सरगुजा

गायत्री मंत्र अनिवार्य करने के आदेश पर सिंहदेव की आपत्ति, कहा- धार्मिक स्वतंत्रता के
16-Jun-2026 9:51 PM
गायत्री मंत्र अनिवार्य करने के आदेश पर सिंहदेव की आपत्ति, कहा- धार्मिक स्वतंत्रता के

खिलाफ कोई भी फैसला स्वीकार्य नहीं

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता 

अंबिकापुर, 16 जून। राज्य के सरकारी स्कूलों में प्रार्थना के दौरान गायत्री मंत्र के उच्चारण को अनिवार्य किए जाने संबंधी शिक्षा विभाग के आदेश पर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता टीएस सिंहदेव ने इस निर्णय पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे संविधान की भावना के विपरीत बताया है।

अंबिकापुर में पत्रकारों से चर्चा के दौरान टीएस सिंहदेव ने कहा कि भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को अपनी धार्मिक आस्था और पूजा-पद्धति चुनने की स्वतंत्रता प्रदान करता है। ऐसे में किसी विशेष धर्म या परंपरा से जुड़े मंत्र अथवा प्रार्थना को अनिवार्य करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी भी धार्मिक गतिविधि में सहभागिता पूरी तरह स्वैच्छिक होनी चाहिए।

सिंहदेव ने राज्य सरकार से शिक्षा विभाग के इस आदेश पर पुनर्विचार करते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस प्रकार के निर्देशों को बाध्यकारी रूप से लागू करती है तो यह संविधान प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन माना जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि विद्यालयों में ऐसे छात्रों और शिक्षकों को पूरी स्वतंत्रता मिलनी चाहिए जो किसी कारणवश उक्त प्रार्थना में शामिल नहीं होना चाहते। किसी भी व्यक्ति पर उसकी इच्छा के विरुद्ध धार्मिक प्रार्थना या मंत्रोच्चार थोपना लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है।

गौरतलब है कि नए शिक्षा सत्र के पहले दिन जारी इस आदेश को लेकर विपक्षी दलों तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भी सवाल उठाए हैं। वहीं सरकार के निर्णय को लेकर प्रदेश में राजनीतिक बहस तेज हो गई है।


अन्य पोस्ट