुबह 8 बजे शुरू हुआ और शाम 5 बजे तक जारी रहा। कुल 3244 वोटों में से 2307 वोट पड़े। कुल 95.62 प्रतिशत यानी 2206 ने दुकान बंद करने के लिए मतदान किया, जबकि इसके निरंतर संचालन के पक्ष में केवल 61 वोट पड़े।

वास्तव में, यह तीसरी बार है जब इस जिले के लोग शराब की लत की समस्या का हल खोजने निकले हैं।

2016 में, इस जिले की कछबलि पंचायत में मतदान के बाद एक शराब की दुकान बंद कर दी गई थी। 2018 में भी मंडावर में मतदान के बाद एक शराब की दुकान को बंद कर दिया गया था और अब यह तीसरी बार है जब ग्रामीणों ने मतदान करके शराब की दुकान को बंद करने के लिए मजबूर किया। (आईएएनएस)


10-Apr-2021 7:04 PM 22

गुरुग्राम, 10 अप्रैल | गुरुग्राम पुलिस ने शनिवार को सेक्टर-34 से 1.51 लाख रुपये के नकली नोट के साथ एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान राजस्थान के नागौर जिले के निवासी सरज ऊर्फ सोनू के रूप में हुई।

गुरुग्राम पुलिस के प्रवक्ता सुभाष बोकेन ने कहा कि गुरुग्राम पुलिस की अपराध शाखा इकाई ने सेक्टर -34 मारबल बाजार से उस व्यक्ति को पकड़ा और उसके कब्जे से 200 रुपये के 758 नकली नोट जब्त किए।

उन्होंने कहा, "सरज नकली नोट देने के लिए गुरुग्राम आया था। वह कमीशन के आधार पर नकली नोट की आपूर्ति करता था। आरोपी ने जयपुर और अन्य क्षेत्रों में ऐसे नकली नोटों की आपूर्ति की थी। हम उससे पूछताछ कर रहे हैं। (आईएएनएस)


10-Apr-2021 6:35 PM 27

हैदराबाद, 10 अप्रैल | हैदराबाद के वनस्थलीपुरम इलाके में शुक्रवार से तीन किशोरियों को उनके घर से लापता होने की सूचना मिली है। वनस्थलीपुरम पुलिस स्टेशन के अधिकारियों के मुताबिक, 17, 15 और 14 साल की तीन बहने गायब हैं, जो अपने माता-पिता के साथ वनस्थलीपुरम के प्रगतिनगर इलाके में रहती हैं।

बताया जा रहा है कि शुक्रवार की शाम लड़कियों ने अपनी मां के साथ किसी बात पर बहस कर ली थी और जब शनिवार सुबह उनके माता-पिता उठे तो उनकी बेटियां गायब मिलीं। तीनों लड़कियों का कुछ पता नहीं चला तो, माता-पिता ने पुलिस को इस घटना की सूचना दी।

परिवार के सदस्यों को डर है कि लड़कियों का इलाके में किसी ने अपहरण कर लिया होगा।

पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली है और इलाके की सीसीटीवी फुटेज से जांच कर रही है। (आईएएनएस)


10-Apr-2021 6:34 PM 29

लखनऊ, 10 अप्रैल | उत्तर प्रदेश में जेलों की सूरत बदलनी का सिलसिला लगातार जारी है। राज्य में जिला कारागार लखनऊ, गौतमबुद्धनगर, आजमगढ, चित्रकूट और बरेली को हाईटेक करते हुए सरकार ने अपराधियों को सुरक्षित निगरानी में रखने के लिए कारागारों को आधुनिक सुविधाओं के साथ लैस कर दिया है। ड्रोन कैमरे से लेकर डीप सर्च मेटल डिटेक्टर तक की व्यवस्था इन कारागारों में की गई है। इन पांच जिला कारागारों में आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर इन्हें बेहतर बना दिया गया है। इसके तहत जेलों की मुख्य प्राचीर की मेनवॉल पर कन्सरटीना फैन्सिंग कराई गई है। हर कारागार में एक-एक अदद् नॉन लिनियर जंक्शन डिटेक्टर ,एनएलजेडी और पांच ड्रोन कैमरा लगाए गए हैं। यही नहीं, पांच नाइट विजन बाइनाकुलर, 25 हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर भी लगाए गए हैं। इन उपकरणों को हाईवोल्टेज से क्षतिग्रस्त होने से बचाने के लिए हैवी ड्यूटी स्टैब्लाइजर रखा गया है, ताकि इन उपकरणों को कोई नुकसान न हो सके। जिला कारागार लखनऊ में 48 अतिरिक्त उच्च मेगापिक्सल के सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।


सीसीटीवी सर्विलांस इकाइयों की बात करें, तो प्रदेश के सभी कारागारों में सीसीटीवी सर्विलांस इकाइयां स्थापित की गई हैं। साथ ही प्रदेश के सभी कारागारों में 30-30 कैमरे लगे हैं। वर्तमान की बात करें तो 55 कारागारों में 04/05 मेगा पिक्सल के 220 अतिरिक्त कैमरे लगे हैं। सभी कारागारों में 3080 कैमरे स्थापित हैं। इन कैमरों की फीड मुख्यालय वीडियो वॉल/कमाण्ड सेण्टर में देखने की व्यवस्था है। यानि राजधानी से सूब के सभी कारागारों की लाइव फीड मुख्यालय में सीधे देखी जा सकती है। यही नहीं, बंदियों की निगरानी के लिए अत्याधुनिक पोल मेटल डिटेक्शन सिस्टम लगाया गया है। जिसके तहत प्रदेश के सभी कारागारों में एफजी-1 मेटल पोल डिटेक्शन सिस्टम स्थापित किया गया है। सभी कारागारों में एक-एक मल्टीजोन डोरफ्रेम और 3-5 की संख्या में हैण्डहेल्ड मेटल डिटेक्टर भी स्थापित कर दिए गए हैं।

