राष्ट्रीय

11-Apr-2021 6:32 PM 27

सुमी खान

ढाका, 11 अप्रैल | बांग्लादेशी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (सीएएबी) ने रविवार को कहा कि वह सभी अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों को निलंबित करने की योजना बना रहा है, क्योंकि सरकार कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए 14 अप्रैल से सख्त लॉकडाउन करने जा रही है।

शनिवार को बांग्लादेश में पिछले 24 घंटे के दौरान पिछले सभी रिकॉडरें को तोड़ते हुए वायरस के कारण 77 लोगों ने अपनी जान गंवा दी।

बांग्लादेश के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि नए कोरोनावायरस मामलों की संख्या 5,343 दर्ज की गई है, जिसमें पिछले कुछ समय से कुछ कमी देखी गई है।

सीएएबी के अध्यक्ष एयर-वाइस मार्शल एम. मोफिदुर रहमान ने आईएएनएस को बताया कि इस मुद्दे पर अभी फैसला नहीं लिया गया है।

उन्होंने जानकारी देते हुए कहा, "उड़ानों का संचालन सरकार के निर्देशों पर निर्भर करेगा और अगर बुधवार से सख्त लॉकडाउन शुरू होता है तो सीएएबी सरकार के लॉकडाउन आदेश के अनुसार ही अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों पर निर्णय लेगा।"

इससे पहले 1 अप्रैल को सीएएबी ने एक कार्यालय आदेश जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि भारत, सिंगापुर, मलेशिया, चीन, ओमान और यूएई से बांग्लादेश आने वाले सभी यात्रियों के लिए अपने स्वयं के खर्च पर 4 दिनों तक होटल में क्वारंटीन रहना होगा। इसके अलावा, दोहा से यात्रियों को 18 अप्रैल तक बांग्लादेश में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी।

अध्यक्ष ने कहा कि चार्टर्ड उड़ानों, कार्गो उड़ानों और विभिन्न देशों और विदेशी नागरिकों के उच्चायुक्तों को ले जाने वाली विशेष उड़ानों पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा।

देश में सात दिवसीय लॉकडाउन के मद्देनजर बांग्लादेश के घरेलू मार्गों पर उड़ान संचालन निलंबित करने का फैसला लिया जा चुका है।(आईएएनएस)


11-Apr-2021 6:30 PM 18

पटना, 11 अप्रैल | मुंबई से पांच वापसीकर्ताओं का पटना हवाई अड्डे पर कोरोनावायरस के लिए सकारात्मक परीक्षण किया गया। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। संक्रमित व्यक्तियों को पटना के एक अलगाव केंद्र में भेजा गया है। उन्होंने शनिवार शाम को पटना के लिए उड़ान भरी थी। सिविल सर्जन विभा कुमारी ने कहा, "40 यात्री हैं जो महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों से आए हैं और पिछले दो दिनों में विभिन्न रेलवे स्टेशनों और पटना हवाई अड्डे पर सकारात्मक परीक्षण किया है।"

"अन्य राज्यों से आने वाले यात्रियों को हवाई अड्डे पर तेजी से एंटीजन परीक्षणों से गुजरना पड़ रहा है और सकारात्मक पाए जाने वालों को पुष्टि के लिए आरटी-पीसी परीक्षण से गुजरना पड़ता है। हम विशेष रूप से महाराष्ट्र के किसी भी यात्री को परीक्षण के बिना हवाई अड्डे से जाने की अनुमति नहीं दे रहे हैं।"

उन्होंने कहा, "हमने हवाई अड्डे, सभी रेलवे स्टेशनों और बस स्टैंडों पर मेडिकल टीमों को भी तैनात किया है। वे जिला पुलिस के साथ काम कर रहे हैं और मास्क के बिना इन स्थानों पर घूम रहे उल्लंघनकर्ताओं पर जुर्माना लगाया जा रहा है।"

इस बीच, पटना के स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार शाम को 1,431 कोरोना पॉजिटिव मामलों का पता लगाया, जो इस साल राजधानी शहर में एक दिन में सबसे अधिक है।

स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी के अनुसार, पटना एम्स के 2 और पीएमसीएच के 9 डॉक्टरों ने शनिवार को कोरोना पॉजिटिव परीक्षण किया ्रगया। इसके अलावा, कई नर्सों, वार्ड बॉय, लैब तकनीशियनों ने भी वायरस के लिए सकारात्मक परीक्षण किया है।

मरीज मोटे तौर पर बोरिंग रोड, पाटलिपुत्र कॉलोनी, कंकरबाग, बोरिंग कैनाल रोड, आशियाना नगर, राजीव नगर और दानापुर जैसे इलाकों से पाए गए थे।

सिविल सर्जन ने कहा, "हमने सदर में 142, बरह में 45, मसौढ़ी में 25, दानापुर में 11 और पालीगंज सब-डिविजन में 9 जिलों में 240 माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाए हैं।" (आईएएनएस)


11-Apr-2021 6:30 PM 24

मुंबई, 11 अप्रैल | कोविड-19 मामलों में ताजा उछाल से वैश्विक तेल बाजार में डिमांड रिकवरी में देरी की संभावना है। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज की एक हालिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। हालांकि, यह उल्लेख किया गया है कि आपूर्ति की कमी को सुनिश्चित करने के लिए ओपेक प्लस कैपिंग आपूर्ति के साथ, तेल की कीमतों पर काफी कम प्रभाव पड़ने की संभावना है।

