राष्ट्रीय

'...तब तो गुरुग्राम, फरीदाबाद की कई बिल्डिंग हो जाएंगी जमींदोज': सुप्रीम कोर्ट में खट्टर सरकार का यू-टर्न
24-Oct-2021 2:53 PM (25)

गुरुग्राम: हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि अगर सुप्रीम कोर्ट के 2018 में दिए गए एक फैसले का अनुपालन किया गया तो गुरुग्राम और फरीदाबाद में कई इमारतों को ध्वस्त करना होगा. उन्होंने कांत एन्क्लेव मामले में सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के अमल पर सवाल उठाया, जिसमें कोर्ट ने राज्य में 'वन भूमि' पर निर्मित सभी संरचनाओं को गिराने का आदेश दिया था. खट्टर सरकार ने इस आदेश पर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को एक हलफनामा सौंपा है.

सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में कहा था कि पंजाब भूमि संरक्षण अधिनियम (PLPA) में सभी अधिसूचित भूमि को 'वन भूमि' माना जाना था. अदालत ने 23 जुलाई को राज्य सरकार को अरावली वन भूमि पर सभी अनधिकृत संरचनाओं को गिराने का निर्देश दिया था. राज्य सरकार ने निर्देश का पालन किया और खोरी गांव में एक झुग्गी बस्ती को ध्वस्त कर दिया और फार्महाउस, बैंक्वेट हॉल आदि सहित वाणिज्यिक संरचनाओं के कई मालिकों को कारण बताओ नोटिस भेजा.

इसके बाद कई लोगों ने दावा किया कि उनकी संपत्ति परिभाषित 'वन भूमि' से बाहर है.'' हालांकि, वन विभाग ने यह कहते हुए सभी आपत्तियों को खारिज कर दिया कि इन जमीनों को PLPA, 1900 के तहत अधिसूचित किया गया था और इन्हें 'वन भूमि' माना गया है.

गुरुग्राम के सोहना के एक गांव में शनिवार को एक सभा में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का विरोध करते हुए मुख्यमंत्री खट्टर ने कहा कि वन अधिनियम और पीएलपीए के तहत अधिसूचित भूमि अलग-अलग हैं. उन्होंने कहा कि हरियाणा का 40 प्रतिशत क्षेत्र पीएलपीए के अंतर्गत आता है.

मुख्यमंत्री ने कहा, "वन अधिनियम के तहत अधिसूचित क्षेत्र और पीएलपीए (पंजाब भूमि संरक्षण अधिनियम) के तहत अधिसूचित भूमि अलग-अलग हैं. कुछ गलतियों के कारण दोनों भूमि को एक माना गया. हरियाणा का 40 प्रतिशत क्षेत्र पीएलपीए के अंतर्गत आता है."

खट्टर ने यह भी कहा, "पीएलपीए मिट्टी के क्षरण को संरक्षित करने और बहाल करने के उद्देश्य से था, और केवल एक सीमित अवधि के लिए लागू था. अगर अधिकारियों ने कोर्ट द्वारा परिभाषित वन भूमि से सभी संरचनाओं को हटाना शुरू किया तो गुरुग्राम और फरीदाबाद में कई इमारतों को ध्वस्त करना होगा."

राज्य सरकार ने गुरुवार को शीर्ष अदालत में एक हलफनामा पेश किया है, जिसमें कहा गया है कि पीएलपीए के तहत सभी भूमि को "वन भूमि" के रूप में नहीं माना जा सकता है. खट्टर सरकार ने 2018 में अदालत में जो कहा था, उस पर यू-टर्न ले लिया है. खट्टर ने आगे दावा किया कि सुनवाई के दौरान पहले गलत हलफनामे पेश किए गए थे.

उन्होंने कहा, "पहले गलत हलफनामे पेश किए गए थे. 85 पृष्ठों के हमारे हलफनामे में हमने सुप्रीम कोर्ट से इसे दोनों अधिनियम (वन भूमि अधिनियम और पीएलपीए) से अलग करने और इस पर निर्णय लेने का अनुरोध किया है." (ndtv.in)

हर महीने औसतन 2 रुपये बढ़ रहे पेट्रोल के दाम, कोरोना काल में ही 36 रुपये हुआ महंगा
24-Oct-2021 2:50 PM (31)

नई दिल्ली: वाहन ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है. रविवार को लगातार चौथे दिन पेट्रोल और डीजल कीमतों में बढ़ोतरी हुई. पेट्रोल और डीजल दोनों के दाम 35-35 पैसे प्रति लीटर और बढ़ गए हैं. इस बढ़ोतरी के साथ मई, 2020 की शुरुआत से यानी 18 महीने से कम समय में पेट्रोल 36 रुपये लीटर महंगा हो चुका है. इस दौरान डीजल कीमतों में करीब 27 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है. सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों की मूल्य अधिसूचना के अनुसार, दिल्ली में अब एक लीटर पेट्रोल की कीमत 107.59 रुपये प्रति लीटर हो गई है. वहीं डीजल 96.32 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है.

उल्लेखनीय है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दाम बढ़ रहे हैं जिसका असर यहां भी दिख रहा है. देश के सभी प्रमुख शहरों में पेट्रोल शतक के पार जा चुका है. वहीं एक दर्जन से अधिक राज्यों में डीजल 100 रुपये प्रति लीटर से अधिक बिक रहा है.

सरकार द्वारा पांच मई, 2020 को उत्पाद शुल्क को रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ाने के बाद से पेट्रोल 36.33 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ है. वहीं इस दौरान डीजल कीमतों में 26.93 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हुई है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दाम 19 डॉलर प्रति बैरल के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आने के बाद सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क बढ़ा दिया था. हालांकि, उसके बाद से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दाम सुधरकर 85 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गए हैं, लेकिन पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 32.9 रुपये प्रति लीटर पर कायम है. इसी तरह डीजल पर भी उत्पाद शुल्क 31.8 रुपये प्रति लीटर पर बना हुआ है.

तेल पर उत्पाद शुल्क में कटौती 'अपने पैर पर कुल्हाड़ी' मारने जैसा : पेट्रोलियम मंत्री
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शुक्रवार को कहा था कि वाहन ईंधन पर उत्पाद शुल्क कटौती ‘अपने पैर पर कुल्हाड़ी' मारने के समान होगी. उन्होंने कहा था कि इस तरह के शुल्कों से सरकार मुफ्त कोविड-19 टीकाकरण, अनाज और रसोई गैस वितरण जैसी योजनाएं चला रही है. इससे महामारी के दौरान लाखों लोगों को मदद मिली है. उत्पाद शुल्क कटौती पर उन्होंने कहा, ‘‘मैं वित्त मंत्री नहीं हूं इसलिए इसका जवाब देना उचित नहीं होगा. जो 32 रुपये प्रति लीटर हम जुटा रहे हैं उससे हम कल्याण योजनाएं चला रहे हैं. इनमें एक अरब टीकाकरण भी शामिल है.'' कांग्रेस समेत विपक्षी पार्टियां इस मुद्दे पर सरकार को लगातार घेर रही हैं. विपक्ष का कहना है कि सरकार को वाहन ईंधन पर शुल्कों में कटौती करनी चाहिए. (ndtv.in)

गर्व है! गहरा पानी और तेज बहाव से लड़कर इस पुलिसवाले ने एक बच्चे की ज़िंदगी बचाई
24-Oct-2021 2:41 PM (22)

सोशल मीडिया पर आए दिन कोई न कोई वीडियो वायरल होता ही रहता है. वायरल वीडियो में कई जानकारियां मिलती रहती हैं. कई बार सोशल मीडिया पर पुलिस के बहादुरी के वीडियोज़ भी वायरल होते रहते हैं. अभी हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें एक पुलिसवाले एक बच्चे की ज़िंदगी बचाते हुए  नज़र आ रहे हैं. इस वीडियो पर कई प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं.

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक पुलिसवाले एक बच्चे की ज़िंदगी बचाते हुए नज़र आ रहे हैं. बच्चा पानी में डूब रहा था तभी पुलिसवाले ने बिना अपनी जान की परवाह किए हुए पानी में जाकर बच्चे की जान बचा ली. ये वीडियो सोशल मीडिया पर बहुत तेज़ी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो पर कई कमेंट्स भी आ रहे हैं.

इस वीडियो को सचिन कौशिक ने @upcopsachin नाम के ट्विटर यूज़र ने अपने अकाउंट पर शेयर किया है. इस वीडियो पर एक कैप्शन भी लिखा है- गहरा पानी और तेज बहाव, लेकिन अशोक इस डूबते बच्चे को बाहर खींच लाये. अशोक भाई, आप पर गर्व है.

सचिन कौशिश ने एक जानकारी साझा की. सचिन ने बताया कि प्रशासन की तरफ से 10 हज़ार रुपये मिलेंगे

प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस पुलिसवाले का नाम अशोक यादव हैं. ये सितापुर में तैनात हैं. इस वीडियो पर कई लोगों ने कमेंट्स किए हैं. एक यूज़र ने कमेंट करते हुए लिखा है- बेहतरीन कार्य. वहीं दूसरे यूज़र ने कमेंट करते हुए लिखा है- वाकई में बेतरीन कार्य. (ndtv.in)

दिल्ली: लूटपाट का विरोध करने पर लुटेरों ने चाकू से गोद-गोद कर दी युवक की हत्या
24-Oct-2021 2:38 PM (15)

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के पटेल नगर इलाके में काम के बाद घर लौट रहे एक इलेक्ट्रिशियन की लुटेरों ने लूट का विरोध करने पर चाकू से गोद-गोदकर हत्या कर दी. पुलिस को इस घटना का एक सीसीटीवी फुटेज मिला है, जिसमें आरोपी घटना को अंजाम देकर भागते हुए नज़र आ रहे हैं.