महानिरीक्षक कारागार आनंद कुमार ने बताया कि प्रदेश सरकार ने सभी कारागारों में आन्तरिक संचार व्यवस्था के लिए इंटरकाम प्रणाली की व्यवस्था की है। बंदियों को एक साथ संबोधित किया जा सके, इसके लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम की व्यवस्था की गई है। मल्टी मीडिया प्रोजेक्टर के साथ-साथ गुड प्रिजन प्रैक्टिस के प्रचार प्रसार और फोटोग्राफी के लिए सभी कारागारों को डिजिटल कैमरे दिए गए हैं। अब कारागारों में बंदियों के मनोरंजन के लिए एलईडी टेलीविजन के साथ-साथ ठंड में गीजर की भी सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

उत्तर प्रदेश सुरक्षा मुख्यालय के माध्यम से कारागारों में विभिन्न स्थानों पर जमीन के नीचे, नालियों, टेरिस और अन्य स्थानों पर छिपाई गई बड़ी या छोटी से छोटी धात्विक सामग्री की विश्वसनीय तलाशी के लिए डीप सर्च मेटल डिटेक्टर की सुविधा दी गई है। प्रदेश की सभी कारागारों में दो या एक की संख्या में और प्रशिक्षण उपयोग के लिए डॉ. सम्पूर्णानन्द कारागार प्रशिक्षण संस्थान में कुल 121 डीप सर्च मेटल की व्यवस्था की गई है। कारागारों के अंदर संचार व्यवस्था को सु²ढ़ करने के लिए हैण्डहैल्ड और स्टैटिक वायरलेस सेट स्थापित किए गए हैं। वर्तमान में प्रदेश की सभी कारागारों में कम से कम 10 हैण्डहेल्ड और एक स्टैटिक सेट के साथ-साथ बड़े कारागारो में 20 हैंडसेट और 01 स्टैटिक सेट स्थापित हैं।

जेलों को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने की वजह से ही विचाराधीन बंदियों की रिमांड के लिए प्रदेश की कारागारों और जनपद न्यायालयों में वीडियो कांफ्रेंसिंग इकाइयों की व्यवस्था कराई गई है। अभी तक प्रदेश में संचालित 75 जिलों में से 73 जनपद न्यायालयों और संचालित 70 कारागारों में इकाईयां स्थापित हैं। सीआरपीसी की धारा-167 (2) के अधीन विचाराधीन बन्दियों की रिमाण्ड की कार्यवाही इन इकाईयों के माध्यम से हो रही है। अभी तक लगभग 17 लाख बन्दियों की रिमाण्ड वीडियो कान्फ्रेन्सिंग के माध्यम से सम्पादित होने से जहां सुरक्षा जोखिम कम हुई है, वही शासकीय धन की बचत भी हुई है। (आईएएनएस)


10-Apr-2021 6:30 PM 45

नयी दिल्ली, 10 अप्रैल | दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को कहा कि सरकार राष्ट्रीय राजधानी में तालाबंदी की योजना नहीं बना रही है। हालांकि, उन्होंने संकेत दिया कि सरकार आने वाले दिनों में कुछ और प्रतिबंध लगाने की योजना बना रही है। केजरीवाल ने वरिष्ठ डॉक्टरों के साथ समीक्षा बैठक के बाद कहा, "लॉकडाउन कोई विकल्प नहीं है। हालांकि, हम वायरस के प्रसार को रोकने के लिए कुछ प्रतिबंध लगाएंगे। दिल्ली सरकार आने वाले कुछ दिनों में कुछ नए प्रतिबंध लगाएगी।"

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि दिल्ली सहित पूरे देश में नए कोविड -19 के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है। केजरीवाल ने कहा, "हमें एक साथ टीकाकरण अभियान को तेज करने की जरूरत है और साथ ही ऐसे उपाय भी करने चाहिए जो अस्पताल प्रबंधन को समान रूप से प्रभावी बनाने के साथ वायरस के प्रसार को प्रभावी रूप से दूर कर सकें।"

उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रीय राजधानी कोरोनावायरस की चौथी लहर का सामना कर रही है। आखिरी लहर नवंबर में थी, जिसके बाद दिल्ली में मामले कम हो गए थे और स्वास्थ्य एजेंसियां शिथिल होने लगी थीं। केजरीवाल ने कहा, "यह जरूरी है कि वे अपनी गति को फिर से हासिल करें और उसी कुशल तरीके से काम करना शुरू करें।

एलएनजेपी के एक वरिष्ठ चिकित्सक, जो कि प्रशासन के प्रभारी भी हैं, अंकित गुप्ता ने आईएएनएस को बताया कि अस्पताल में 2000 बेड में से 1500 कोविड -19 संक्रमित रोगियों के लिए आरक्षित किए गए हैं जबकि 500 गैर-कोविड बेड हैं। उन्होंने कहा, "हमने अभी तक गैर-कोविड सेवाओं को निलंबित नहीं किया है, लेकिन अगर स्थिति की मांग की जाती है, तो आने वाले दिनों में एक और निर्णय लिया जा सकता है।" (आईएएनएस)


10-Apr-2021 6:29 PM 25

कोलकाता, 10 अप्रैल | अवैध कोयला तस्करी मामले के कथित किंगपिन अनूप मांझी ऊर्फ लाला से एक बार फिर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) मामले के संबंध में पूछताछ कर रही है। सीबीआई अधिकारियों के अनुसार, मांझी सुबह 11 बजे के आसपास सीबीआई के सामने पेश हुए।

सीबीआई के एक अधिकारी ने कहा कि उनसे मामले के संबंध में और राज्य में उनके वित्तीय व्यवहार और उनकी संपत्तियों के बारे में पूछताछ की जा रही है।

सीबीआई ने इससे पहले 1 अप्रैल, 6 और 8 अप्रैल को 30 मार्च को और मामले के सिलसिले में पूछताछ की थी।

माझी के करीबी सहयोगी गणेश बावरिया से 3 अप्रैल को पूछताछ की गई, और बीरभूम के पूर्व पुलिस अधीक्षक श्याम सिंह से 1 अप्रैल को पूछताछ की गई थी