रिपोर्ट में कहा गया है, "कोविड के मामलों में ताजा उछाल विशेष रूप से यूरोप में लॉकडाउन और टीकों के धीमे रोलआउट से कोविड से पहले के स्तर के हिसाब से डिमांड रिकवरी में देरी की संभावना है।"

इस प्रकार मांग में देरी से रिफाइनरियों के लिए सकल मार्जिन रिकवरी में देरी हो सकती है।

आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि वैश्विक तेल की मांग में वैक्सीन-चालित रिकवरी और रिफाइनरियों के स्थायी बंद होने का अनुमान है और कैलेंडर ईयर 21ई में वैश्विक रिफाइनरी उपयोग 77.8 प्रतिशत तक बढ़ने का अनुमान है, जो कि कैलेंडर ईयर 20ई में 37 साल के निचले स्तर 72.5 प्रतिशत से आगे बढ़ा है।

रिपोर्ट में यह भी अनुमान लगाया गया है कि वैश्विक रिफाइनरी उपयोग में धीरे-धीरे कैलेंडर ईयर 22ई 79.1 प्रतिशत और कैलेंडर ईयर 26ई में 80 प्रतिशत तक बढ़ सकता है।

कोरोनावायरस महामारी के कारण अभी तक वैश्विक स्तर पर औद्योगिक इकाई महामारी से पहले की स्थिति पर भी नहीं लौट पाई थी, वहीं अब दूसरी लहर ने उद्योग जगत की चिंता फिर बढ़ा दी है।  (आईएएनएस)


11-Apr-2021 6:28 PM 50

मोगा (पंजाब), 11 अप्रैल | पंजाब के मोगा शहर की 105 वर्षीय महिला करतार कौर ने रविवार अपने 80 वर्षीय बेटे और परिवार के सदस्यों के कोरोना की वैक्सीन लेकर एक मिसाल कायम की। आशंकाओं को दूर करने के लिए, उन्होंने सभी योग्य लोगों को सलाह दी कि वे वैक्सीनेशन करवाएं और वायरस को रोकने के लिए स्वास्थ्य प्रोटोकॉल का पालन करें।

हालांकि करतार कौर मोगा जिले के भिंदर खुर्द गांव से ताल्लुक रखती हैं, फिलहाल वह अपने बेटे हरपिंदर सिंह के साथ यहां रह रही हैं।

वह अपने परिवार के साथ वार्ड नंबर तीन में एक शिविर में टीकाकरण करवाने आईं थी। पूर्व पार्षद मनजीत सिंह मान द्वारा आयोजित शिविर में 188 लोगों का टीकाकरण किया गया।

वर्तमान में, मान की पत्नी अमनप्रीत कौर वार्ड की पार्षद हैं।

परिवार के अनुसार, करतार कौर ने बिना किसी अनुनय-विनय के अपनी इच्छा और ढृढ़ संकल्प के साथ वैक्सीन लेने का विकल्प चुना। उनका मानना है कि बीमारी से बचाव के लिए टीकाकरण अनिवार्य है।

उन्होंने कहा, "अगर आप टीका लगाने के योग्य नहीं हैं, तो आपको सरकार द्वारा बताए गए स्वास्थ्य प्रोटोकॉल का पालन करना चाहिए। मुझे वैक्सीन लगवाने के बाद कोई असुविधा नहीं हुई। एक स्वस्थ व्यक्ति को टीकाकरण के बाद किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों का डर नहीं होना चाहिए।"

उनकी प्रशंसा करते हुए, उपायुक्त संदीप हंस ने 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों से अपील की कि वे सभी आशंकाओं से छुटकारा पाएं और अपने और अपने परिवार का टीकाकरण करवाएं।

उन्होंने कहा कि सिविल अस्पताल और जिले के सभी नामित स्वास्थ्य केंद्रों में टीकाकरण किया जा रहा है। विभिन्न इलाकों में विशेष शिविर भी आयोजित किए जा रहे हैं।(आईएएनएस)


11-Apr-2021 6:27 PM 16

विशाखापत्तनम, 11 अप्रैल | आंध्रप्रदेश के दुव्वाड़ा में विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) में स्थित एक स्क्रैप में भीषण आग लग गई, जिससे यहां अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया। दमकलकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे और आग पर काबू पाने की कोशिश की। घटनास्थल के पास धुएं का विशाल गुब्बार देखा गया।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि हादसे की शुरूआत पूजा स्क्रैप इंडस्ट्री में हुई। स्क्रैपयार्ड के प्रबंधन ने कहा कि बिजली के शॉर्ट सर्किट से आग लगी थी, जो तेजी से फैल गई।

आसपास के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर धुएं के गुब्बार छाए रहने से लोगों में अफरातफरी का माहौल था। (आईएएनएस)


11-Apr-2021 6:26 PM 21

श्रीनगर, 11 अप्रैल | जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों ने पिछले 72 घंटों में हुई चार मुठभेड़ों के दौरान 12 आतंकवादियों को मार गिराया है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दिलबाग सिंह ने यह जानकारी दी है। उन्होंने पत्रकारों से कहा, "मारे गए आतंकवादी अल-बद्र, लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) और अंसार गजवातुल हिंद (एजीयूएच) संगठनों के थे।"

