विचार / लेख

बच्चों को ताकत नहीं, कमजोर और इंसाफ का साथ देना बताइये
28-Aug-2023 3:36 PM
बच्चों को ताकत नहीं, कमजोर और इंसाफ   का साथ देना बताइये

हिमांशु कुमार

गुरमीत सिंह के यहाँ दो सौ से ज्यादा कुंवारी लड़कियों को सेवा के लिए रखा जाता था, यानी वह रोज ही एक नई लडकी से बलात्कार करता था, और ऐसा वह सत्ताईस सालों से कर रहा था, वह अपने खिलाफ आवाज उठाने वालों की हत्याएं करवाता था, वह धर्म के प्रवचन देता था, जो इंसान किसी दूसरे की भावना नहीं समझ सकता बल्कि सामने वाले को सिर्फ एक वस्तु समझता हो, वह कैसा इंसान होगा ?

डेरे के उसके अनुयायी जो कत्ल करते थे, हथियार इक_ा करते थे और इस इंसान के कहने से हत्या की योजना बनाते थे, वह लोग भी क्या गुरमीत सिंह को भगवान मानते होंगे ?

क्या पुलिस अधिकारियों, राजनेताओं को यह सब पता नहीं होगा?

यह लोग यह सब जानकर भी इस गुरमीत सिंह के सामने झुककर प्रणाम करते थे, बलात्कार करने को कोई बड़ी बात ना मानने वाले यह नेता, पुलिस अधिकारी और अफसर लोग प्रदेश की लड़कियों के बारे में क्या सोच रखते होंगे?

हरियाणा में औसतन रोज एक दलित लडकी से बड़ी जाति के दबंगों द्वारा बलात्कार किया जाता है, इनमें से ज्यादातर लोग या तो पकड़े ही नहीं जाते या आराम से छूट जाते हैं, यह वही हरियाणा है जहां एक आदिवासी लडक़ी के साथ सीआरपीएफ के अफसरों द्वारा बलात्कार पर आधारित मह्श्वेता देवी के उपन्यास पर बने नाटक आयोजित करने वाली प्रोफेसर को नक्सली कहकर प्रताडि़त किया गया।

मैंने हरियाणा में खुद बलात्कार पीडि़त महिलाओं को लेकर पुलिस के पास लड़ाई करी है, एफआईआर होने के बाद जब मैं दोनों पीडि़त महिलाओं को लेकर एसपी से मिलने गये तो दोनों बलात्कारी सवर्ण पुरुष एसपी के रूम में बैठे मिले, जो समाज ज्यादा वीरता, ताकत, दम मर्दानगी की पूजा करता है वहाँ हमेशा औरतों, दलितों और कमजोरों के खिलाफ होता है, क्योंकि आपको अपनी मर्दानगी दिखाने के लिए कोई कमजोर तो चाहिये ही।

पूरा राष्ट्रवाद का किला इसी नकली ताकत पर खड़ा किया जाता है, छप्पन इंच की छाती, उसी की भाषा में जवाब देना जुमले बोल कर नकली वीरता का आभास कराया जाता है।

आप यह सब अपने बच्चों को बचपन से ही सिखाते हैं,

आपके धार्मिक टीवी सीरियल में आपके बच्चे क्या देखते हैं ?

यही ना कि आपके देवता सबको मार रहे, आप देवता वाले हैं और हारने वाला राक्षस आपका दुश्मन है, या हमारी सेना दुश्मन को मार रही है या हम क्रिकेट में पाकिस्तान को हरा रहे हैं ?

आपके बच्चों का दिमाग ताकत की पूजा करने वाला बन जाता है, इसलिए इस समाज में जिसकी पास ताकत है सब उसे पूजने लगते हैं।

अलबत्ता आप कभी यह नहीं पूछते कि आपका ईश्वर बलात्कार पीडि़त लडक़ी की मदद कभी भी क्यों नहीं करता ?

आपको ताकतवर ईश्वर की किसी भी गलत बात पर सवाल उठाने से डरा दिया जाता है, और पूरा समाज सो जाता है, पहले बलात्कारी की मदद करने वाले ईश्वर को दफा कीजिये, फिर राष्ट्र को ताकतवर बनाने की बात करने वाली राजनीति को दफा कीजिये, फिर अपने बच्चों को ताकत नहीं कमजोर और न्याय का साथ देने के बारे में बताइये और ऐसा खुद करके भी दिखाइये।

मेरी बेटियाँ जब देखती हैं कि पापा ने आदिवासियों को न्याय दिलाने के लिए अपना सब कुछ खत्म कर दिया, तो मुझे अपनी बेटियों को यह बताने की जरूरत नहीं पड़ती कि अन्याय के खिलाफ जरूर लडऩा चाहिए भले ही उसकी कोई भी कीमत चुकानी पड़े।

मेरी नजर में अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने वाली दोनों लड़कियां, आवाज उठाने वाला पत्रकार रामचंद्र छत्रपति और फैसला देने वाला जज, इस समाज के लिए ज्यादा जरूरी हैं, बजाय कि एक बड़ा सा झंडा लेकर अपनी कार के आगे बाँध कर घूमते सेना की जय बोलते तथाकथित राष्ट्रवादियों से।


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