5 अप्रैल को, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मांझी की 165.86 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को जब्त किया था। (आईएएनएस)


10-Apr-2021 4:05 PM 21

कोलकाता/नई दिल्ली, 10 अप्रैल: पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले में शनिवार को स्थानीय लोगों द्वारा हमला किए जाने के बाद CISF ने कथित तौर पर गोलियां चलाई जिसमें चार लोगों की मौत हो गई.  विशेष पर्यवेक्षकों की एक अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर उस पोलिंग बूथ पर मतदान स्थगित कर दिया गया है और शाम को मुख्य निर्वाचन आयोग से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. वहीं इस हिंसा के बाद बीजेपी और टीएमसी में वार पलटवार का दौर तेज हो चला है.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीआईएसएफ की गोलीबारी में चार लोगों के मारे जाने पर बंगाल में एक रैली में कहा कि कूचबिहार में जो कुछ हुआ वह दुखद है, जिन लोगों की मृत्यु हुई है, मैं उनके निधन पर दुख जताता हूं. बीजेपी के पक्ष में जनसमर्थन देख कर दीदी और उनके गुंडों में बौखलाहट हो रही है.

पीएम मोदी ने कहा कि दीदी ये हिंसा, लोगों को सुरक्षा बलों पर आक्रमण करने के उकसाने के तरीके, चुनाव प्रक्रिया में रोड़े अटकाने के तरीके आपको नहीं बचा पाएंगे. उन्होंने कहा कि आपके 10 साल के कुकर्मों से ये हिंसा आपकी रक्षा नहीं कर सकती है. उन्होंने कहा अपनी कुर्सी जाते देख, दीदी इस स्तर पर उतर आई हैं. लेकिन मैं दीदी, TMC, उनके गुंडों को साफ-साफ कह देना चाहता हूं. दीदी और TMC की मनमानी बंगाल में नहीं चलने दी जाएगी.मेरा चुनाव आयोग से आग्रह है कि कूचबिहार में जो हुआ, उसके दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई हो.

वहीं ममता बनर्जी ने इस घटना को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर जोरदार प्रहार करते हुए गृहमंत्री अमित शाह का इस्तीफा मांगा है. उन्होंने कहा कि CISF ने आज सीतलकुची (कूच बिहार) में 4 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी है. सुबह एक और मौत हुई थी. CRPF मेरी दुश्मन नहीं है, लेकिन गृह मंत्री के निर्देश पर एक साजिश चल रही है और आज की घटना एक सबूत है. 

बताते चलें कि कूच बिहार की घटना के बाद टीएमसी नेताओं का एक प्रतिनिधि मंडल चुनाव आयोग से मुलाकात करने पहुंचा तो वहीं बीजेपी का एक प्रतिनिधि मंडल शाम तक चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात करने पहुंचेगा. इसके अलावा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कल कूचबिहार में उस जगह का दौरा करेंगी, जहां आज फायरिंग में चार लोगों की मौत हो गई.  (ndtv.in)
 


10-Apr-2021 4:04 PM 28

नई दिल्ली, 10 अप्रैल: कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शनिवार को आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार ने कोरोना महामारी में कुप्रबंधन किया और टीके का निर्यात कर देश में इसकी कमी होने दी. उन्होंने पार्टी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और कांग्रेस के गठबंधन वाली प्रदेश सरकारों में शामिल पार्टी के मंत्रियों की बैठक में यह भी कहा कि कोरोना के संक्रमण के प्रसार से निपटने के लिए सख्त कदम उठाने तथा साथ ही कमजोर तबकों की मदद करने की जरूरत है. वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से हुई बैठक में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भी मौजूद थे.

सोनिया ने कहा, ‘कोरोना वायरस संक्रमण बढ़ रहा है और ऐसे में मुख्य विपक्षी दल के तौर पर हमारी यह जिम्मेदारी है कि हम मुद्दों को उठाएं और सरकार पर दबाव बनाएं कि वह जनसंपर्क की तरकीबें अपनाने की बजाय जनहित में काम करे.' उन्होंने इस बात पर जोर दिया, ‘पारदर्शिता होनी चाहिए. सरकार को कांग्रेस शासित समेत सभी राज्यों में संक्रमण और मौत के वास्तविक आंकड़े पेश करने चाहिए.'

केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए सोनिया ने कहा, ‘हमें सबसे पहले भारत में टीकाकरण अभियान पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और इसके बाद टीके का निर्यात करना और दूसरे देशों के तोहफे में देना चाहिए. हमें इस बात पर जोर देना होगा कि जिम्मेदाराना व्यवहार हो और बिना किसी अपवाद के कोविड संबंधी दिशानिर्देंशों एवं सभी कानूनों का पालन किया जाए.'

कांग्रेस अध्यक्ष के मुताबिक, संघवाद का सम्मान करते हुए राज्यों के साथ सहयोग करना और विपक्ष की ओर से केंद्र सरकार के प्रयासों में सहयोग करना इस महामारी के खिलाफ लड़ाई में समान रूप से महत्वूपर्ण है. इस लड़ाई में सब एकजुट हैं. उन्होंने आरोप लगाया, ‘मोदी सरकार ने इस परिस्थिति में कुप्रबंधन किया. टीके का निर्यात कर दिया और देश में टीके की कमी होने दी.'

सोनिया ने कहा, ‘चुनावों के लिए बड़े पैमाने पर लोगों का जमा होने और धार्मिक आयोजनों से कोविड के मामलों में तेजी आई है. इसके लिए हम सभी कुछ हद तक जिम्मेदार हैं. हमें यह जिम्मेदारी स्वीकार करने और राष्ट्र के हित को खुद से ऊपर रखने की जरूरत है.'

उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासित राज्यों में कोरोना के संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है तथा इन कदमों से प्रभावित होने वाले कमजोर तबकों की मदद भी होनी चाहिए. (ndtv.in)
 


10-Apr-2021 3:54 PM 27

हिंगलगंज,10 अप्रैल :  पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लोगों से शांत रहने की शनिवार को अपील की और सीआईएसएफ पर सीतलकूची में पंक्तिबद्ध खड़े मतदाताओं पर गोलियां चलाने का आरोप लगाया. बनर्जी ने यहां एक जनसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस बात का जवाब देने को कहा कि राज्य विधानसभा के चौथे चरण के मतदान के दौरान कूचबिहार जिले के सीतलकूची में केंद्रीय बलों की गोलीबारी में लोगों की जानें क्यों गईं. उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय बलों के ‘‘अत्याचार'' को देखकर उन्हें काफी समय से ऐसा कुछ होने की आशंका थी. 

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘इतने लोगों को मारने के बाद वे (निर्वाचन आयोग) कह रहे हैं कि आत्मरक्षा में गोलीबारी की गई. उन्हें शर्म आनी चाहिए. यह एक झूठ है.'' बनर्जी ने कहा, ‘‘सीआईएसएफ ने मतदान के लिए पंक्ति में खड़े लोगों पर गोलीबारी की और सीतलकूची में चार लोगों को मार दिया. मुझे इस बात की लंबे समय से आशंका थी कि बल इस प्रकार की कार्रवाई करेंगे. भाजपा जानती है कि उसने लोगों का जनाधार खो दिया है, इसलिए वह लोगों को मारने का षड्यंत्र रच रही है.'' उन्होंने आरोप लगाया कि यह शाह की रची साजिश का हिस्सा था. 

बनर्जी ने कहा, ‘‘बहरहाल, मैं सभी से शांत रहने और शांतिपूर्ण रूप से मतदान करने की अपील करूंगी. उन्हें हराकर मौत का बदला लें.'' मुख्यमंत्री ने कहा कि इस चुनाव में मारे गए लोगों की संख्या तीन साल पहले हुए पंचायत चुनाव से कहीं अधिक है. उन्होंने कहा, ‘‘यदि आप चुनाव की शुरूआत होने से ले कर अब तक मारे गए लोगों की कुल संख्या की गिनती करें, तो करीब 17-18 लोग मारे जा चुके हैं. कम से कम 12 लोग केवल हमारी पार्टी के थे.'' 

बनर्जी ने कहा कि निर्वाचन आयोग को आज हुई घटना को लेकर लोगों को स्पष्टीकरण देना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘‘हम प्रशासन के प्रभारी नहीं हैं. आयोग प्रशासन का प्रभारी है.'' बनर्जी ने कहा, ‘‘उन्होंने वरिष्ठ आईपीएस सुरजीत कर पुरकायस्थ को हटा दिया. उन्होंने आरपीएफ से कनिष्ठ दर्जे के सेवानिवृत्त अधिकारी एवं मेरे ओएसडी अशोक चक्रवर्ती को हटा दिया. फिर भी निर्वाचन आयोग चुनाव की निगरानी के लिए यहां सेवानिवृत्त अधिकारियों को ला रहा है.'' (ndtv.in)
 


10-Apr-2021 2:52 PM 32

कोलकाता, 10 अप्रैल | बंगाल में चौथे चरण के मतदान के दौरान दो अलग-अलग जगहों पर हिंसा की घटनाओं में पांच लोगों की मौत हो गई है। शनिवार को कूचबिहार जिले के सीताकुल्ची विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत माथाभांगा ब्लॉक में उपद्रवियों के एक समूह को काबू में लाने के लिए केंद्रीय बलों द्वारा गोलीबारी किए जाने के दौरान चार लोगों की मौत हो गई। इसी निर्वाचन क्षेत्र में हुई एक दूसरी घटना में पहली बार मतदान कर रहे एक मतदाता की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसी के साथ कुल मौतों की संख्या पांच दर्ज हुई है।

चुनाव आयोग के सूत्रों ने कहा कि विशेष पुलिस पर्यवेक्षक विवेक दुबे के पास पहुंची प्रारंभिक रिपोर्ट में सुझाया गया है कि केंद्रीय बलों को आत्मरक्षा के लिए गोलियां चलानी पड़ीं।

रिपोर्ट के मुताबिक, सीताकुल्ची के जोर पाटकी गांव के आमतली में 126 नंबर के मतदान केंद्र में सुबह से तनाव का माहौल था क्योंकि यहां मतदान केंद्र के सामने 400 से अधिक लोगों की भीड़ जमा हुई थी। केंद्रीय बलों ने जब भीड़ को वहां से हटाने की कोशिश की, तो और भी लोगों ने भीड़ लगाना शुरू कर दिया था। भीड़ ने सुरक्षा बलों से बंदूके छीनने की कोशिश भी की। इस स्थिति के चलते बलों को गोलीबारी करनी पड़ी, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई।

चुनाव आयोग ने सीईओ अरीज आफताब से एक विस्तृत रिपोर्ट की मांग की है। पश्चिम बंगाल के उप चुनाव आयुक्त सुदीप जैन ने सीईओ से घटना के वीडियो फुटेज सहित एक विस्तृत रिपोर्ट भेजने को कहा है। जैन ने यह भी जानना चाहा कि आखिर किन कारणों से बल द्वारा लोगों पर गोलियां चलाई गईं। आयोग ने घटना की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।

कूचबिहार में ही हुई एक दूसरी घटना में पहली बार मतदान करने गए 18 वर्षीय आनंद बर्मन की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वोट देकर मतदान केंद्र से बाहर आने के बाद कुछ अज्ञात हमलावरों के द्वारा आनंद को गोली मार दी गई। सीताकुल्ची के ही एक स्वास्थ्य केंद्र में आनंद को ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। इस घटना में आनंद की मां भी चोटिल हुई हैं। (आईएएनएस)


10-Apr-2021 2:47 PM 17

नई दिल्ली, 10 अप्रैल : दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आज खुद हालात का जायजा लेने के लिए सबसे बड़े कोविड अस्पताल एलएनजेपी पहुंचे. इस मौके पर उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि एक तरफ हम लोगों को वैक्सीनेशन तेज करने की जरूरत है और दूसरी ओर संक्रमण को फैलने से बचाने की जरूरत है, साथ ही हॉस्पिटल मैनेजमेंट को भी दुरुस्त करने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि दिल्ली में कोरोना की यह चौथी लहर है. केस कम होने के चलते सिस्टम में थोड़ा ढीलापन आ गया था. उन्होनें कहा कि आज LNJP का सारा सिस्टम वापस देखा, जिस तरह से हमने मिलकर कोरोनो को पिछली लहर में हराया था. उसी स्तर की तैयारी को वापस दिल्ली सरकार और सारे हॉस्पिटल मिलकर कर रहे हैं. 