डीजीपी ने संवाददाताओं से कहा, "इनमें से एजीयूएच समूह के प्रमुख समेत 7 आतंकवादी, 3 अल-बद्र और 2 से लश्कर के आतंकवादी थे।"

उन्होंने कहा कि मारे गए लश्कर के 2 आतंकियों ने 9 अप्रैल को अनंतनाग जिले के बिजबेहरा में एक टेरिटेरियल आर्मी के जवान की हत्या की थी।

डीजीपी ने कहा, "दोनों हार्ड कोर आतंकवादी थे। 7 एजीयूएच आतंवादियों के खात्मे के साथ, संगठन का पूरी तरह सफाया हो गया है।"  (आईएएनएस)


11-Apr-2021 6:24 PM 19

नवनीत मिश्र 

नई दिल्ली, 11 अप्रैल | मोदी सरकार देश में पहली बार पांच तरह का ऐसा सर्वे करा रही है, जिसके बाद देश में प्रवासी मजदूरों से लेकर घरों में काम करने वाले कामगारों के सटीक आंकड़े भी पता चलेंगे। इतना ही नहीं, देश में प्रोफेशनल, कितनी नौकरियां अपने दम पर पैदा कर रहे हैं, ट्रांसपोर्ट सेक्टर कितनी लोगों की रोजी-रोटी चला रहा है, इसकी भी सही तस्वीर देश के सामने आएगी। देश भर में ढाई हजार स्टाफ के साथ इस सर्वे को करने में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय का लेबर ब्यूरो युद्ध स्तर पर जुटा है। पहली बार इस सर्वे से देश में सर्वाधिक रोजगार देने वाले अनआर्गनाइज्ड सेक्टर के आंकड़े भी सरकार को मिलेंगे।

लेबर ब्यूरो के महानिदेशक(डीजी) और वर्ष 1985 बैच के इंडियन इकोनॉमिक सर्विस के अफसर डीपीएस नेगी ने आईएएनएस से विशेष बातचीत में बताया, "पांच तरह के सर्वे पूरा होने के बाद देश में रोजगार की सही तस्वीर पता चलेगी। कोई भी सरकारी पॉलिसी बनाने में आंकड़े चाहिए होते हैं। इन सर्वे से हमारे पास प्रवासी मजदूरों से लेकर घरेलू कामगारों और अनआर्गनाइज्ड सेक्टर में पैदा हो रहे रोजगार के सही आंकड़े मिलेंगे। जिसके बाद केंद्र सरकार को आगे नई रोजगार पॉलिसी बनाने में मदद मिलेगी।"

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय में एडिशनल सेक्रेटरी रैंक के अफसर डीपीएस नेगी ने आईएएनएस को बताया कि एक अप्रैल से फील्ड सर्वे शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा, "अभी हमारा फोकस प्रवासी मजदूरों और दस या दस से अधिक मजदूरों वाले संस्थानों के बारे में पता लगाने के लिए अखिल भारतीय त्रैमासिक सर्वेक्षण पर है। इसके बाद अन्य तीन तरह के सर्वे को फेजवाइज पूरा करेंगे। सभी पांचों तरह के सर्वे अगले सात महीनों यानी नवंबर तक पूरा करने की कोशिश है। सर्वे के साथ आंकड़ों का टेबल बनाने का काम भी होगा।"

क्या फिर से कोरोना का खतरा शुरू होने पर सर्वे बाधित नहीं होगा? इस सवाल पर लेबर ब्यूरो के महानिदेशक ने कहा, "कुछ राज्यों में सिर्फ नाईट कर्फ्यू लगा है। हमारा सर्वे का काम दिन में होता है। ऐसे में फील्ड सर्वे पर प्रभाव पड़ने की आशंका कम है। अगर कोई समस्या आएगी तो फिर देखी जाएगी। फिलहाल सर्वे चल रहा है।"

खास बात है कि मोदी सरकार इस सर्वे में अंतरराष्ट्रीय स्तर के अर्थशास्त्री और सांख्यिकीविदों की भी मदद ले रही है। डॉ एसपी मुखर्जी और डॉ अमिताभ कुंडू के निर्देशन में एक्सपर्ट कमेटी ने इस पूरे सर्वे की डिजाइन की है। मसलन, सर्वे के सवालों, सैंपल साइज, गाइडलाइंस आदि को यही एक्सपर्ट कमेटी तय करती है। लेबर ब्यूरो के महानिदेशक के मुताबिक, एक्सपर्ट कमेटी की कुल 46 बैठकों के बाद पांच तरह के अखिल भारतीय सर्वे की पूरी रणनीति तैयार हुई।

अखिल भारतीय सर्वे के लिए लेबर ब्यूरो की ओर से पिछले 24 से 26 मार्च तक सर्वे करने वाली टीमों को ट्रेनिंग दी गई थी। इससे पहले चंडीगढ़ में भी प्रशिक्षण हो चुका है। अब 12 अप्रैल से पांच दिनों तक सर्वे कार्य में लगे सभी ढाई हजार स्टॉफ की ऑनलाइन ट्रेनिंग भी होने जा रही है। नवंबर में सर्वे पूरा होने के बाद श्रम एवं रोजगार मंत्रालय रिपोर्ट तैयार करेगा। माना जा रहा है कि इसके बाद केंद्र सरकार एक व्यापक रोजगार नीति देश के सामने लेकर आएगी।

