सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिश्रामपुर, 16 जून। संयुक्त कोयला मजदूर संघ (एटक) के नेतृत्व में गायत्री भूमिगत खदान के ठेका श्रमिकों ने मंगलवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर दो घंटे का सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सुबह 7 बजे से 9 बजे तक शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बाद श्रमिक नेताओं ने महाप्रबंधक, एसईसीएल विश्रामपुर क्षेत्र के नाम खान प्रबंधक जे.डी. सिंह को पांच सूत्रीय मांग पत्र सौंपा।
संघ के आरजीके सहक्षेत्र सचिव सलमान खान ने बताया कि ठेका श्रमिकों की समस्याओं को लेकर 1 जून 2026 को प्रबंधन को लिखित सूचना दी गई थी और 13 जून तक समाधान के लिए समय दिया गया था। इसके बावजूद प्रबंधन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई और न ही श्रमिकों से चर्चा की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि जोखिम भरे कार्य करने वाले श्रमिकों को उनके अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है, जो श्रम कानूनों की भावना के विपरीत है।
ये हैं श्रमिकों की प्रमुख मांगें
श्रमिकों ने प्रत्येक माह न्यूनतम 26 दिनों के रोजगार की गारंटी, वर्ष 2024-25 के लंबित बोनस एवं पीएलआई का भुगतान, बोनस पर्ची उपलब्ध कराने, कोल इंडिया के नियमानुसार सवेतन अवकाश देने, श्रमिक परिवारों के लिए शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने तथा एचपीसी वेज दर के अनुरूप पारदर्शी वेतन एवं बोनस भुगतान की मांग की है।
काम बंद और चक्का जाम आंदोलन की चेतावनी
संघ के क्षेत्रीय सचिव पंकज गर्ग ने कहा कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि आगामी चरण में ‘काम बंद’ और ‘चक्का जाम’ जैसे आंदोलनात्मक कदम उठाए जा सकते हैं, जिसकी जिम्मेदारी एसईसीएल प्रबंधन की होगी।
धरना-प्रदर्शन के दौरान धर्मजीत, रामधन, मुरली, रामकेश सहित अन्य श्रमिक नेताओं ने भी श्रमिकों की समस्याओं और मांगों को प्रमुखता से उठाया। आंदोलन में गायत्री भूमिगत खदान के बड़ी संख्या में ठेका श्रमिक और संघ के कार्यकर्ता शामिल हुए।