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज LNJP का मुआयना किया जो ज़रूरत है अस्पताल में उसे MS और डॉक्टर्स ने हमें बताया उन सारी चीज़ों को पूरा करेंगे और दिल्ली के लोगों को किसी तरह की तकलीफ नहीं होने देंगे. अगर कोई बीमार होता है और उसे हॉस्पिटल की ज़रूरत है तो हमारी पूरी कोशिश है कि उसे अच्छे से अच्छे अस्पताल में व्यवस्था मिले. वैक्सीनेशन पर बात करते हुए उन्होंने कहा वैक्सीनेशन को लेकर मैंने प्रधानमंत्री को चिठ्ठी भी लिखी है. दिल्ली में मैं अपनी व्यवस्था बता सकता हूँ बाकी देश के बारे में बात नहीं कर सकता... अगर हमें समुचित संख्या में वैक्सीन की डोज़ उपलब्ध करा दी जाए, उम्र की सीमा हटा दी जाये और वैक्सीनेशन सेंटर्स के नियम में बड़े स्तर पर वैक्सीनेशन सेंटर्स खोलने की इजाज़त दे दी जाए तो हम 2-3 महीने के अंदर पूरी दिल्ली को वैक्सीनेट कर सकते हैं. 

दिल्ली में वैक्सीन की कमी पर बात करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में आज की तारीख में हमारे पास 7-10 दिन की वैक्सीन है और बहुत कठोर शर्तें हैं, 45 साल से कम आयु वालों को लगा नहीं सकते, उन्होंने कहा कि मुझे लगता है इस समय ये शर्ते हटाने की ज़रूरत है. हमें बहुत बड़े स्तर पर वैक्सीनेशन ड्राइव करने की ज़रूरत है. उन्होंने कहा कि दिल्ली के अस्पतालों में बेड्स और वेंटिलेटर को लेकर हम अभी अच्छी स्थिति में है. पिछली लहर के मुकाबले इस बार मामले कहां तक जाएंगे के सवाल पर उन्होंने कहा कि स बारे में अभी कोई भी कुछ भी कहने की स्तिथि में नहीं है कि इसकी पीक कहां तक जाएगी... हम इतना ही कर सकते हैं कि अपने आप को इसके लिये तैयार कर सकते हैं... उन तैयारियों में कोई कमी नहीं होनी चाहिए. 

केजरीवाल ने लॉकडाउन की संभावनाओं को खारिज करते हुए कहा कि फिलहाल लॉकडाउन नहीं कुछ पाबंदियों की जरूरत है, जिसकी सूचना आज या कल में दे दी जाएगी. उन्होंने बताया कि दिल्ली में कोविड सेंटर बनाये जा रहे हैं, कुछ शुरू भी हो चुके हैं. उन्होंने बताया कि LNJP में कुल 2 हज़ार बेड हैं. पिछली बार पूरे 2000 बेड कोरोना में लगे हुए थे. अभी हमने फिलहाल 1500 बेड को कोविड घोषित किया है 500 अभी भी नॉन-कोविड में चल रहे हैं. OPD धीरे धीरे कम कर रहे हैं.  (ndtv.in)
 


10-Apr-2021 2:46 PM 18

मुंबई, 10 अप्रैल : मुंबई में शुक्रवार को एक भयंकर रोड हादसे में एक युवक की जान चली गई. इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें घटनाक्रम देखा जा सकता है और वीडियो देखकर साफ है कि कैसे किसी और की लापरवाही से किसी की जान चली गई. महज थोड़ी सी सावधानी रखकर इस घटना को टाला जा सकता था. 

दरअसल, मुंबई के बोरिवली में हुई इस घटना में एक कार चालक की लापरवाही ने एक स्कूटी ड्राइवर की जान ले ली. यह हादसा बिना पीछे देखे बीच सड़क के खड़ी कार का दरवाजा खोलने से हुआ. अचानक से दरवाजा खुलने से स्कूटी सवार खुद को बचाने की कोशिश से बस के नीचे आ गया. सीसीटीवी में कैद ये हादसा दिल दहला देने वाला है.

अगर सीसीटीवी फुटेज पर नजर डालें तो देखा जा सकता है कि सड़क पर एक कार खड़ी है. पीछे से गाड़ियां आ रही हैं. तभी कार का ड्राइवर गाड़ी का दरवाजा खोलकर बाहर आता है, लेकिन इसी दौरान पीछे से एक बस और एक स्कूटी ड्राइवर आ रहे थे. कार के दरवाजे से बचने की कोशिश में स्कूटी ड्राइवर बगल से गुजर रही बस के नीचे आ जाता है और बस का पिछला पहिया उसके ऊपर से गुजर जाता है.

इतने में बहुत से लोग आसपास से आ जाते हैं और स्कूटी ड्राइवर की मदद करने लगते हैं. कार ड्राइवर को वहां खड़े देखा जा सकता है. एक शख्स मृतक की स्कूटी साइड में खड़ी करता है. हालांकि, हादसे में स्कूटी ड्राइवर की मौत हो गई.