ये हैं 5 तरह के सर्वे

1-प्रवासी श्रमिकों का अखिल भारतीय सर्वेक्षण,

2-घरेलू कामगारों के बारे में अखिल भारतीय सर्वेक्षण,

3-पेशेवरों द्वारा सृजित रोजगार का अखिल भारतीय सर्वेक्षण,

4-परिवहन के क्षेत्र में सृजित रोजगार का अखिल भारतीय सर्वेक्षण

5- अनआर्गनाइज्ड सेक्टर में अखिल भारतीय त्रैमासिक सर्वेक्षण 

(आईएएनएस)


11-Apr-2021 6:22 PM 16

नई दिल्ली, 11 अप्रैल | मिस्र में जारी विश्व जूनियर और कैडेट फेंसिंग चैंपियनशिप में भाग लेने गए दो भारतीय फैंसर कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। फेंसिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एफएआई) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी पुष्टि की।

एफएआई अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, अगर उनका दूसरा कोविड -19 आरटी पीसीआर परीक्षण रविवार को सकारात्मक रहा तो खिलाड़ी 15 दिनों के क्वारंटीन से गुजरेंगे।

12 लड़कियों सहित 24 सदस्यीय राष्ट्रीय टीम ने रविवार को संपन्न होने वाली नौ दिवसीय विश्व चैंपियनशिप में भाग लिया।

एफएआई अधिकारी ने कहा, किसी भी भारतीय टीम के सदस्य ने पदक नहीं जीता है।

भारतीय टीम ने तीनों स्पर्धाओं- साब्रे, फॉयल और एपी में भाग लिया।(आईएएनएस)


11-Apr-2021 6:21 PM 27

चेन्नई, 11 अप्रैल | तमिलनाडु के अरुवरकुरिची विधानसभा क्षेत्र से पूर्व आईपीएस अधिकारी और भाजपा उम्मीदवार के. अन्नामलाई का कोविड -19 का सकारात्मक परीक्षण किया गया है। अन्नामलाई ने ट्वीट किया है कि उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है और उन्होंने अनुरोध किया है कि जो लोग उनके संपर्क में आए हैं, उन्हे भी अपना कोविड टेस्ट करवा लेना चाहिए। अन्नामलाई मदुरई के एक अस्पताल में भर्ती हैं। अन्नामलाई (36) 2011 बैच की आईपीएस अधिकारी थे और उनके पास मैकेनिकल इंजीनियरिंग और एमबीए की डिग्री है। एक सख्त अधिकारी के तौर पर, उन्होंने 'उडुपी के सिंघम' के रूप में नाम कमाया, क्योंकि उन्होंने सांप्रदायिक तत्वों के खिलाफ मजबूत कदम उठाए थे, छात्र मुद्दों को हल किया और अपराधियों और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त थे।

उन्होंने नौ साल में सिविल सर्विसेज छोड़ दी थी और तब कहा था कि वह युवाओं को प्रशिक्षण दे रहे हैं। हालांकि बाद में वह भाजपा में शामिल हो गए और अब उन्होंने द्रमुक के सेंथिल बालाजी जो तमिलनाडु के पूर्व परिवहन मंत्री थे, के खिलाफ अरुवरकुरीची निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा।

पूर्व आईपीएस अधिकारी ने भाजपा में शामिल होने के दौरान मीडिया को बताया कि उन्होंने नरेंद्र मोदी में एक प्रशासक के लिए आवश्यक सभी लक्षण पाए थे और वह भाजपा में शामिल हुए थे क्योंकि उन्हें प्रधानमंत्री के विचार पसंद थे।(आईएएनएस)


11-Apr-2021 6:20 PM 19

चेन्नई, 11 अप्रैल (आईएएनएस)| श्रीविल्लिपुथुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके कांग्रेस उम्मीदवार माधव राव का रविवार सुबह दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया।


63 वर्षीय राव को 20 मार्च को नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद मदुरै के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

उनका तब कोरोनावायरस के लिए सकारात्मक परीक्षण किया गया था।

राव की मृत्यु पर शोक व्यक्त करते हुए, द्रमुक अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने कहा कि राव को एक सदस्य के रूप में विधानसभा में प्रवेश करना चाहिए था और उनका अचानक निधन कांग्रेस पार्टी और श्रीविल्लीपुथुर के लोगों के लिए एक नुकसान है।

मनिठानिया मक्कल काची (एमएमके) नेता एम.एच. जवाहिरुल्लाह ने राव की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया है।


11-Apr-2021 6:16 PM 14

संजीव शर्मा 

नई दिल्ली, 11 अप्रैल (आईएएनएस)| अप्रैल के पहले 10 दिनों में जब लोग टीकाकरण के लिए गए तो करीब पांच में एक (18 प्रतिशत) नागरिकों या उनके सामाजिक नेटवर्क में से कोविड-19 की खुराक नहीं मिल सकी। लोकलसर्कल सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है।