42 साल के मनोज कुमार परिवार के साथ वेस्ट पटेल नगर के फरीदपुरी में रहते थे. शुक्रवार की शाम जब वो बलजीत नगर से काम करने के बाद घर वापस लौट रहे थे तो 3 लड़कों ने उनके साथ लूटपाट शुरू कर दी. मनोज ने जब इसका विरोध किया तो लड़कों ने मनोज के पेट में कई चाकू मारे जिससे उनकी मौत हो गई.

सीसीटीवी फुटेज में आरोपी भागते हुए नज़र आ रहे हैं. मनोज का पर्स, फोन और सोने की अंगूठी गायब मिली. पुलिस ने हत्या और लूटापाट का केस दर्ज कर लिया है. पुलिस का दावा है कि उसे आरोपियों को लेकर कई अहम सुराग मिले हैं और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा. (ndtv.in)

नौसेना के युद्धपोत INS रणविजय में आग लगने से चार नौसैनिक घायल, जांच के आदेश
24-Oct-2021 2:37 PM (18)

नई दिल्‍ली: भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस रणविजय में आग लग गई. जिसके कारण नौसेना के चार सैनिक घायल हो गए हैं. जिन्‍हें आइएनएसएच कल्‍याणी में भर्ती कराया गया है. आग लगने के वक्‍त यह युद्धपोत विशाखापत्तनम बंदरगाह पर था. फिलहाल आग लगने के कारणों के बारे में नहीं पता चला है. हालांकि नौसेना ने युद्धपोत में आग लगने की  घटना को बेहद गंभीरता से लिया है और इसकी जांच के आदेश दिए गए हैं.

जानकारी के मुताबिक, विशाखापत्तनम बंदरगाह पर शनिवार शाम करीब साढ़े पांच बजे यह घटना फायर फाइटिंग इंसिडेंस के दौरान हुई. इस दौरान नौसेना के चार सैनिक भी घायल हो गए, जिन्‍हें घटना के तुरंत बाद आईएनएसएच कल्‍याणी में भर्ती कराया गया. चारों नौसैनिकों का इलाज किया जा रहा है. साथ ही सभी की हालत स्थिर बताई जा रही है. 

नौसेना युद्धपोत में आग लगने की घटना के बाद नौसेना ने जांच के आदेश दिए हैं. जांच के लिये बोर्ड ऑफ इन्क्वायरी के आदेश दे दिये हैं. (ndtv.in)

 

UP चुनाव से पहले बिहार-यूपी के किसानों का अलग आंदोलन, मंगलवार को लखनऊ का घेराव, PM मोदी से पूछे 10 सवाल
24-Oct-2021 2:35 PM (13)

वाराणसी: कृषि कानूनों का विरोध, एमएसपी की गारंटी, रोजगार और बढ़ती महंगाई के मुद्दे को लेकर गांधी जयंती पर बिहार के चंपारण से निकली किसानों की लोक नीति सत्याग्रह पदयात्रा 20 अक्टूबर को वाराणसी में आकर समाप्त हुई. 350 किलोमीटर लंबी इस यात्रा में कई राज्यों के किसान शामिल हुए. वे महात्मा गांधी के रास्ते पर चल कर सरकार पर नैतिक दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं.

नव निर्माण किसान संगठन के संयोजक अक्षय कुमार ने बताया कि 2 अक्टूबर को चंपारण से चला किसानों का ये जत्था बुधवार (20 अक्टूबर) को बनारस पहुंचा. चंपारण वह जगह है, जहां कभी गांधी जी ने किसानों के मुद्दे को लेकर सत्याग्रह किया था. किसानों ने इस नए सत्याग्रह को लोक नीति सत्याग्रह नाम दिया है. 

अक्षय कुमार ने कहा, "जब लोक नीति संगठित होती है और सर्व आग्रह करती है तो वह सत्याग्रह होता है. करीब 500 से ज्यादा किसान नौजवान चलते-चलते उसी सत्याग्रह पर निष्ठा रखते हुए उसी लोक नीति पर निष्ठा रखते हुए लोक शक्ति को जागृत करते हुए वाराणसी पहुंचे हैं." उन्होंने कहा कि जब लोक शक्ति जागृत होगा तो राजनीति अपने आप संभल जाएगी.

आज से 104 साल पहले यानी 1917 में चंपारण में गांधी जी ने निलहा किसानों की बंधुआ खेती के ख़िलाफ किसान आंदोलन को नागरिक अधिकारों के आंदोलन में बदल डाला था. इस बार की यात्रा कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के ख़िलाफ़ है. 350 किलोमीटर के इस सफ़र में किसानों का व्यापक समर्थन दिखा.

किसान यात्रा संयोजक हिमांशु तिवारी ने कहा कि रास्ते भर में दिल खोलकर किसान खड़े थे. उन्होंने कहा कि जब लोगों को समझ में आया कि यह किसानों, नौजवानों का मुद्दा है, पूरे देश का मामला है, देशभक्ति का मामला है तो हर गांव में जहां-जहां हम रहने के लिए गए तो हमारे लोगों के रहने की व्यवस्था गांव के लोगों ने किया. चाहे वह बलिया हो गाजीपुर हो या बनारस. तिवारी ने कहा कि बिहार के लोगों ने विद्यालयों में जगह-जगह व्यवस्था किया हुआ था.

दिल्ली की सरहदों पर चल रहे किसान आंदोलन से अलग बिहार-यूपी को समेटते इस आंदोलन में भी लाखों किसान जु़ड़ रहे हैं और सरकार से तीखे सवाल पूछ रहे हैं. किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष सुनील ने कहा कि हम लोग 26 अक्टूबर को लखनऊ का घेराव करेंगे. और वहां 15 लाख से ज्यादा किसान जमा होंगे.

यूपी में चुनावों से पहले किसानों की यह नई गोलबंदी भी सरकार का एक सिरदर्द है. किसान जन जागरण पदयात्रा में किसानों ने प्रधानमंत्री से 10 सवाल पूछे हैं. अब उनके इन सवालों का जवाब उन्हें मिल पाएगा या नहीं, यह तो नहीं कहा जा सकता लेकिन चुनावी वर्ष में प्रवेश कर चुके उत्तर प्रदेश की राजनीति में यह पदयात्रा मतदाताओं की गोलबंदी में कारगर हो सकता है. (ndtv.in)

रंजीत नगर में 6 साल की बच्ची से रेप के आरोपी को दिल्ली पुलिस ने रोहतक से दबोचा
24-Oct-2021 2:34 PM (15)

नई दिल्‍ली: दिल्ली के रंजीत नगर में 6 साल की बच्ची के साथ रेप के मामले के आरोपी को पुलिस ने दबोच लिया है. 20 साल के आरोपी सूरज को दिल्ली पुलिस दिल्ली पुलिस ने  रोहतक के कलानौर से गिरफ्तार किया. सूरज पर दिल्ली के ख्याला थाने में एक नाबालिग के साथ छेड़खानी का मामला दर्ज है. पुलिस ने 100 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज चेक कर आरोपी की फ़ोटो हासिल की और फिर उसकी पहचान हुई.आरोपी दिल्ली के रघुबीर नगर का रहने वाला है. न तो वो पीड़ित को पहले से जानता था और न ही इस इलाके का रहने वाला था. आरोपी बर्तन की फेरी लगाता है

रंजीत नगर में छह साल की बच्ची से दुष्कर्म  के मामले में दिल्ली पुलिस ने इस केस के संदिग्ध आरोपी को कल से तलाश रही थी. मामले में उसे हिरासत में लेने के बाद पूछताछ की गई तो सब कुछ खुलासा हो गया. जांच में पता चला है कि इससे पहले उस संदिग्ध को खयाला पुलिस स्टेशन में भी छेड़छाड़ के केस में पकड़ा जा चुका है. एक दिन पहले ही दिल्‍ली के रंजीत नगर में एक छह साल की बच्‍ची के साथ रेप की यह वारदात सामने आई थी, जिसमें आरोपी ने बच्‍ची के निजी अंगों पर भी चोट पहुंचाई थी.

बच्‍ची के परिवार के लोगों के मुताबिक वह सुबह नौ बजे लंगर खाने के लिए गई थी. काफी देर बाद जब बच्‍ची वापस लौटी तो उसके निजी अंगों से खून निकल रहा था. इसके बाद परिवार के लोग उसे अस्‍पताल लेकर गए. जहां पर पता चला कि उसके साथ दुष्‍कर्म किया गया है. बच्‍ची का राम मनोहर लोहिया अस्‍पताल में इलाज किया जा रहा है. 

इस मामले में पुलिस के हाथ एक CCTV लगा था, जिसमें बच्‍ची एक संदिग्‍ध के साथ जाती नजर आ रही है. पुलिस इसी व्‍यक्ति का पता लगाने में जुटी हुई थी. 

रेप के मामले के सामने आने के बाद दिल्‍ली महिला आयोग ने भी कड़ी कार्रवाई करने और आरोपी को जल्‍द पकड़ने के लिए कहा है. साथ ही बच्‍ची से मिलने के लिए महिला आयोग की टीम भी पहुंची थी. (ndtv.in)

 

कोरोना के 15906 नए मामले सामने आए, रिकवरी रेट डेढ़ साल में सबसे ज्यादा
24-Oct-2021 2:33 PM (12)

देश में 15906 नए कोरोना के ​मामले पिछले 24 घंटे में सामने आए हैं. पिछले 24 घंटे में कोरोना से 561 मरीजों की मौत हुई है. देश में वैक्सीनेशन बढ़ने के साथ कोरोना के मामलोंं में कमी आ रही है. देश में कोरोना के मरीजों के स्वस्थ होने की दर (रिकवरी रेट) भी मार्च 2020 के बाद यानी  डेढ़ साल में सबसे ज्यादा हो गया है. देश में कोरोना रिकवरी रेट 98.17 फीसदी है, जो मार्च 2020 के बाद सबसे ज्यादा है. पिछले 24 घंटे में कोरोना से 16,479 मरीज उबरे हैं. इससे कुल स्वस्थ मरीजों की संख्या 3,35, 48,605 तक पहुंच गई है.