यह हादसा 9 अप्रैल को मुंबई के बोरीवली के पूर्व दौलत नगर में उत्सव होटल के सामने हुआ, जिसमें 19 साल के युवक की मौत हो गई. मृतक का नाम अमन यादव है. स्थानीय पुलिस मामले की जांच कर रही है. (ndtv.in)
 


10-Apr-2021 2:14 PM 18

नई दिल्ली, 10 अप्रैल : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की करीबी और TMC की नेता सुजाता मंडल की बंगाल के दलितों को लेकर टिप्पणी विवादों के घेरे में आ गई है. एक टीवी चैनल के कार्यक्रम के दौरान  मंडल, दलितों को 'स्वभाव से भिखारी' बताती हुई नजर आ रही हैं. बीजेपी ने अपने ट्विटर अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया है, जहां सुजाता यह कहती हुई दिखाई दे रही हैं कि ममता बनर्जी ने दलित वर्ग के लिए खासा काम किया है लेकिन फिर भी यह लोग बीजेपी के खेमे की तरफ जाते हुए दिखाई दे रहे हैं. क्योंकि यह स्वभाव से ही भिखारी होते हैं. इस वीडियो के साथ बीजेपी ने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट पर लिखा कि क्या बंगाल के लोग टीएमसी को सत्ता से बेदखल करके जवाब देंगे. 

बीजेपी बंगाल ने इस ट्वीट में दलित समाज के राजबंशी, मातु, नमसुद्र का जिक्र करते हुए कहा कि यह लोग इससे बेहतर डिजर्व करते हैं. बताते चलें कि सुजाता मंडल बीजेपी सांसद की पत्नी हैं और हाल ही उन्होंने टीएमसी का दामन थामा है. सुजाता ने यह दावा करते हुए ममता बनर्जी की पार्टी का दामन थाम लिया था कि BJP में विश्वासपात्र नेताओं की जगह भ्रष्ट नेताओं को ज्यादा तवज्जो दिया जा रहा है. पत्नी के TMC में शामिल होने के बाद सौमित्र ने आनन-फानन में अपनी 10 साल की शादी को खत्म करने का ऐलान किया था. 

पश्चिम बंगाल के तीसरे चरण के दौरान सुजाता पर हमला भी हुआ था. सुजाता पर आरामबाग में हमला करने के मामले में पुलिस ने TMC के तीन और BJP के दो कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है. हमले का एक वीडियो सामने आया था जहां कि तृणमूल नेता का कुछ लोग पीछा कर रहे हैं जिनके हाथों में लाठी एवं लोहे की छड़े हैं और इसके बाद सिर पर लाठी से हमला भी किया जाता है.  (ndtv.in)


10-Apr-2021 2:11 PM 18

नई दिल्ली, 10 अप्रैल : मंदिरों के शहर वाराणसी में कोविड के बढ़ते मामलों के बीच कई एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं. इसी क्रम में यहां प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर में गर्भ गृह में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है. मंदिर प्रशासन ने कोविड को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया है. अब श्रद्धालु पूजा के लिए गर्भ गृह में प्रवेश नहीं कर सकेंगे. ध्यान देने वाली बात है कि बाकी मंदिर परिसर खुला रहेगा, मंदिर नहीं बंद किया जा रहा है. 

वहीं, चूंकि शहर में नाइट कर्फ्यू लगा हुआ है, ऐसे में श्रद्धालुओं को सुबह होने वाली 'मंगला आरती' में भी शामिल होने की अनुमति नहीं है. न्यूज एजेंसी ANI ने इसकी जानकारी दी है.

अभी शुक्रवार की शाम को ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ काशी विश्वनाथ मंदिर दर्शन के लिए पहुंचे थे और यहां पर पूरे विधि-विधान से दर्शन-पूजन किया था. उन्होने यहां षोडशोपचार पूजन के बाद निर्माण कार्यों की जानकारी ली. मुख्यमंत्री ने वाराणसी में कोविड-19 के हालात की भी समीक्षा की और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए थे, जिसके अगले दिन मंदिर की ओर से यह जानकारी आ रही है.

बता दें कि अभी गुरुवार को ही वाराणसी में नाइट कर्फ्यू की घोषणा हुई है. वाराणसी के जिलाधिकारी के आर शर्मा ने गुरुवार की रात से 15 अप्रैल की रात तक रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक कर्फ्यू लगाने की घोषणा की थी. इस कर्फ्यू के तहत जनसामान्य और उनकी गाड़ियों का आवागमन और जनसामान्य का घर से बाहर निकलना और सभी व्यापारिक व व्यवसायिक गतिविधियों को रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक प्रतिबंधित किया गया है. 

हालांकि, इस कर्फ्यू से सुबह की दूध सप्लाई व सब्जी मंडी और रात में दवा की दुकानों को छूट दी गई है. अधिकारी ने बताया था कि चिकित्सा, नर्सिंग एवं पैरा मेडिकल संस्थानों को छोड़कर समस्त सरकारी, गैर सरकारी अथवा निजी विद्यालय, महाविद्यालय, शैक्षणिक संस्थान एवं कोचिंग संस्थान बंद रहेंगे. (ndtv.in)
 


10-Apr-2021 1:58 PM 43

मनोज पाठक 

पटना, 10 अप्रैल | बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से अलग होकर चुनाव लड़ने वाली लोक जनशक्ति पार्टी इन दिनों संकट के दौर से गुजर रही है। लोजपा के इकलौते विधायक राजकुमार सिंह के जनता दल (युनाइटेड) का दामन थाम लेने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भी लोजपा में सेंध लगाने की तैयारी में है।

विधानसभा चुनाव के ठीक पहले भाजपा के कई नेता टिकट नहीं मिलने या पार्टी से नाराजगी के कारण भाजपा को छोडकर चिराग पासवान की पार्टी लोजपा का दामन थाम लिया था। उस समय इसे लेकर भाजपा की सहयोगी पार्टी जदयू ने नाराजगी भी दिखाई थी।

विधानसभा चुनाव में लोजपा जहां एक सीट पर ही जीत दर्ज कर सकी, जबकि भाजपा राजग में सबसे अधिक सीट जीतकर बड़े भाई की भूमिका में पहुंच गई है। ऐसी स्थिति में भाजपा को छोड़कर लोजपा में जाने वाले नेताओं ने अब नरमी दिखाना प्रारंभ कर दिया है।