यह आंकड़ा ऐसे समय पर सामने आया है, जब देश भर में कोविड-19 की दूसरी लहर चल रही है और भारत में अब दैनिक तौर पर 1,50,000 से अधिक मामले सामने आ रहे हैं। संक्रमण का आंकड़ा 2020 में एक ही दिन में 97,400 मामलों के उच्चतम स्तर से भी काफी आगे चला गया है।

भारत 45 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों को उपलब्ध होने वाले टीके के साथ अपने टीकाकरण अभियान का विस्तार कर रहा है और प्रत्येक दिन 50 लाख लोगों को टीका लगाने की योजना बना रहा है, इस बीच देश में कुछ राज्यों के नेता वैक्सीन की कमी बता रहे हैं।

मुंबई और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के कुछ हिस्सों के नागरिकों ने लोकलसर्कल पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए कहा है कि कुछ अस्पतालों में यह संकेत मिलता है कि उनके पास या तो सीमित खुराक है या किसी विशेष दिन पर कोई खुराक उपलब्ध नहीं है। हालांकि, स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने संकेत दिया है कि देश में पर्याप्त खुराक है।

यह समझने के लिए कि वास्तव में जमीनी स्थिति क्या है, लोकलसर्कल इसके लिए एक सर्वेक्षण किया है। सर्वेक्षण में भारत के 255 जिलों में स्थित नागरिकों से 24,000 से अधिक प्रतिक्रियाएं प्राप्त हुईं।

इस सर्वे में पाया गया कि 18 प्रतिशत नागरिक या उनके सामाजिक नेटवर्क में आने वाले व्यक्ति, जो अप्रैल के पहले 10 दिनों में टीकाकरण के लिए गए थे, उन्हें वैक्सीन प्राप्त नहीं हो सकी।

इस साल 16 जनवरी को टीकाकरण अभियान शुरू होने के बाद से भारत ने अपने नागरिकों को 10 करोड़ से अधिक वैक्सीन की खुराक दी है

इसने वैक्सीन मैत्री कार्यक्रम के साथ-साथ सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा प्रत्यक्ष आपूर्ति समझौतों के तहत दुनिया भर के 80 से अधिक देशों में कोविड-19 की 4.81 करोड़ से अधिक खुराक की आपूर्ति की है।

सर्वेक्षण के अनुसार, चिंताजनक तथ्य यह है कि भारत भर के कोविड मामलों में हो रही वृद्धि के बावजूद, राज्यों की मीडिया ग्राउंड रिपोर्ट यह संकेत दे रही है कि वर्तमान में केवल पांच दिनों के वैक्सीन का स्टॉक शेष बचा हैं, जबकि एक अतिरिक्त सप्ताह की आपूर्ति पाइपलाइन में है।

सर्वेक्षण में कहा गया है कि आंध्र प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में मौजूदा स्टॉक दो दिनों से कम का बचा हुआ है, जबकि ओडिशा में मुश्किल से चार दिनों का स्टॉक है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि टीकों के निर्यात पर भारत का कदम घरेलू आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा।

टीकाकरण केंद्रों के बारे में भारत भर के लोगों से पोस्ट और टिप्पणियां प्राप्त हुई हैं, जो उनके वर्तमान स्टॉक स्तर को प्रदर्शित कर रही हैं। यह सामने आया है कि कुछ लोग टीकाकरण केंद्रों से बिना टीका लगवाए वापस लौट रहे हैं।

सर्वेक्षण में नागरिकों से यह सवाल पूछा गया कि क्या उनके या उनके सामाजिक नेटवर्क में किसी को इस प्रकार की स्थिति का सामना करना पड़ा है कि अप्रैल के पहले 10 दिनों में वे या उनके नेटवर्क में कोई व्यक्ति टीका लगवाने गया हो और टीकाकरण केंद्र पर वैक्सीन का स्टॉक ही न हो।

इसके जवाब में 6 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उनके सामाजिक नेटवर्क में 4 या अधिक व्यक्तियों के साथ ऐसा हुआ है। वहीं 6 प्रतिशत ने कहा कि उनके सामाजिक नेटवर्क में 2-3 व्यक्तियों के साथ ऐसा हुआ, जबकि अन्य 6 प्रतिशत ने कहा कि उनके जानने वाले लोगों एक व्यक्ति ऐसा रहा, जिसे इस तरह की समस्या का सामना करना पड़ा।

हालांकि 76 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उनके जानने वाले लोगों में किसी के साथ ऐसा नहीं हुआ।

जबकि 6 फीसदी लोगों ने कहा कि वह इस बारे में कुछ नहीं कह सकते। समग्र प्रतिक्रिया से संकेत मिला कि 18 प्रतिशत नागरिकों के पास उनके सामाजिक नेटवर्क में ऐसा कोई न कोई व्यक्ति जरूर था, जो अप्रैल के पहले 10 दिनों में टीकाकरण के लिए गया, मगर उसे वैक्सीन नहीं मिल पाई। सर्वेक्षण में इस सवाल को 9,016 प्रतिक्रियाएं मिलीं।

यह ध्यान देने वाली बात है कि मार्च के पहले 10 दिनों में काफी वरिष्ठ नागरिकों ने अपनी पहली खुराक प्राप्त की थी और अप्रैल के पहले 10 दिनों के दौरान ही उन्हें दूसरी खुराक प्राप्त करनी थी।