देश में कोरोना के एक्टिव केस कुल मामलों के मुकाबले एक फीसदी से कम हैं. कोरोना वैक्सीनेशन का कुल आंकड़ा 102 करोड़ के पार जा चुका है. कोविड वैक्सीनेशन अभियान के तहत अब तक 102.10 करोड़ टीके लगाए जा चुके हैं. जबकि इस दौरान 77,40, 676 लोगों को वैक्सीन लगाई गई है.

कोरोना का वीकली पॉजिटिविटी रेट 1.23 फीसदी है. पिछले 30 दिनों से यह दो फीसदी से कम है. भारत में एक्टिव केस की संख्या भी 1,72,595 रह गई है, जो 235 दिनों में सबसे कम है. कुल कोरोना के मामलों के मुकाबले एक्टिव केस का अनुपात 0.51 फीसदी है, जो मार्च 2020 के बाद सबसे बेहतर स्थिति है. 

उधर, देश में 21 अक्टूबर को कोरोना वैक्सीनेशन की तादाद 100 करोड़ के पार कर गई थी. इसे देश में टीकाकरण अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है. हालांकि अभी देश में 31 फीसदी आबादी का ही पूर्ण टीकाकरण हो पाया है. ऐसे में अभियान में और तेजी लाने की जरूरत महसूस की जा रही है. सरकार अभी भी रोजाना 1 करोड़ वैक्सीन देने के लक्ष्य से दूर है.

गौरतलब है कि देश में कोरोना के मामलों में लगातार कमी आ रही है. इस साल कोरोना की दूसरी लहर के दौरान कोरोना केस एक वक्त रोजाना चार लाख के पार निकल गए थे. लेकिन अभी राोजाना 15-20 हजार केस ही दर्ज हो रहे हैं. हालांकि दीपावली और अन्य त्योहारों को देखते हुए सरकार ने सभी से सतर्कता बरतने को कहा है. लोगों को ऑनलाइन शॉपिंग की सलाह दी गई है. घर से बाहर ज्यादा न निकलने को कहा गया है. (ndtv.in)

 

लाखों हेल्थकेयर वर्कर्स की मेहनत से 100 करोड़ टीके का रिकॉर्ड बना, मन की बात में बोले पीएम मोदी
24-Oct-2021 1:03 PM (25)

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 'मन की बात' के 82वें संस्करण में कोरोना समेत कई मुद्दों पर अपनी बात रखी. उन्होंने देश में कोरोना वैक्सीनेशन की रिकॉर्ड रफ्तार और 100 करोड़ टीके लगने का जिक्र किया. साथ ही दीपावली समेत अन्य त्योहारों के दौरान लोगों से सावधानी बरतने की अपील की ताकि कोरोना को फैलने से रोका जा सके. प्रधानमंत्री ने कहा कि देश कोविड-19 रोधी टीके की 100 करोड़ खुराकें देने की उपलब्धि के बाद नयी ऊर्जा और उत्साह से आगे बढ़ रहा है. हमारे टीकाकरण अभियान की सफलता भारत की क्षमताओं, ‘सबका प्रयास' मंत्र की ताकत को दिखाती है.

पीएम मोदी ने कहा कि हमारे स्वास्थ्यकर्मियों ने अपने अथक परिश्रम और संकल्प से एक नई मिसाल पेश की. हमने कई बार अख़बारों में पढ़ा है, बाहर भी सुना है टीकाकरण के लिए हमारे इन लोगों ने कितनी मेहनत की है, एक से बढ़कर एक अनेक प्रेरक उदाहरण हमारे सामने हैं.

प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के बागेश्वर के एक गांव में सौ फीसदी टीकाकरण का कार्य पूरा हो गया है. यहां एएनएम पूनम नौटियाल जी ने अपने क्षेत्र के लोगों के टीकाकरण के लिए दिन रात मेहनत की.

पीएम मोदी को उन्होंने बताया कि बारिश और बर्फबारी के बावजूद वो घर-घर तक गईं. दूरदराज में घर-घर तक गए और लोगों की हिचकिचाहट दूर करने का काम भी किया. पूनम ने कहा कि हमने गांव के हर पात्र व्यक्ति की लिस्ट बनाई और जो टीका लगवाने नहीं आए, उन्हें घर जाकर परिवार के साथ मिल बैठकर टीका लगवाया.

उन्होंने सरदार पटेल को नमन करते हुए कहा कि अगले रविवार 31 अक्टूबर को सरदार पटेल जी की जन्म जयंती है. मैं सभी लोगों की तरफ से लौहपुरुष को नमन करता हूं. 31 अक्टूबर को हम ‘राष्ट्रीय एकता दिवस' के रूप में मनाते हैं. हम सभी का दायित्व है कि हम एकता का संदेश देने वाली किसी-ना-किसी गतिविधि से जरुर जुड़ें. (ndtv.in)

 

पुंछ के जंगलों में छिपे आतंकी 1-2 दिन के मेहमान, सुरक्षाबलों ने कहा- 14 दिन का ऑपरेशन अंतिम चरण में
24-Oct-2021 12:55 PM (30)

नई दिल्ली/जम्मू : जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में आज सुबह आतंकवाद विरोधी अभियान में दो पुलिसकर्मी और सेना का एक जवान घायल हो गया. अधिकारियों ने बताया कि पुंछ जिले में रविवार सुबह एक जंगल में सेना और पुलिस संयुक्त तलाशी अभियान चला रही थी तभी आतंकवादियों ने उन पर फायरिंग रू कर दी. इस गोलीबारी के बाद जवानों ने उन्हें मुंहतोड़ जवाब दिया और ताजा मुठभेड़ शुरू हो गई. हालांकि सुरक्षाबलों का कहना है कि आतंकियों को बेहद कम इलाके में घेर लिया गया है और वो 1-2 दिन के मेहमान हैं.

पुंछ के भट्टा दूरियां के जंगल मे सेना की आतंकियों के साथ सुबह से भारी गोलाबारी हो रही है. फायरिंग में पुलिस के दो जवान और सेना का एक जवान घायल हो गए हैं. आतंकियों के साथ पिछले 14 दिनों से जारी मुठभेड़ अब अंतिम चरण है. सेना के सूत्रों का कहना है कि सेना ने आतंकियों को बहुत कम हिस्से में घेर लिया है. अब किसी भी वक्त फाइनल हमला हो सकता हैय इस मुठभेड़ में पहले ही सेना के दो जेसीओ समेत नौ जवान शहीद हो चुके हैं.

लिहाजा सेना बहुत फूंक फूंक कदम उठा रही है ताकि अब कोई उसका नुकसान ना हो भले ही एनकाउंटर कितना लंबा खिंच जाए. इससे पहले सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे 19 अक्टूबर को हेलीकॉप्टर से पुंछ में चल रही मुठभेड़ का मुआयना किया था. जंगलों में 10 अक्टूबर से ही आतंकियों के साथ मुठभेड़ जारी है. पहले पुंछ के डेरा वाली गली में 10 अक्टूबर की रात को आतंकियों के साथ मुठभेड़ हुई थी. इसमे एक जेसीओ समेत पांच जवान शहीद हो गए. इसके बाद आतंकियों के इसी ग्रुप की तलाश में पुंछ के नार खास के जंगलों में 14 अक्टूबर को सेना के जवान गए.

आतंकियों ने घात लगाकर सेना पर हमला किया. इस हमले से दो जवान फिर शहीद हो गए. एक जेसीओ और एक जवान लापता हो गए. इन दोनों का शव 16 अक्टूबर को मिला. सेना डेरा की गली और नार खास के जंगलों में आतंकियों की तलाश करने में जुटी है. सुरक्षा बलों को इन जंगलों में ऐसे गुफा की तरह ठिकाने मिले है जहां आतंकियों छिपे रहते थे. हाल के कई सालों में पहली बार एक एनकाउंटर में सेना ने अपने दो अधिकारियों और सात जवानों को खोया है.

सुरक्षाबलों का कहना है कि ऊंची पहाड़ियों और घने जंगल होने की वजह से करवाई में परेशानी हुई. साथ में बारिश की वजह से चारों ओर धुंध हो गई है, जिस वजह ऑपेरशन में दिक्कत हुई पर अब आतंकी एक दो दिन के मेहमान है. 

अधिकारियों ने बताया कि भाटा दुरियां इलाके में जब तलाशी दल एक आतंकवादी ठिकाने के पास पहुंचा तभी फायरिंग हुई, जिसमें दो पुलिसकर्मी, सेना का एक जवान और एक आतंकवादी घायल हो गया. लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी ज़िया मुस्तफा पिछले कई वर्षों से कोट बलवाल जेल में बंद था और शुक्रवार को ही पुलिस ने उसे 10 दिन के रिमांड पर लिया था, ताकि उसकी निशानदेही पर आतंकी ठिकाने की पहचान हो सके.

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के रहने वाले ज़िया मुस्तफा ने 15 साल पहले घुसपैठ की थी और वह जम्मू की कोट बलवाल जेल में बंद था. ऐसी खबरें थीं कि वह जेल से ही आतंकियों के संपर्क में था. पुलिस ने शुक्रवार को जिया को 10 दिनों के रिमांड पर लिया और पुंछ के मेंढर ले जाया गया.


सेना पिछले 14 दिनों से इस क्षेत्र में सबसे लंबे और कठिन आतंकवाद विरोधी अभियान में लगी हुई है. इस  दौरान अब तक दो अधिकारियों समेत नौ जवानों की मौत हो चुकी है.

 

MNS प्रमुख राज ठाकरे हुए कोरोना संक्रमित, मां की भी रिपोर्ट आई पॉजिटिव, घर में चल रहा इलाज
23-Oct-2021 10:27 PM (55)

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए हैं. उनके अलावा उनकी मां की भी कोरोना संक्रमण की रिपोर्ट पॉजिटिव. कोरोना से संक्रमित होने की वजह से एमएनएस की भांडुप में प्रस्तावित सभा भी आगे के लिए टाल दी गई है. ये सभा आज होनी थी.

कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद राज ठाकरे और उनकी मांग का घर पर इलाज हो रहा है. दोनों ने खुद को क्वारंटीन कर लिया है.

मुंबई में कैसी है कोरोना की स्थिति

मुंबई में कोरोना संक्रमण के मामले अभी भी आना जारी हैं. शनिवार को मुंबई में कोरोना के 465 नये मामले सामने आए और पांच लोगों की संक्रमण के चलते मौत हो गई. कोरोना से ठीक होने वालों की संख्या आज 562 रही. मुंबई में फिल्हाल 39 इमारतें ऐसी हैं, जिन्हें कोरोना के चलते सील किया गया है. हालाकि आज कंटेनमेंट ज़ोन की संख्या आज ज़ीरो रही.

देश में आज कितने मामले आए

देश में एक दिन में कोविड-19 से 666 मरीजों के जान गंवाने से मृतकों की संख्या 4,53,708 पर पहुंच गयी है, जबकि उपचाराधीन मरीजों की संख्या कम होकर 1,73,728 हो गयी, जो 233 दिनों में सबसे कम है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के शनिवार को सुबह आठ बजे तक अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, संक्रमण के एक दिन में 16,326 नए मामले आने से महामारी के कुल मामलों की संख्या 3,41,59,56 हो गयी है.

अधिकारियों ने बताया कि केरल ने शनिवार को पिछली अवधि से 292 मौतों के आंकड़े का मिलान किया है, इसलिए मृतकों की संख्या अधिक है. केरल में पिछले 24 घंटे में 99 मरीजों की मौत हुई है. ( abplive)

पीएम मोदी की सात वैक्सीन निर्माताओं के साथ बैठक, SII के अदार पूनावाला भी रहे मौजूद
23-Oct-2021 10:25 PM (40)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कोविड-19 रोधी टीके बनाने वाली सात भारतीय कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की. इस बैठक में सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया के प्रमुख अदार पूनावाला भी मौजूद रहे. बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया और एमओएस स्वास्थ्य भारती प्रवीण पवार भी शामिल हुए. प्रधानमंत्री के ये बैठक ऐसे मौके पर हुई है, जब देश ने कोरोना टीकाकरण में बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है. भारत पहला ऐसे देश बन गया है, जिसने लोगों को कोरोना वैक्सीन की 100 करोड़ खुराक से ज्यादा लगाई है.

बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैक्सीन निर्माताओं के साथ बातचीत की. इस दौरान उन्होंने कोविशील्ड वैक्सीन का निर्माण करने वाले सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला के साथ भी वैक्सीन पर चर्चा की.

बैठक में किन कंपनियों के प्रतिनिधि रहे मौजूद

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने इस दौरान टीकों को लेकर शोध सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की. प्रधानमंत्री से इस मुलाकात में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, भारत बायोटेक, डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज, जाइडस कैडिला, बॉयोलॉजिकल ई, जेन्नोवा बायोफार्मा और पैनेसिया बायोटेक के प्रतिनिधि मौजूद थे. स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, भारत में अब तक टीकों की 101.30 करोड़ खुराक दी जा चुकी है.

बैठक के बाद एक वीडियो संदेश में जाइडस कैडिला के पंकज पटेल ने कहा कि देश के वैज्ञानिकों ने टीके विकसित किए, उसके लिए सबसे बड़े कारक प्रधानमंत्री थे. उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने शुरू से हमें प्रोत्साहित किया है. उन्होंने कहा कि आप करो, सरकार आपके साथ है. आपको जहां भी असुविधा होगी, सरकार आपको सहयोग करेगी. इसी वजह से हम टीके विकसित कर पाए.’’ उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत में नवोन्मेष का जो नया अध्याय आरंभ हुआ है, वह बहुत तेजी से बढ़ेगा और भारत एक नवोन्मेषी राष्ट्र के रूप में उभरेगा.

 

सीरम इंस्टीट्यूट के साइरस पूनावाला ने कहा कि उनके मन में इस बात को लेकर कोई संदेह नहीं है कि प्रधानमंत्री ने अगर स्वास्थ्य मंत्रालय का नेतृत्व ना किया होता तो आज भारत टीकों की एक सौ करोड़ खुराक नहीं उपलब्ध करा पाता. उन्होंने कहा, ‘‘जब वह पिछले साल नवंबर में पुणे आए थे तो मैंने उन्हें आश्वस्त किया था कि टीकों के मामले में हम भारत को आत्मनिर्भर बनाएंगे और दुनिया का सबसे सस्ता टीका विकसित करेंगे. आज वह बहुत खुश थे कि उस आश्वासन को हमने पूरा किया है.’’

भारत ने 21 अक्टूबर को महामारी के खिलाफ टीकाकरण अभियान के तहत एक अरब खुराक का आंकड़ा पार कर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की थी, जिसके लिए दुनियाभर से देश को बधाई मिलने का सिलसिला जारी है.

देश में टीकाकरण के पात्र वयस्कों में से 75 प्रतिशत से अधिक लोगों को कम से कम एक खुराक लग चुकी है, जबकि करीब 31 प्रतिशत लोगों को टीके की दोनों खुराक लग चुकी हैं. नौ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सभी पात्र लोगों को टीकों की पहली खुराक दी जा चुकी है.

टीकाकरण मुहिम की शुरुआत 16 जनवरी को हुई थी और इसके पहले चरण में स्वास्थ्यकर्मियों को टीके लगाए गए थे. इसके बाद दो फरवरी से अग्रिम मोर्चे के कर्मियों का टीकाकरण आरंभ हुआ था. टीकाकरण मुहिम का अगला चरण एक मार्च से आरंभ हुआ, जिसमें 60 साल से अधिक आयु के सभी लोगों और गंभीर बीमारियों से ग्रस्त 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को टीके लगाने शुरू किए गए.

देश में 45 साल से अधिक आयु के सभी लोगों का टीकाकरण एक अप्रैल से आरंभ हुआ था और 18 साल से अधिक आयु के सभी लोगों का टीकाकरण एक मई से शुरू हुआ. देश के टीकाकरण अभियान में तीन टीकों सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा तैयार कोविशील्ड, भारत बायोटेक की कोवैक्सीन और स्पूतनिक वी का इस्तेमाल किया जा रहा है.( abplive)

ऑनलाइन शॉपिंग करें, यात्रा करने से बचें : त्योहारों के मद्देनजर सरकार ने जारी की कोविड एडवाइजरी
23-Oct-2021 10:23 PM (40)

नई दिल्ली, 23 अक्टूबर: त्योहारों के मद्देनजर केंद्र सरकार ने नागरिकों के लिए कोविड-19 दिशानिर्देश जारी किए हैं. इसके तहत नागरिकों से ऑनलाइन शॉपिंग करने और यात्रा से बचने सहित कई एहतियात बरतने की अपील की गई है. गाइडलाइन में सभी राज्यों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि त्योहारी सीजन के दौरान कोरोना सावधानियों का सख्ती से पालन किया जाए. सरकार ने ऑनलाइन शॉपिंग को बढ़ावा देने और कुछ देशों में बढ़ रहे संक्रमण के चलते अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है.

सरकार द्वारा जारी की गई गाइडलाइन-

-त्योहारी सीजन में ऑनलाइन शॉपिंग को बढ़ावा दें और अनावश्यक यात्रा से बचें.

-त्योहारों के दौरान कोविड गाइडलाइन का सख्ती से पालन करें.

-कंटेनमेंट जोन और कोविड की पांच प्रतिशत संक्रमण दर से अधिक वाले जिलों में सामूहिक आयोजनों की अनुमति नहीं.

-राज्य सरकार पहले से ही संबंधित दिशा निर्देश जारी करें.

-जिन सामूहिक आयोजनों की पहले से ही अनुमित ली गई है, उनमें सिमित लोगों की मौजूदगी रहे और उन पर निगरानी रखी जाए.

-मॉल, बाजार और मंदिरों में सख्ती से नियमों का पालन किया जाए.

-कोविड प्रबंधन पांच स्तंभों का पालन करें - परीक्षण, ट्रैक, उपचार, टीकाकरण और कोविड-उपयुक्त व्यवहार 

-जिला प्रशासन को किसी भी तरह के मामलों पर सख्ती से नजर रखनी होगी.

गौरतलब है कि अगले महीने दिवाली और ईद जैसे प्रमुख त्योहार आने वाले हैं. इस बीच रूस, ब्रिटेन और चीन जैसे कई देशों में कोरोना वायरस के मामलों में एक बार फिर हुई वृद्धि को ध्यान में रखते हुए सरकार सतर्कता बरत रही है. इन देशों में फिर से स्कूलों को बंद किया जा रहा है और एक बार फिर से तालाबंदी की घोषणा होने लगी है.  (ndtv.in)

'शराब का सेवन नहीं, खादी धारण जरूरी' : कांग्रेस ने रखी पार्टी सदस्य बनने के लिए शर्तें
23-Oct-2021 10:22 PM (49)

नई दिल्ली, 23 अक्टूबर: कांग्रेस का सदस्य बनने के लिए किसी भी व्यक्ति को शराब और मादक पदार्थों से दूरी बनाए रखने का संकल्प लेना होगा और यह हलफनामा भी देना होगा कि वह सार्वजनिक मंचों पर कभी भी पार्टी की नीतियों एवं कार्यक्रमों की आलोचना नहीं करेगा. देश की सबसे पुरानी पार्टी के सदस्यता संबंधी आवेदन-पत्र में ये शर्तें शामिल की गई हैं. इसके अनुसार, कांग्रेस की सदस्यता ले रहे लोगों को यह घोषणा करनी होगी कि वह कानूनी सीमा से अधिक संपत्ति नहीं रखेंगे और कांग्रेस की नीतियों और कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने के लिए शारीरिक श्रम और जमीनी मेहनत करने से नहीं हिचकिचाएंगे.