भाजपा के सूत्र भी कहते हैं कि पार्टी छोड़कर गए नेताओं के प्रति भाजपा का नेतृत्व भी सख्त नहीं है। ऐसे में तय माना जा रहा है कि ऐसे नेता एकबार फिर से भाजपा में शामिल होंगे।

भाजपा के एक दिग्गज नेता ने नाम नहीं प्रकाशित करने की शर्त पर कहते हैं कि पार्टी अब अपने जनाधार को राज्य में मजबूत करना चाहती है। पार्टी के कुछ लोग नाराजगीवश पार्टी छोड़कर भले ही गए हो, लेकिन अगर वे अपनी गलती मान लेते हैं, तो उन्हें पार्टी में वापस लेने में कोई परेशानी नहीं है। उन्होंने तो यहां तक कहा कि पार्टी छोड़कर गए सभी नेताओं को पार्टी में शामिल करने की तैयारी है, जो भाजपा के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

उल्लेखनीय है कि चुनाव के बाद लोजपा के इकलौते विधायक राजकुमार ने चिराग पासवान का दामन छोड़ जदयू का हाथ थामा है। इससे पहले लोजपा के 200 से ज्यादा नेता जदयू में शामिल हो चुके हैं।

भाजपा से दूसरे दलों में शामिल हुए नेताओं में से कुछ ने पार्टी अपनी इच्छा के अनुसार छोड़ी थी, तो कुछ को अनुशासनहीनता के कारण निकाल दिया गया था। इनमें कुछ पूर्व विधायक, जिलाध्यक्ष और संगठन से जुड़े हुए हैं। अब पार्टी की नजर ऐसे नेताओं पर है, जिन्होंने दूसरे दल में जाने के बाद भी भाजपा के खिलाफ नहीं कहा है।

पूर्व विधायक रामेश्वर चौरसिया पहले ही लोजपा से इस्तीफा दे चुके हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि यह कभी भी भाजपा का दामन थाम सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा छोड़कर लोजपा में गए राजेंद्र सिंह, पूर्व विधायक उषा विद्यार्थी भी भाजपा में फिर से लौटना चाहते हैंे।

सूत्रों का कहना है कि ऐसे दो दर्जन से ज्यादा नेताओं की भाजपा ने पहचान कर ली है, जो भाजपा में फिर से आ सकते हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का भी कहना है कि भाजपा को छोड़कर गए नेता भले ही पार्टी छोड़कर गए हो, लेकिन अब तक पार्टी के खिलाफ कोई भी बयान नहीं दिया है। ऐसे में पार्टी अपने संगठन को मजबूत करने के लिए ऐसे नेताओं पर डोरे डाल रही है। देखना है कि इन नेताओं की फिर से कब 'घर वापसी' होती है। (आईएएनएस)
 


10-Apr-2021 1:57 PM 28

कुशीनगर, 10 अप्रैल | उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भूख, कुपोषण, बदहाली और उपेक्षा का दंश झेल रहे मुसहर समाज के जीवन में व्यापक परिवर्तन लेकर आए हैं। अब आलम यह है कि उन्हें न सिर्फ सरकार की सभी योजनाओं का लाभ मिल रहा है, बल्कि वह अब फर्श से अर्श का सफर कर रहे हैं। कुशीनगर जिले में 138 ग्राम सभाओं में 159 बस्तियों में मुसहर समाज के 10,414 परिवार हैं। चार साल पहले तक राशन के अभाव में भूख, कुपोषण, बीमारी और मौत ही इन्हें सुर्खियों में लाते थे, लेकिन किसी सरकार ने इनकी सुध नहीं ली। बेबसी में जीवन से संघर्ष कर मुसहर भगवान को कोसने के अलावा कुछ कर भी नहीं पाते थे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सत्ता में आते ही इनके लिए न सिर्फ नई योजनाओं की शुरुआत की, बल्कि धरातल पर योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए अधिकारियों के भी पेंच कसे।

अब इन परिवारों में से 9,336 को अंत्योदय कार्ड और 1078 को पात्र गृहस्थी के तहत राशन कार्ड मिल चुका है। चूंकि सरकार की सख्ती राशन वितरण प्रणाली पर सतत रहती है, इसलिए इन मुसहरों को समय से चावल, गेहूं के साथ ही चना भी उपलब्ध कराया जाता है।

मुसहर बाहुल्य कुशीनगर के 10 ब्लॉकों में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत 7894 और इससे छूटे मुसहरों के मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत 2572 घर बन चुके हैं। स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के साथ 10,159 परिवारों को शौचालय की भी सुविधा मिली है।

मुसहरों के जीविकोपार्जन में कोई बाधा न आए, इसके लिए कुशीनगर जिले में मनरेगा के तहत 10,320 मुसहरों के जॉब कार्ड बनाए गए हैं और उन्हें समय से रोजगार मुहैया कराने के लिए सीएम योगी ने स्पष्ट निर्देश दे रखे हैं। पेंशन योजनाओं में पात्रों का चयन कर लाभान्वित करने का कार्य भी तेजी से किया गया, जिस कारण 1297 को वृद्धावस्था पेंशन और 180 को विकलांग पेंशन का लाभ मिल रहा है। सीएम योगी की मंशा के अनुरूप सभी पात्रों को योजनाओं का लाभ मिलेगा। इसके लिए आवास, शौचालय और पेंशन आदि योजनाओं के लिए लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया भी जारी है।

मुसहरों के लिए मकान और बच्चों की शिक्षा की बात सोचनी ही बेमानी थी, दो वक्त की रोटी के इंतजाम के ही लाले थे। लेकिन 'दलितों में भी दलित' समझे जाने वाले मुसहर समाज के लिए अब यह बातें इतिहास के पन्नों में सिमट रही हैं। सीएम योगी ने उन्हें तेजी से समाज और विकास की मुख्य धारा से जोड़ा है। मुसहर अब सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों में गिने जाते हैं। आवास, जमीन, शौचालय, बिजली, रसोई गैस, पेयजल, राशन कार्ड, पेंशन योजनाओं का लाभ, मनरेगा के तहत रोजगार सब कुछ उनके लिए सुलभ हो चुका है। मुसहरों की आगे की पीढ़ी और तरक्की करे, इसके लिए उनके बच्चे स्कूल भी जाने लगे हैं।