10-Apr-2021 9:53 PM 30

अमरावती, 10 अप्रैल | आंध्र प्रदेश के उद्योग मंत्री मेकापति गौतम रेड्डी ने शनिवार को कहा कि उनके ट्विटर अकाउंट से छेड़छाड़ की गई है और असंबंधित संदेश पोस्ट किए जा रहे हैं। रेड्डी ने कहा, "व्यूअर और फोलोवर्स कृपया ध्यान दें कि मेरे आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से कुछ असामाजिक तत्वों ने छेड़छाड़ की है और वे असंबंधित और आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट कर रहे हैं।"

उन्होंने आम जनता से माफी मांगी और उनसे कहा कि उनके हैक किए गए अकाउंट से किए जा रहे फर्जी ट्वीट को नजरअंदाज करें।

मंत्री ने कहा, "कृपया उन्हें अनदेखा करें और असुविधा के लिए क्षमा करें।"

इस बीच, वह इस साइबर अपराध पर पुलिस विभाग के साथ शिकायत दर्ज करने की तैयारी कर रहे हैं।

रेड्डी इस सोशल मीडिया अकाउंट का उपयोग कई आधिकारिक संदेश देने के लिए भी करते थे। (आईएएनएस)


10-Apr-2021 8:03 PM 32

कोलकाता, 10 अप्रैल: सुरक्षा गश्त के दौरान सीआईएसएफ के दस्ते पर कथित हमला और उस दौरान एक बच्चे का घायल होना पश्चिम बंगाल के कूच बिहार जिले के मतदान केंद्र पर हिंसा की शुरुआत का कारण बना. आधिकारिक सूत्रों ने ये जानकारी मिली है. इस हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई है.

वहीं इस मामले पर सुरक्षाबलों की ओर से बयान भी जारी किया गया है. बयान में कहा गया है कि सुबह करीब साढ़े नौ बजे इसकी शुरुआत तब हुई जब एक इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में सीआईएसएफ की टीम स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर सीतलकूची विधानसभा क्षेत्र के जोर पातकी इलाके की निगरानी कर रही थी. उन्होंने बताया कि बल अमताली माध्यमिक शिक्षा केंद्र में बने मतदान केंद्र संख्या 126 और आसपास के क्षेत्रों में मतदाताओं को पहुंचने से रोकने का प्रयास करने वाले तत्वों को हटा रही थी.

भीड़ को हटाने का प्रयास

बयान में कहा गया है कि सुरक्षाबलों ने करीब 50-60 लोगों की भीड़ को हटाने का प्रयास किया और इसी क्रम में एक बच्चा गिर गया और घायल हो गया. इसके बाद कुछ बदमाशों ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी) को लेकर जा रहे चार पहिया वाहन और उसमें सवार कर्मियों पर हमला कर दिया.

वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'क्यूआरटी ने आत्मरक्षा में कार्रवाई करते हुए भीड़ को हटाने के लिए हवा में छह गोलियां चलायीं. बाद में डिप्टी कमांडर रैंक का अधिकारी और सीआईएसएफ यूनिट (567/चार्ली कंपनी) के प्रभारी मौके पर पहुंचे और भीड़ को शांत कराया. फिर अधिकारी वहां से चले गए.'

पिटाई की

अधिकारी ने बताया कि करीब एक घंटे बाद करीब 150 लोगों की भीड़ परिसर में बूथ संख्या 186 पर पहुंची और मतदान कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार किया. उन्होंने बताया कि भीड़ ने होम गार्ड के एक जवान और एक आशा कार्यकर्ता की कथित रूप से पिटाई कर दी और इसमें हस्तक्षेप करने पर ड्यूटी पर तैनात सीआईएसएफ कर्मी का हथियार छीनने का प्रयास किया.

अधिकारियों ने बताया कि भीड़ के उग्र होने पर हवा में दो गोलियां चलायीं गईं, लेकिन जान पर खतरे को भांपते हुए आत्मरक्षा के लिए सुरक्षाबलों ने भीड़ पर सात गोलियां चलाईं. पुलिस ने बताया कि केंद्रीय बलों की गोलीबारी में चार लोग मारे गए हैं. उन्होंने बताया कि इस बीच सीआईएसएफ क्यूआरटी और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची. उन्होंने कहा कि मतदान रुकने के बाद भीड़ वहां से छंटने लगी.

 


10-Apr-2021 7:58 PM 32

अमेरिका के ह्यूस्टन में शुक्रवार को आठ माह के बच्चे की गोली लगने से मौत हो गई. पुलिस का मानना है कि बच्चे के तीन साल के बड़े भाई के हाथ में घर में रखी बंदूक लग गई और उसी ने ही गोली चलाई. ह्यूस्टन पुलिस विभाग के सहायक प्रमुख वेंडी बैमब्रिज ने बताया कि बच्चे को शुक्रवार सुबह पेट में गोली लगी. परिवार के सदस्य घायल बच्चे को अस्पताल लेकर गए, जहां उसकी मौत हो गई.

हथियारों को पहुंच से दूर रखने की अपील
ह्यूस्टन पुलिस विभाग के सहायक प्रमुख वेंडी बैमब्रिज बैमब्रिज ने कहा, ‘‘मैं सभी अभिभावकों से अपील करना चाहता हूं कि वे अपने हथियारों को घर में किसी की भी पहुंच से दूर रखें. आप हथियारों को सुरक्षित रखने के लिए कई चीजें कर सकते हैं। कृपया इस परिवार के लिए दुआ कीजिए. यह बहुत त्रासद घटना है.’’ परिवार का सदस्य होने के नाते इस मामले में अब तक कोई आरोप नहीं लगाया गया है.