पार्टी ने एक नवंबर से आरंभ हो रहे सदस्यता अभियान के लिए तैयार आवेदन-पत्र में 10 ऐसे बिंदुओं का उल्लेख किया, जिसके बारे में सदस्य बनने के इच्छुक लोगों को अपनी स्वीकृति देनी होगी. गत 16 अक्टूबर को हुई कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में यह फैसला किया गया था कि संगठनात्मक चुनाव से पहले पार्टी आगामी एक नवंबर से अगले साल 31 मार्च तक सदस्यता अभियान चलाएगी.

इस आवेदन-पत्र में यह भी कहा गया है कि सभी नए सदस्यों को यह संकल्प लेना होगा कि वे किसी भी तरह के सामाजिक भेदभाव की गतिविधि में शामिल नहीं होंगे, बल्कि इसे समाज से खत्म करने की दिशा में काम करेंगे.


इसके शपथ-पत्र में कहा गया है, ‘‘मैं नियमित रूप से खादी का धारण करता हूं, मैं शराब और मादक पदार्थों से दूर रहता हूं, मैं सामाजिक भेदभाव और असमानता नहीं करता, बल्कि इन्हें समाज से खत्म करने में विश्वास करता हूं और मैं पार्टी की ओर से दिए जाने वाले काम को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हूं.''  (ndtv.in)

संसद भवन में घुसने के लिए सांसद के पीए का जाली पास तैयार किया, आरोपी गिरफ्तार
23-Oct-2021 8:41 PM (97)

नई दिल्ली, 23 अक्टूबर: दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है जिसने संसद में घुसने के लिए एक सांसद के पीए का नकली पास बना लिया था. आरोपी का नाम बबलू कुमार आर्य है. पुलिस को जांच में पता चला कि बबलू न तो किसी सांसद के पीए हैं और न ही उनके नाम की सिफारिश लोकसभा पास जारी करने के लिए की गई थी. उस पास का इस्तेमाल संसद भवन में प्रवेश करने के लिए किया जा सकता था और सुरक्षा के लिए खतरा था. जांच के दौरान पता चला कि जाली लोकसभा पास एडिट करके तैयार किया गया था जो कि असल में ज्योति भूषण कुमार भारती को जारी किया गया था. यह भी पता चला है कि बबलू कुमार आर्य ज्योति भूषण कुमार भारती के जानने वाले हैं और दोनों गोपालगंज, बिहार के रहने वाले हैं. इसके बाद गोपालगंज और पटना के लिए क्राइम ब्रांच की एक टीम भेजी गई. बबलू कुमार आर्य और ज्योति भूषण कुमार भारती दोनों से पूछताछ की गई. पूछताछ के बाद बबलू कुमार आर्य ने अपना अपराध कबूल कर लिया. उसे गिरफ्तार कर लिया गया है.

पूछताछ में पता चला कि कथित ज्योति भूषण कुमार भारती को पास 18 जून 2019 से 31 दिसंबर 2019 तक के लिए जारी किया गया था. जुलाई 2019 में बबलू कुमार आर्य ने बिना उनकी जानकारी के बिहार के गोपालगंज स्थित उनके घर से ज्योति भूषण कुमार भारती की जेब से मूल असली पीए पास ले लिया था. उसने गोपालगंज बिहार के एक साइबर कैफे में असली पास को स्कैन करने और एडिट करने के बाद जाली पास तैयार किया था.
26 साल के आरोपी बबलू कुमार आर्य ने 2018 में छपरा विश्वविद्यालय, बिहार से स्नातक की पढ़ाई पूरी की. साल 2011 में वह ज्योति भूषण कुमार भारती के संपर्क में आया, जो बिहार के छपरा विश्वविद्यालय में ही पढ़ रहा था. ज्योति भूषण कुमार भारती एक सांसद के पीए के रूप में काम करते थे. मामले में आगे की जांच जारी है.  (ndtv.in)

कांग्रेस-RJD के बीच दरार से बिहार में महागठबंधन टूटने की कगार पर
23-Oct-2021 8:37 PM (65)

पटना, 23 अक्टूबर: बिहार के विपक्षी महागठबंधन में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है और विधानसभा चुनावों में अनुमान से कहीं बेहतर प्रदर्शन करने के करीब एक साल बाद ही यह टूटने की कगार पर पहुंच गया है. पिछले साल राज्य विधानसभा चुनाव में पांच पार्टियों का विपक्षी गठबंधन बहुमत से सिर्फ 10 सीट दूर रहा था. कांग्रेस के बिहार प्रभारी भक्त चरण दास ने शुक्रवार को कहा कि उनकी पार्टी राज्य में "सभी 40 सीटों" पर चुनाव लड़ेगी. उनकी इस घोषणा से लालू प्रसाद की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल चकित रह गई. राजद पर कनिष्ठ सहयोगी ने गठबंधन ''धर्म'' का पालन नहीं करने का आरोप लगाया है.

राजद के राज्य अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने अविश्वास व्यक्त करते हुए प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा, "जब आम चुनाव 2024 में होने हैं, तो लोकसभा चुनाव के बारे में अभी बात करने का क्या तुक है." दास से यह सवाल भी किया गया कि क्या वह व्यक्तिगत राय प्रकट कर रहे हैं या पार्टी "हाईकमान" के विचारों को रख रहे हैं, क्योंकि माना जाता है कि लालू प्रसाद के गांधी परिवार के साथ अच्छे संबंध हैं. उन्होंने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘मैं विवाद में नहीं पड़ना चाहता... लेकिन कृपया यह समझें कि एआईसीसी का प्रभारी ऐसी बात नहीं कह सकता जो पार्टी की आधिकारिक लाइन से अलग हो."

 

प्रतीत होता है कि महागठबंधन के अंदर तकरार काफी बढ़ गया है. अगले हफ्ते दो विधानसभा क्षेत्रों- तारापुर और कुशेश्वर स्थान में उपचुनाव होने हैं. राजद ने कांग्रेस को विश्वास में लिए बिना दोनों सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी थी. कुछ दिनों की चुप्पी के बाद, कांग्रेस ने पलटवार करते हुए दोनों सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की भी घोषणा कर दी.
यह अनुमान लगाया जा रहा है कि कांग्रेस द्वारा कन्हैया कुमार को पार्टी में शामिल किए जाने के बाद तकरार बढी है क्योंकि माना जाता है कि उनकी तेजस्वी यादव से ‘प्रतिद्वंद्विता' है. जाति के आधार पर तेजस्वी आगे दिखते हैं लेकिन भाषण शैली को लेकर कुमार आगे प्रतीत होते हैं.

कुमार अभी दो सीटों के लिए प्रचार की खातिर राज्य में हैं. उन्होंने इस बात को खारिज करते हुए कहा, "कोई तुलना नहीं है. उनके (तेजस्वी के) माता-पिता मुख्यमंत्री रहे हैं. मैं जमीन से शुरू कर रहा हूं.'' कुमार ने इससे पहले बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी (बीपीसीसी) मुख्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राहुल गांधी की उन्हें, हार्दिक पटेल और जिग्नेश मेवाणी जैसे लोगों को मंच देने के लिए सराहना की थी. दो युवा नेताओं के बीच कथित प्रतिद्वंद्विता को लेकर विमर्श की शुरुआत 2019 के लोकसभा चुनावों में हुई जब कन्हैया कुमार ने अपने गृह नगर बेगूसराय क्षेत्र से केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़ा. राजद उम्मीदवार तनवीर हसन के भी उम्मीदवार होने से भाजपा के विरोधी मतों में विभाजन हुआ तथा जोरदार प्रचार अभियान के बावजूद भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे कुमार चार लाख से अधिक मतों से हार गए.

बिहार कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अनिल शर्मा ने कहा कि जब कांग्रेस और राजद के उतार-चढ़ाव भरे संबंधों की बात आती है तो "कन्हैया कोई मुद्दा नहीं हैं" शर्मा ने जोर दिया, ‘‘यह सुनिश्चित करना लालू प्रसाद की रणनीति रही है कि कांग्रेस ऊंची जातियों, दलितों और मुसलमानों के बीच अपना समर्थन फिर से हासिल नहीं कर सके. मजबूत कांग्रेस को राजद के धर्मनिरपेक्ष विकल्प के तौर पर देखा जाएगा. कोई आश्चर्य नहीं है कि वर्षों से उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि उच्च जाति के हमारे उम्मीदवारों को उन सीटों से लड़ने का मौका नहीं मिलता है जहां हमारे जीतने की अच्छी संभावना है. वह उन सीटों को राजद के लिए ले लेते हैं या गठबंधन के किसी अन्य सहयोगी की झोली में डाल देते हैं.

भक्त चरण दास ने भी समान राय व्यक्त की और कहा "राजद 70 सीटों पर लड़ने के बावजूद 20 से कम सीटें जीतने के लिए हमारा मज़ाक उड़ाता है.'' इस बीच सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी राजग महागठबंधन में चल रहे घटनाक्रम को देख रहा है और उसके लिए सकारात्मक बात यह है कि उपचुनावों में उसे विभाजित विपक्ष से मुकाबला करना होगा. दोनों सीटों पर 30 अक्टूबर को मतदान है.  (ndtv.in)

दिल्ली: ESIC डिस्पेंसरी से दवाओं की चोरी में शामिल एक MBBS डॉक्टर गिरफ्तार
23-Oct-2021 8:35 PM (61)

नई दिल्ली, 23 अक्टूबर: दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की एक टीम ने दिल्ली में ESIC डिस्पेंसरी को आपूर्ति की जाने वाली दवाओं की चोरी में शामिल ESIC के अधिकारियों को गिरफ्तार किया है. दो व्यक्तियों को ईएसआई स्टैम्प वाली बड़ी मात्रा में दवाओं के साथ रंगे हाथ पकड़ा गया है. पकड़े गए आरोपियों में से एक चंद्र प्रकाश ईएसआईसी ओखला दिल्ली में फार्मासिस्ट था. इस संबंध में क्राइम ब्रांच ने मामला दर्ज किया था. चार आरोपियों को शुरुआती दौर में गिरफ्तार किया गया था. अब मास्टरमाइंड डॉ अविनाश सैनी को ईएसआईसी कालकाजी दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है.