मार्च 2017 में सूबे की सत्ता संभालने के बाद से ही योगी सरकार ने ऐसे वंचित तबकों को अभियान चलाकर योजनाओं का लाभ पहुंचाया है। योगी सरकार की मंशा मुस (चूहा) पकड़ने वाले मुसहरों की वर्तमान और अगली पीढ़ी को कंप्यूटर का माउस पकड़ाने की है, ताकि वे बदलते दौर में किसी से भी पीछे न रहे। बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ सरकार मुसहरों की शिक्षा पर भी खासा ध्यान दे रही है। मुख्यमंत्री योगी जब भी वनवासियों-आदिवासियों के बीच होते हैं, तो आत्मीयता से उन्हें शिक्षा के प्रति प्रेरित करते हैं।

घुरपट्टी बांसगांव के मुसहर राजेंद्र की बातें वाकई गौर करने लायक हैं। "चार बरिस पहिले अउर आज के जिनगी में जमीन-आसमान जइसन फरीक आइल बा। राशन कारड ते बनल ही, हर महीना समय से राशन भी मिल जाला, जबकि पहिले राशन के कउन कहे कर्डवे नाही बनल रहे।" वह बताते हैं, "जोगी जी ने हम्मन के खबर लिहले त लकडवून (लॉकडाउन) में भी काम होत रहल।" राजेंद्र मुसहर के आवास का निर्माण लॉकडाउन के ही दौरान हुआ, सौभाग्य योजना से निशुल्क बिजली कनेक्शन भी मिला।

भेंडी जंगल गांव में 101 मुसहरों को आवास मिल गया है, जो गिनती के बचे हैं, उनका आवास भी स्वीकृत हो चुका है।

भेंडी जंगल गांव की ही विधवा मुसहर इसरावती देवी के जीवन में आए बदलाव के बारे में पूछने पर वह भावुक हो जाती हैं। "मड़ई (झोपड़ी) में रहे के मजबूर मुसहरन के खातिर मकान, शौचालय, फिरी के बिजली, रसोई गैस, राशन सब जरुरति के पूरा कई दिहलन। मुसहरन के लइके अब पढ़े जालें।" वह बताती हैं कि कुछ लोगों के मकान बाकी रह गए हैं, उन्हें भी मिलने वाला है।

विधवती देवी और नरेंदर मुसहर के मुताबिक ऐसा लगता है कि उजाले की पहली किरण ने दस्तक दी है। उनका मानना है कि बदलाव की शुरुआत करने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अभी उन्हें बहुत कुछ देने वाले हैं।

जागरूकता अभियान से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता राजेश मणि बताते हैं कि वाकई योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद मुसहर समाज की दशा में अभूतपूर्व परिवर्तन आया है। योगी जी अपने संसदीय कार्यकाल से ही मुसहरों की बेहतरी के लिए प्रयासरत रहे हैं, उनको हक दिलाने के लिए पदयात्रा तक की है। अब जबकि सूबे की कमान उनके हाथों में है, उन्होंने संघर्ष के दिनों के मुद्दे को अमलीजामा पहनाया है।

योगी के मुख्यमंत्री बनने के बाद पूर्वाचल के सर्वाधिक मुसहर आबादी वाले जिले कुशीनगर में जुलाई, 2017 में मुसहर परिवार वेलफेयर सोसाइटी का गठन किया गया। इस सोसाइटी की प्रबन्ध कार्यकारिणी में डीएम अध्यक्ष, सीडीओ उपाध्यक्ष और एडीएम वित्त एवं राजस्व सचिव हैं। सीएमओ, डीआईओएस, बीएसए, डीएसओ, जिला गन्ना अधिकारी और जिला पंचायत राज अधिकारी सदस्य हैं। इसके अलावा समाज के 21 गणमान्य लोगों को सोसाइटी का सदस्य बनाया गया है। सोसाइटी मुसहर समाज के लिए योजनाओं के क्रियान्वयन पर मंथन करती है।

ब्लॉक मुसहर बाहुल्य ग्रामसभा

कसया 5

खड्डा 30

नेबुआ नौरंगिया 4

फाजिलनगर 10

तमकुहीराज 6

सेवरही 15

रामकोला 1

दुदही 36

विशुनपुर 14

पडरौना 17

मुसहर परिवारों की कुल संख्या 10,414

सर्वाधिक मुसहर परिवार, दुदही 2,770

अंत्योदय कार्ड 9,336

पात्र गृहस्थी कार्ड 1,078

जॉब कार्ड 10,320

शौचालय 10,159 (आईएएनएस)
 


10-Apr-2021 1:56 PM 34

चेन्नई, 10 अप्रैल | पीएमके (पाटली मक्कल काची) के संस्थापक एस रामदौस ने कोरोना के बढ़ते प्रसार के चलते केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा आयोजित 10वीं और 12वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षाएं और तमिलनाडु बोर्ड द्वारा आयोजित की जाने वाली 12वीं कक्षा की परीक्षा को रद्द करने की मांग की। रामदौस ने कहा कि अगर सीबीआई को परीक्षाएं आयोजित करनी ही है, तो ऑनलाइन आयोजित कर सकता है।

तमिलनाडु राज्य बोर्ड 12वीं कक्षा की परीक्षा को लेकर रामदौस ने कहा कि परीक्षा रद्द कर देनी चाहिए और छात्रों को स्कूल परीक्षा में उनके प्रदर्शन के आधार पर पास करना चाहिए।

बता दें, पीएमके और दूसरे राजनीतिक पार्टियों के नेताओं ने हाल ही में विधानसभा चुनाव के लिए रैलियों को संबोधित किया था, जिसमें हजारों लोग बिना सोशल डिस्टेंसिग का पालन किये बगैर वहां जमा हुए थे। (आईएएनएस)