पुलिस ने बंदूक बरामद की
पुलिस अधिकारियों को शुरुआत में घटना में इस्तेमाल बंदूक नहीं मिली, लेकिन बाद में उस वाहन के अंदर से उसे बरामद कर लिया गया जिसमें परिवार के सदस्य बच्चे को अस्पताल लेकर गए थे. बैमब्रिज ने बताया कि जांचकर्ता और अभियोजक यह पता लगा रहे हैं कि इस मामले में कोई आरोप लगाया जाएगा या नहीं. (abplive.com)


10-Apr-2021 7:50 PM 30

गुवाहाटी, अप्रैल : निर्वाचन आयोग ने असम के चार मतदान केंद्र पर 20 अप्रैल को दोबारा मतदान कराने का शनिवार को आदेश दिया है. आयोग ने असम के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजे पत्र में कहा कि 20 अप्रैल को रताबाड़ी, सोनाई और हाफलोंग क्षेत्रों के चार मतदान केंद्रों पर दोबारा मत डाले जाएंगे.

पत्र में कहा गया है, 'आयोग ने एक अप्रैल को इन मतदान केंद्रों पर डाले गए मतों को अमान्य घोषित कर दिया है.' असम विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में इन तीनों विधानसभा क्षेत्रों में एक अप्रैल को मतदान हुआ था.

आयोग के आदेश में कहा गया है कि बीजेपी उम्मीदवार की पत्नी से संबंधित कार में इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) मिलने के बाद रताबाड़ी (सुरक्षित) विधानसभा क्षेत्र में स्थित इंदिरा एमवी स्कूल में मतदान केंद्र संख्या 149 पर दोबारा चुनाव कराए जाएंगे.

ज्यादा वोट डाले

गौरतलब है कि हाफलोंग विधानसभा क्षेत्र में कोठलिर एलपी स्कूल में मतदान केंद्र संख्या 107 (ए) में 90 मतदाता ही मतदान के लिए पंजीकृत थे, लेकिन वहां कुल 171 वोट डाले गए.

सोनाई विधानसभा क्षेत्र में स्थित मध्य धनेहोरी एलपी स्कूल में मतदान केंद्र संख्या 463 पर भी नए सिरे से मतदान कराने का आदेश दिया गया है, जहां गोलीबारी की घटना में कम से कम तीन लोग घायल हो गए थे. (abplive.com)

 


10-Apr-2021 7:47 PM 31

इटावा, अप्रैल :  आगरा के पिनाहट से मुंडन का झंडा चढ़ाने इटावा के लखना जा रही डीसीएम खाई में पलट गई. दर्दनाक हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई जबकि 4 से ज्यादा लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है. डीसीएम में एक ही परिवार के 60 लोग सवार बताए जा रहे हैं. घायलों को जिला अस्पताल भेजा गया है. (abplive.com)


10-Apr-2021 7:26 PM 46

मुंबई, 10 अप्रैल : कोरोना की चेन ब्रेक करने के लिए महाराष्ट्र में 15 दिन का पूर्ण लॉक डाउन के संदर्भ में मुख्यमंत्री उद्ध्व ठाकरे की सभी दलों के साथ शनिवार को बैठक चल रही है. ये बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हो रही है. मीटिंग में विपक्षी दलों को भी शामिल किया गया है. महाराष्ट्र में रोजाना करीब 59-60 हजार कोरोना के मामले सामने आ रहे हैं. (ndtv.in)


10-Apr-2021 7:24 PM 73

अगरतला, 10 अप्रैल : BJP को त्रिपुरा ट्राइबल काउंसिल के चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा है. त्रिपुरा में बीजेपी इंडिजिनियस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा ( IPFT) के साथ मिलकर गठबंधन सरकार चला रही है. त्रिपुरा के स्वायत्त जिला परिषद के इन चुनाव में एक नए संगठन द इंडीजिनियस प्रोग्रेसिव रीजनल एलायंस (TIPRA) ने जीत हासिल की है. उसने 28 में से 18 सीटें जीती हैं. बीजेपी और उसके सहयोगी दलों को महज 9 सीटों पर जीत हासिल हुई है. बाकी सीटें निर्दलीयों के खाते में गई है.

हालांकि लेफ्ट और कांग्रेस जिन्हें पहले इन चुनावों में भारी बहुमत मिलता था, उन्हें इस बार एक भी सीट हासिल नहीं हो सकी. काउंसिल की अध्यक्षता त्रिपुरा के रॉयल प्रद्योत देब बर्मन कर रहे हैं, जिन्होंने सितंबर में नागरिकता कानून को लेकर पार्टी से मतभेदों के कारण प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था. 

काउंसिल में 30 सीटें हैं, जिनमें से 28 पर चुनाव होता है और दो गवर्नर द्वारा नामित की जाती हैं. ये 30 सीटें त्रिपुरा की 20 विधानसभा सीटों पर फैली हैं. मई 2015 में हुए पिछले चुनाव में सीपीएम की अगुवाई वाले लेफ्ट गठबंधन ने सबका सूपड़ा साफ करते हुए 25 सीटें जीती थीं. जबकि 2018 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी-आईपीएफटी के गठबंधन ने ट्राइबल काउंसिल वाले क्षेत्रों की 20 में से 18 सीटें जीती थीं.