पुलिस के मुताबिक जो लोग गिरफ्तार हुए हैं उनमें चन्द्रप्रकाश, प्रवीण मंगला, सुमेश राठी, आंकित मिश्रा और अविनाश सैनी शामिल हैं. क्राइम ब्रांच के जॉइंट सीपी आलोक कुमार के मुताबिक एक सूचना मिली थी कि ESI के अधिकारी दिल्ली में ESIC औषधालयों को आपूर्ति की जाने वाली दवाओं की चोरी में शामिल हैं. पहले चार आरोपियों को तब पकड़ा गया जब वे ईएसआई डिस्पेंसरी से अवैध रूप से खरीदी गई दवाओं की डिलीवरी कर रहे थे. आरोपी व्यक्तियों के पास से बड़ी मात्रा में ईएसआई स्टाम्प वाली महंगी दवाएं बरामद की गई हैं.

उन्होंने बताया कि इसी मामले में एक दूसरी सूचना के आधार पर जांच के दौरान ईएसआई डिस्पेंसरी ओखला व टिगरी से मेडिसिन स्टॉक रिपोर्ट प्राप्त की गई. आरोपी व्यक्तियों से बरामद कई दवाओं के बैच या लॉट नंबर उपरोक्त स्टॉक रिपोर्ट से मेल खाते हैं. बरामद दवा ईएसआईसी के कार्ड धारक पर जारी की गई थी, कार्ड धारक का पता लगाया गया और पूछताछ की गई और यह पता चला कि कुछ सदस्य इन औषधालयों में नहीं गए थे और उनमें से कुछ ने दौरा किया था, लेकिन वे जिस दवा में बारे में लिखा था उनकी बीमारी के लिए वो दवा थी ही नहीं। जांच में पता चला कि आरोपी चंद्र प्रकाश व्हाट्सएप पर डॉ अविनाश के संपर्क में था और चंद्र प्रकाश ने रोगी कार्ड पर सदस्यता के लिए महंगी दवाओं का नाम सुझाया, जिसकी मांग बाजार में थी. वही दवाएं ईएसआईसी लाभार्थी कार्ड पर डॉ अविनाश सैनी द्वारा लिखी गई थीं. आरोपी चंद्र प्रकाश और डॉ अविनाश सैनी ने पैसा कमाने के लिए जीवन रक्षक दवाओं को बाजार में बेच दिया.


ज्वाइंट सी ने बताया कि पुलिस ने 22 अक्टूबर को कालकाजी इलाके से डॉक्टर अविनाश को गिरफ्तार कर लिया. आरोपी अविनाश का जन्म दिल्ली में हुआ था और उसके बाद उसका परिवार ग्रेटर नोएडा में रहने लगा. उसने कर्नाटक से एमबीबीएस किया था. एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद उसे ईएसआईसी अस्पताल में डॉक्टर की नौकरी मिल गई. वह सह-आरोपी चंद्र प्रकाश के संपर्क में आया और चंदर प्रकाश के निर्देश पर जीवन रक्षक दवाओं को अवैध तरीके से बेचने लगा. चंद्र प्रकाश ने अवैध रूप से इन दवाओं को ईएसआईसी औषधालयों से लिया और इन्हें बाजार में बेच दिया. मामले की आगे की जांच जारी है।  (ndtv.in)

 

इस ट्रेन ड्राइवर को बेहद अलग अंदाज़ से किया गया प्रपोज़, ये है लव का असली डोज़!
23-Oct-2021 8:33 PM (74)

प्यार पाने के लिए इंसान बहुत मेहनत करता है. अपने प्यार को ख़ुश रखने के लिए ख़्याल रखता है. सोशल मीडिया (Social Media Viral) पर प्रपोज़ करने के तरीके हमेशा वायरल होते रहते हैं. आज भी एक वीडियो सोशल मीडिया (Trending News) पर बहुत तेज़ी से वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक ट्रेन ड्राइवर (Train Driver) ने बेहद अनोखे तरीके से प्रपोज़ किया है. हालांकि ये वीडियो पुराना है, मगर फिर से वायरल हो रहा है. इस वायरल वीडियो को देखकर लोग कमेंट्स कर रहे हैं.

ये वीडियो आयरलैंड की राजधानी डब्लिन का है. कहानी ये है कि Conor O'Sullivan और Paula Carbo Zea दोनों एक-दूसरे से प्यार करते हैं. वहीं, Paula Carbo Zea एक लोको पायलट हैं. वीडियो में देखा जा सकता है कि Paula Carbo Zea ट्रेन चलाते हुए आती हैं, वहीं Conor O'Sullivan उनका इंतज़ार करते हुए नज़र आ रहे हैं.

इस वीडियो को @Clodagh1990 नाम के ट्विटर यूज़र से शेयर किया गया है. अब तक इस वीडियो को 3 लाख से ज़्यादा बार देखा जा चुका है. वहीं, इस वीडियो पर कई कमेंट्स भी आए हैं. इस वीडियो पर एक यूज़र ने लिखा है- बहुत ही शानदार वीडियो, वहीं एक अन्य यूज़र ने लिखा है- ऐसा प्रपोज़, कोई भी खुश हो जाएगा.  (ndtv.in)

जलवायु बैठक में दांव पर क्या लगा है?
23-Oct-2021 8:09 PM (54)

31 अक्टूबर से ग्लासगो में संयुक्त राष्ट्र की जलवायु शिखर सम्मेलन हो रहा है. इसमें विश्व नेताओं पर वैश्विक तापमान को स्थिर करने और मौसम की बढ़ती अतिशयताओं के लिहाज से तैयारी के लिए आर्थिक साझेदारी का दबाव बनाया जाएगा.

डॉयचे वैले पर अजीत निरंजन की रिपोर्ट- 

संयुक्त राष्ट्र के तत्वाधान में होने वाली बैठक पिछले साल कोरोना महामारी की वजह से नहीं हो पाई थी. वैसे इस सालाना बैठक में तमाम देशों के राजनयिक, जलवायु में आ रहे खतरनाक बदलावों को कम करने के बारे में समझौतों पर चर्चा करते हैं. 2015 में पेरिस समझौते के तहत वैश्विक तापमान को 2 डिग्री सेल्सियस से नीचे रखने का गैर-बाध्यकारी लक्ष्य निर्धारित किया गया था. लेकिन समझौते पर हस्तक्षर के बावजूद पूरी दुनिया में पेरिस समझौते के लक्ष्यों के विपरीत, पूरी रफ्तार से फॉसिल ईंधन फूंके जा रहे हैं और पेड़ों को काटा जा रहा है.

अब जबकि संपन्न देशों और गरीब देशों में जलवायु परिवर्तन के दुष्परिणाम समान रूप से परिलक्षित हैं तो वे पेरिस के वायदों के बाद पहली बार उस सम्मेलन के लिए लिए जमा रहे हैं जो जानकारों के मुताबिक सबसे अधिक मानीखेज हो सकता है. जलवायु परिवर्तन ने घातक मौसमी अतिशयताओं और बड़े पैमाने पर जनप्रतिरोधों के बीच राजनीतिक एजेंडे को और तीव्र कर दिया है. प्रदूषण करने वाले कई देशों के नेताओं ने इस शताब्दी के मध्य तक अपनी अर्थव्यवस्थाओं को कार्बनमुक्त कर देने का वादा किया है.

ऊर्जा, पर्यावरण और जल परिषद (सीईईडब्लू) में वरिष्ठ विश्लेषक शिखा भसीन कहती हैं, "पिछले दो दशकों के दरम्यान जलवायु की चुनौतियों का सामना करते हुए आज हम जलवायु आपातकाल में रहने को विवश हो चुके हैं.” उनके मुताबिक "इसीलिए आगामी कॉप26 यानी जलवायु सम्मेलन बहुत अहम है.”

एजेंडा क्या है?

पेरिस समझौते के तहत विश्व नेताओं को ये चुनना था कि वे अपने अपने देशों में कितनी तेजी से उत्सर्जनों में कटौती करेंगे. वे हर पांच साल में ऐसा करने के लिए अपनी कार्ययोजना को अपडेट करने पर भी राजी हुए थे.

लेकिन ग्लासगो में होने वाले जलवायु सम्मेलन से ठीक पहले- चीन, भारत और सउदी अरब जैसे बड़े उत्सर्जक देश नयी योजनाओं का खाका जमा कराने में विफल रहे. अंतरराष्ट्रीय जलवायु वार्ताओं का संयोजन करने वाली संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन संस्था की सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक जो योजनाएं अपडेट होकर आई हैं वे दुनिया में ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जनों का करीब आधा ही हैं.

इटली और ब्रिटेन मिलकर सम्मेलन की मेजबानी कर रहे हैं. ब्रिटेन ने नई योजनाओं को जमा कराने के लिए देशों पर दबाव डाला है और ठोस समझौतों के लिए वो जोर भी लगा रहा है जिससे लक्ष्यों तक पहुंचने में मदद मिल सके. प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने "कोयले, कार, नकदी और पेड़ों” के बारे में साहसी प्रतिबद्धता दिखाने का आह्वान भी किया है.

ब्रिटेन एक ऐसी संधि के लिए भी जोर लगा रहा है जो "कोयले को इतिहास के हवाले” कर देगी. ईंधन चालित कारों की बिक्री बंद करने के लिए उसने 2040 की डेडलाइन का प्रस्ताव भी रखा है. वह निर्वनीकरण यानी जंगलों की कटान रोकने के लिए भी और पैसा झोंकने को तैयार है.

