सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 29 मई। सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों द्वारा राजपुर उप तहसील के नायब तहसीलदार तुषार मानिकपुरी के साथ कथित मारपीट मामले में पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता अमरजीत भगत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने घटना को प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम बताया है।
अमरजीत भगत ने कहा कि जनप्रतिनिधि होने का अर्थ यह नहीं है कि कोई भी व्यक्ति ‘सिंघम स्टाइल’ में कानून अपने हाथ में ले ले। यदि किसी अधिकारी के कार्य से असंतोष है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई, स्थानांतरण या निलंबन की प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए, न कि मारपीट जैसी घटनाओं को अंजाम दिया जाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में इस तरह की यह तीसरी या चौथी घटना है, लेकिन प्रशासन शुरूआती मामलों में सख्त कार्रवाई करने के बजाय समझौते का रास्ता अपनाता रहा। इससे असामाजिक तत्वों और गुंडागर्दी करने वालों के हौसले बढ़े हैं।
पूर्व मंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को भी निष्पक्ष और तटस्थ रहने की सलाह देते हुए कहा कि ‘अत्यधिक स्वामी-भक्ति’ के कारण ऐसी परिस्थितियां निर्मित होती हैं।
अधिकारियों को अपनी गरिमा और जिम्मेदारी बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि अधिकारी मारपीट का शिकार होने के बाद भी बयान बदलकर समझौता करते रहेंगे तो उनकी छवि पर भी प्रश्न उठेंगे।
अमरजीत भगत ने मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।