लेकिन तीन साल बाद ही बीजेपी को करारा झटका लगा है. यहां चुनाव 6 अप्रैल को हुआ था. शुक्रवार को एक अज्ञात समूह ने टिप्रा के नेताओं और उनके उम्मीदवारों पर कथित तौर पर हमला किया था, जब वे मोहनपुर में सब डिविजनल मजिस्ट्रेट के कार्यालय गए थे.इस जगह मतगणना हो रही थी. वेस्ट त्रिपुरा के एसपी मानिक लाल दास ने कहा था कि टिप्रा के समर्थकों और कुछ अन्य लोगों के बीच झड़प हुई थी. लेकिन देब बर्मन पर हमला हुआ, ये हमारे संज्ञान में नहीं आया. वो अगरतला में अपने घर सुरक्षित पहुंच गए थे.

गौरतलब है कि त्रिपुरा में मुख्यमंत्री बिप्लब देब लंबे समय से आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं. कोरोना वायरस के दौर में कुप्रबंधन को लेकर भी उन पर निशाना साधा गया. बिप्लब देब अपने विवादित बयानों को लेकर भी कई मुश्किलों में घिर चुके हैं. (ndtv.in)

 


10-Apr-2021 7:21 PM 39

नई दिल्ली, 10 अप्रैल: कृषि कानूनों को लेकर केंद्र और आंदोलनरत किसान संगठनों के बीच लंबे समय से वार्ता न होने के बीच केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने एक बार फिर  किसानों के समक्ष वार्ता का प्रस्ताव रखा है. तोमर ने कहा कि किसानों के मन में असंतोष नहीं है, जो किसान संगठन इन बिलों के विरोध में है, उनसे सरकार बातचीत के लिए तैयार है. मैं किसान संगठनों से आग्रह करूंगा कि वे अपना आंदोलन स्थगित करे अगर वे बातचीत के लिए आएंगे तो सरकार उनसे बातचीत के लिए तैयार है.

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि कृषि से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना और उनका निराकरण करना, हमेशा से सरकार का उद्देश्य रहा है. कृषि सुधार से जुड़े बिल देश में अचानक नहीं लाया गया, इस पर लंबे समय से देश में चर्चा चल रही थी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन कानूनों को लेकर आए हैं. देश के हजारों किसान संगठन, अर्थशास्त्री और समाज के विभिन्न वर्ग इन कृषि सुधारों का स्वागत कर रहे हैं. कुछ लोग इन का विरोध कर रहे हैं, लेकिन हम लोकतांत्रिक देश हैं, अगर किसान हों या किसी के मन में संशय हो तो उनका निराकरण करना सरकार का दायित्व है.

तोमर ने कहा, इसलिए आंदोलनकारी किसान यूनियनों से सरकार ने 11 दौर की बातचीत की. इससे समझ में आया कि जिन जगहों पर उन्हें समस्या हो सकती है, उन पर चर्चा करने और संशोधनों का सुझाव भी दिया गया. बाद में डेढ़ साल तक इन कानूनों को स्थगित करने का प्रस्ताव भी सरकार की ओर से दिया गया. सरकार ने समिति बनाने और उसमें एमएसपी और कृषि कानूनों पर चर्चा करने का सुझाव दिया, ताकि जब उसकी रिपोर्ट आए तो सरकार उस पर विचार करे. इस प्रस्ताव को सराहागया. लेकिन किसान संगठनों को बिना वजह बताए रद्द कर दिया गया.

कृषि मंत्री ने कहा, कोई भी आंदोलन लंबे समय तक इस वजह से चलता है. एक तो जब सरकार किसानों की मांग पर चर्चा करने को तैयार न हो. सरकार की ओर से दिए गए प्रस्ताव को किसान संगठनों द्वारा नकारने के बाद केंद्र ने उनसे ये पूछा था कि आप अपना प्रस्ताव लेकर आइए, जिस पर चर्चा की जा सके. आमतौर पर जब चर्चा चल रही होती है तो आंदोलन नहीं होता. आंदोलन ऐसे समय पर स्थगित किया जाता है.(ndtv.in)

 


10-Apr-2021 7:18 PM 40

नई दिल्ली, 10 अप्रैल: दिल्ली के बुध विहार इलाके में एक महिला की उसके पति ने सरेआम चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी. पति ने बीच सड़क पर 25 बार से ज्यादा महिला पर चाकुओं से हमला किया, जब तक महिला की मौत नहीं हो गई. घटना के बाद से इलाके में हड़कंप मच गया है. महिला का नाम नीलू बताया जा रहा है. उसकी उम्र 26 साल थी.

पुलिस की माने तो महिला का पति अक्सर उस पर अवैध संबंध होने का शक करता था, जिसके चलते शनिवार दोपहर सरेआम उसने इस घटना को अंजाम दे दिया. हालांकि घटना सामने आते ही आरोपी पति को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. बताया जा रहा है कि महिला का पति एक मैरिज ब्यूरो में जॉब करता था. (ndtv.in)