कीमत कौन चुकाएगा?

एजेंडे पर सबसे ऊपर सवाल ये होगा कि पर्यावरण को प्रदूषित करने के सबसे अधिक जिम्मेदार अमीर देश कितना पैसा गरीब देशों को मुहैया कराएंगे जिन पर जलवायु परिवर्तन की सबसे ज्यादा मार पड़ी है.

2009 में सबसे संपन्न देश, 2020 तक जलवायु वित्त के नाम पर हर साल 100 अरब डॉलर देने पर राजी हो गए थे. लेकिन ओईसीडी के ताजा अनुमानों के मुताबिक, 2019 में ये देश उस लक्ष्य से पिछड़ गए और सिर्फ 79.6 अरब डॉलर ही जमा करा पाए. 20 अरब डॉलर जमा ही नहीं हो पाया. उन दस वर्षों में धरती का औसत तापमान इतना ज्यादा बढ़ गया कि पिछला दशक सबसे गरम दशक के रूप में रिकॉर्ड में दर्ज हुआ.

विश्लेषकों का कहना है कि भुगतान ना कर पाने की विफलता मायने रखती है. दो वजह हैं. पहली तो ये कि भले ही जलवायु परिवर्तन की लागत या नवीनीकृत ऊर्जा में जाने की लागत को देखते हुए ये रकम नाकाफी हो लेकिन पैसे की जरूरत तो है.

लेकिन जलवायु पर यूरोप के एक थिंकटैंक ई3जी में विशेषज्ञ जेनिफर टोलमान के मुताबिक ये कूटनीतिक मुद्दा भी है. "अंतरराष्ट्रीय वार्ताएं भरोसे की बुनियाद पर टिकी होती हैं. 100 अरब डॉलर का पूरा भुगतान न हो पाने का मतबल ये है कि वो बुनियाद एक हद तक दरक रही है.”

और कौनसी चीजें मायने रखती हैं?

जलवायु परिवर्तन के लिहाज से सबसे असहाय और संवेदनशील देशों ने उसके प्रभावों के लिहाज से अनुकूलित होने या उसके लिए तैयार रहने के लिए और अधिक ध्यान देने की अपील की है. इसमें फंडिंग भी शामिल है.

इसके अलावा, अमल में लाने से पहले पेरिस समझौते की तकनीकी बारीकियों को भी ठीक से समझने की जरूरत है. इसमें वैश्विक कार्बन बाजार के इर्दगिर्द बनाए गए नियम भी शामिल हैं-  इस बाजार के जरिए देश सीमा पार उत्सर्जनों का व्यापार करते हैं और प्रदूषण घटाने वाली परियोजनाओं में निवेश कर उनकी भरपाई करते हैं. इस कार्बन बाजार में ये भी शामिल हैं कि देशों को अपने उत्सर्जनों में कटौती की औपचारिक सूचना भी देते रहनी चाहिए.

31 अक्टूबर से 12 नवंबर तक दो सप्ताह की अवधि में चलने वाली मुख्य वार्ताओं में विश्व नेता, वैज्ञानिक, कारोबारी, और सिविल सोसायटी समूह एक-दूसरे के नजदीक आएंगे. गरीब देशों के प्रतिनिधियों ने आगाह किया है कि यात्रा प्रतिबंधों, टीकों की कमी और ठहराव के खर्चों के चलते उनका इस बैठक में आ पाना मुश्किल होगा. ऐसा हुआ तो बड़े प्रदूषकों यानी अमीर देशों को अपने किए के लिए जिम्मेदार ठहराने में और कठिनाई आएगी.

स्पेन की राजधानी मैड्रिड में 2019 में हुई पिछली जलवायु बैठक में वार्ताएं दो दिन और खिंच गई थीं. हताश वार्ताकार बढ़ती महत्वाकांक्षाओं पर काबू पाने के लिए जूझते रहे और कार्बन बाजार पर कोई सहमति ही नहीं बना पाए.

देशों को जिम्मेदार ठहराने के मामले में अब तक की जलवायु बैठकें नाकाम ही रही हैं. लेकिन सीईईडब्लू की विश्लेषक शिखा भसीन कहती हैं कि कॉप26 के पास एक मौका है कुछ भरोसा बना पाने का. वह कहती हैं, "हमारे पास यही सब है तो हमें इसे ही काम करने लायक बनाने का तरीका ढूंढना होगा.” (dw.com)

 

पुडुचेरी : पीएमके नेता की हत्या के बाद से कराइकल में तनाव
23-Oct-2021 8:01 PM (39)

कराइकल, 23 अक्टूबर | पुडुचेरी में शनिवार को पीएमके नेता की निर्मम हत्या के बाद से तनाव जारी है। अज्ञात हमलावरों ने पीएमके के कराइकल जिला सचिव के. देवमणि की उस समय चाकू मारकर हत्या कर दी, जब वह पार्टी के एक सहयोगी के साथ शुक्रवार को रात करीब साढ़े दस बजे मोटरसाइकिल से थिरुनल्लर लौट रहे थे। पुलिस को अंदेशा है कि देवमणि की हत्या राजनीतिक प्रतिशोध में की गई है।

इलाके में लगे निगरानी कैमरे के फुटेज से पता चला है कि हमलावरों ने पहले देवमणि का पीछा किया था। हमला करने के बाद हमलावर उन्हें खून से लथपथ छोड़कर मोटरसाइकिल से भाग निकले।

उनके समर्थक और परिजन उन्हें कराइकल के सरकारी सामान्य अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

देवमणि के परिजनों और पीएमके सदस्यों के विरोध में, उनके हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर, इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और संदिग्धों की तलाश जारी है।

देवमणि को 2012 में पीएमके के कराइकल जिला सचिव के रूप में नियुक्त किया गया था। उन्होंने 2016 के चुनावों में थिरुनल्लार विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था।(आईएएनएस)

सिसोदिया ने कहा- गोवा के मुख्यमंत्री को बदलेगी भाजपा, पार्टी ने अफवाह बताया
23-Oct-2021 7:59 PM (40)

पणजी, 23 अक्टूबर | दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के खराब शासन ट्रैक रिकॉर्ड और कोविड महामारी से प्रभावी ढंग से निपटने में असमर्थता के कारण भाजपा जल्द ही गोवा के मुख्यमंत्री की जगह लेगी। वहीं गोवा भाजपा ने आम आदमी पार्टी के बयान को एक अफवाह के रूप में खारिज कर दिया है।

बीजेपी के राज्यसभा सांसद विनय तेंदुलकर ने संवाददाताओं से कहा, "मुझे नहीं पता। ये अफवाहें हैं। सीएम राज्य सरकार को अच्छी तरह से चला रहे हैं। मुझे लगता है कि कोई भी पार्टी सिर्फ दो महीने (चुनाव के लिए) में इस तरह के बदलाव नहीं करेगी।" गोवा में राज्य विधानसभा के चुनाव 2022 की शुरूआत में होने हैं।

इससे पहले शनिवार को, सिसोदिया ने सत्तारूढ़ भाजपा के सूत्रों के हवाले से कहा था कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने सावंत सरकार की विफलताओं का 10-सूत्रीय ज्ञापन तैयार किया था और कहा कि मुख्यमंत्री को जल्द ही बदल दिया जाएगा। सिसोदिया ने दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में यह घोषणा की।

सिसोदिया ने आज दोपहर दिल्ली में एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा, "2022 में आगामी विधानसभा चुनावों से ठीक पहले, भाजपा ने गोवा में भी अपने मुख्यमंत्री को बदलने की अपनी प्रवृत्ति को जारी रखने का फैसला किया है। पार्टी ने सावंत के निष्कासन के पीछे 10 कारणों का हवाला दिया है।"

सिसोदिया ने आगे कहा, "बीजेपी ने 10-सूत्रीय विफलता सूची भी तैयार की है। कोविड-19 कुप्रबंधन सूची में सबसे ऊपर है क्योंकि राज्य में 50 प्रतिशत सकारात्मकता दर दर्ज करने के बाद भी मुख्यमंत्री कुछ भी करने में विफल रहे। पंचायतों को अपने दम पर तालाबंदी करनी पड़ी। गोवा सरकार चक्रवाती तूफान तौकता का प्रबंधन भी नहीं कर पाई क्योंकि चेतावनी के बावजूद पूरे चार दिनों तक गोवा में बिजली गुल रही।"

उन्होंने कहा, "गोवा सरकार द्वारा उन लोगों के परिजनों को मुआवजा देने का वादा किया गया था, जिनके एकमात्र कमाने वाले की मृत्यु कोविड-19 के कारण हुई थी, वह भी पूरा नहीं हुआ।"

दिलचस्प बात यह है कि सावंत, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सदानंद शेत तनवड़े और राज्य के आयोजन सचिव सतीश धोंड को शुक्रवार को अचानक राष्ट्रीय राजधानी में तलब किया गया था।

तीनों ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव बी.एल. संतोष और पार्टी के गोवा डेस्क प्रभारी और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की।

गोवा लौटने पर सावंत ने कहा था, "यह चुनाव संबंधी बैठक थी।"

पिछले कुछ महीनों में भाजपा ने उत्तराखंड, गुजरात और कर्नाटक जैसे राज्यों में तीन मुख्यमंत्रियों को बदल दिया है, जहां चुनाव जल्द से जल्द होने हैं।(आईएएनएस)

ब्लैक फंगस से पत्नी की मौत के बाद कर्नाटक के व्यक्ति ने 4 बच्चों के साथ आत्महत्या की
23-Oct-2021 7:58 PM (167)

बेलागवी, 23 अक्टूबर | कर्नाटक के बेलगावी जिले में ब्लैक फंगस से अपनी पत्नी की मौत का दर्द सहन नहीं कर पा रहे एक व्यक्ति ने शनिवार को अपने चार बच्चों के साथ जहर खा लिया। घटना हुक्केरी तालुक के बोरागल गांव की है। मृतकों की पहचान गोपाल हादिमानी (46), उनके बच्चों सौम्या हदीमानी (19), श्वेता हदीमानी (16), साक्षी हदीमनी (11) और सृजन हदीमानी (8) के रूप में हुई है।

पुलिस के मुताबिक, गोपाल की पत्नी जया की 6 जुलाई को ब्लैक फंगस के कारण मौत हो गई थी। अपनी असमय मौत का दर्द सहन ना कर पाने के कारण गोपाल ने शनिवार को अपने बच्चों के साथ आत्महत्या कर ली।

संकेश्वर पुलिस ने आईएएनएस को बताया, "आगे की जांच जारी है।"(आईएएनएस)

शाह का कश्मीर दौरा महज दिखावा, यह वास्तविक समस्या का समाधान नहीं : महबूबा
23-Oct-2021 7:58 PM (46)

 श्रीनगर, 23 अक्टूबर | जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की तीन दिवसीय जम्मू-कश्मीर यात्रा को लेकर केंद्र की आलोचना की।

उन्होंने एक ट्वीट में कहा, गृहमंत्री श्रीनगर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का उद्घाटन करते हैं, नए मेडिकल कॉलेज की नींव भी रखते हैं, लेकिन सच्चाई ये है कि आधे से ज्यादा मेडिकल कॉलेज को लेकर सेंशन (स्वीकृति) कांग्रेस सरकार के दौरान हो गया था। अनुच्छेद 370 हटने के बाद से तो सिर्फ परेशानियां बढ़ी हैं, जम्मू-कश्मीर को अराजकता की ओर धकेल दिया गया है।

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने यह भी कहा है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और मेडिकल कॉलेजों का उद्घाटन किया जाना दिखावटी कदम है, जो जम्मू-कश्मीर में वास्तविक समस्या का समाधान नहीं करेंगे।

उन्होंने कहा कि आदर्श रूप से गृह मंत्री की यात्रा इस साल जून में प्रधानमंत्री द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक के दौरान केंद्र शासित प्रदेश के नेताओं को दिए गए आश्वासनों पर आगे की कार्रवाई से पहले होनी चाहिए थी।

महबूबा ने सिलसिलेवार ट्वीट कर कहा, श्रीनगर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का उद्घाटन और नए मेडिकल कॉलेजों की नींव रखना कोई नई बात नहीं है। आधा दर्जन मेडिकल कॉलेज संप्रग सरकार द्वारा स्वीकृत किए गए थे और अब काम कर रहे हैं। अनुच्छेद 370 को निरस्त करने और एक संकट पैदा करने के बाद, जम्मू-कश्मीर को अराजकता की स्थिति में छोड़ दिया गया है।

उन्होंने कहा कि यहां के लोगों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार को असली समस्याओं का समाधान करना चाहिए।

महबूबा ने कहा, यह संकट भारत सरकार का बनाया हुआ है और लोगों तक पहुंचने के बजाय उन्होंने दिखावटी कदमों का विकल्प चुना, जो वास्तविक समस्या का समाधान नहीं करता है। आदर्श रूप से, गृहमंत्री की यात्रा सर्वदलीय बैठक के बाद प्रधानमंत्री के आश्वासनों पर आगे की कार्रवाई से पहले होनी चाहिए थी।

उन्होंने कहा, विश्वास बहाली के उपायों जैसे, 2019 से लागू जम्मू-कश्मीर की घेराबंदी को हटाना, कैदियों को रिहा करना, यहां के लोगों के दैनिक आधार पर होने वाले उत्पीड़न को समाप्त करना, अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने और बागवानी के लिए ठोस कदम उठाने से लोगों को राहत मिलती।

पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि इसके उलट, शाह के दौरे से पहले 700 नागरिकों को हिरासत में ले लिया गया, उन पर लोकसुरक्षा अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया और कई को कश्मीर के बाहर जेलों में भेज दिया गया।(आईएएनएस)

इस्कॉन-बैंगलोर ने भारत सरकार से बांग्लादेश में हिंदुओं की रक्षा करने का आग्रह किया
23-Oct-2021 7:54 PM (24)

बेंगलुरु, 23 अक्टूबर | बांग्लादेश में पिछले कुछ हफ्तों में हिंदू समुदाय पर हुए हमलों की निंदा करते हुए इस्कॉन-बैंगलोर ने शनिवार को शहर में कीर्तन मार्च निकाला।

इस्कॉन बैंगलोर के अध्यक्ष मधु पंडित दास ने कहा, हम बांग्लादेश में इस्कॉन भक्तों, हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों पर अकारण हमलों पर अपना दर्द और पीड़ा व्यक्त करते हैं। हम एकजुट रूप से उनके साथ समर्थन और एकजुटता के साथ खड़े हुए हैं और उनकी सुरक्षा और कल्याण के लिए प्रार्थना करते हैं।

उन्होंने कहा, हम बांग्लादेश सरकार से तुरंत प्रभावित अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाने का आग्रह करते हैं। हम भारत सरकार से अपने पड़ोसी देशों के साथ काम करने और क्षेत्र में अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करने का भी अनुरोध करते हैं।

इस्कॉन में रणनीतिक संचार और परियोजना मामलों के प्रमुख नवीना नीरदा दासा ने कहा, ग्लोबल कीर्तन मार्च वैश्विक हिंदू समुदाय के दर्द और दुख का एक विश्वव्यापी शांतिपूर्ण प्रदर्शन है, जो बांग्लादेश के हिंदुओं के साथ एकजुटता दिखाने के लिए निकाला जा रहा है। यह विरोध किसी धार्मिक समुदाय या बांग्लादेश राष्ट्र के खिलाफ नहीं है। यह देश के सभी अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की मांग के लिए है।

उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हाल ही में इस्कॉन और अन्य संगठनों के मंदिरों में तोड़फोड़ की गई है, देवताओं की मूर्तियों को तोड़ा गया है और देवी दुर्गा के पूजा पंडाल जलाए गए हैं। उन्होंने कहा कि कट्टरपंथी भीड़ ने हमलों के दौरान बांग्लादेश के नोआखली में इस्कॉन के प्रंथ चंद्र दास और जतन चंद्र साहा सहित कई लोगों को मार डाला।

उन्होंने कहा कि हिंदुओं के कई घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को व्यवस्थित रूप से निशाना बनाया गया और जला दिया गया। उन्होंने आग्रह करते हुए कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यक समूहों पर इस तरह के हमले दशकों से होते आ रहे हैं और इसे रोकने की जरूरत है।

इस्कॉन की ओर से कहा गया है कि शांतिपूर्ण और कानून का पालन करने वाले समुदायों पर लक्षित हमलों ने मानवता की सामूहिक चेतना को झकझोर दिया है। इसने कहा कि इन कमजोर लोगों के लिए सुरक्षा की मांग करने के लिए, इस्कॉन आंदोलन ने दुनिया भर में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन आयोजित किए हैं।

इस्कॉन बैंगलोर ने देश के उत्पीड़ित अल्पसंख्यकों के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए हरे कृष्णा हिल पर भी शांतिपूर्ण कीर्तन मार्च का आयोजन किया था। इस कार्यक्रम में मंदिर के मिशनरियों, इस्कॉन मंडली के सदस्यों और अन्य कई नागरिकों ने भाग लिया।(आईएएनएस)

स्वास्थ्य मंत्रालय के ऑनलाइन खरीदारी की सलाह पर कैट का जवाब, 'व्यापारी करें ऑनलाइन मतदान'
23-Oct-2021 7:53 PM (33)

नई दिल्ली, 23 अक्टूबर | केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग ने एक विज्ञापन के माध्यम से लोगों से कोविड से सुरक्षा के लिए बाजारों में न जा कर ऑनलाइन खरीदारी करने का आग्रह किया, इस पर कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने आज देश भर के 8 करोड़ व्यापारियों और उनसे जुड़े परिवारों से ये आग्रह किया है कि आने वाले चुनावों में यदि ऑनलाइन वोटिंग की व्यवस्था हो तभी ऑनलाइन मतदान करें वहीं मतदान केंद्र पर न जाकर कोविड से बचें। कैट ने कहा है कि, जब सरकार बाजारों को कोविड के लिए खतरा मानती है तो मतदान केंद्र पर भी कोविड से प्रभावित होने की बराबर संभावना है।

ई कॉमर्स के मुद्दे पर हाल ही में आये कुछ नए तथ्यों के सन्दर्भ में कैट ने आगामी 26 अक्टूबर को दिल्ली में अपने शीर्ष निकाय कैट बोर्ड की मीटिंग बुलाई है जिसमें ई कॉमर्स पर भविष्य की एक आक्रामक रणनीति तय की जायेगी।

कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने कड़े शब्दों में कहा कि, प्रधानमंत्री मोदी लोकल पर वोकल पर जोर देते हुए देश की जनता से ज्यादा से ज्यादा देसी समान खरीदने की अपील करते हैं, उसी सरकार का स्वास्थ मंत्रालय लोगों से घर बैठे ऑनलाइन खरीदारी करने का आग्रह कर प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के सपने के विपरीत जाकर लोगों को सलाह दे रहा है।

स्वास्थय मंत्रालय का यह निर्णय देश भर के व्यापारियों को बेहद नागवार गुजरा है जिसका प्रचंड विरोध देश भर में व्यापारियों द्वारा किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा दिया गया ये विज्ञापन सीधे तौर पर देश के 8 करोड़ से अधिक छोटे व्यवसायों पर कड़ा आघात है और सीधे तौर पर भारत के संविधान में निहित मौलिक अधिकार का उल्लंघन है, जो किसी भी प्रकार के भेदभाव को रोकता है और ऑनलाइन एवं ऑफलाइन व्यापारियों में भेदभाव करता है।(आईएएनएस)