सरगुजा

चहेते ठेकेदार को लाभ पहुंचाने अधिक दर पर काम देने का आरोप
20-May-2026 9:46 PM
चहेते ठेकेदार को लाभ पहुंचाने अधिक दर पर काम देने का आरोप

ठेकेदार संघ ने की जशपुर में पुल निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

अंबिकापुर, 20 मई। छत्तीसगढ़ कान्ट्रेक्टर्स एसोसिएशन के सरगुजा जिलाध्यक्ष दीपक मिश्रा ने जशपुर जिले में ग्रामीण सडक़ विकास अभिकरण के अंतर्गत बन रहे दो पुल निर्माण कार्यों में गंभीर अनियमितता के आरोप लगाए हैं। संघ ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

बुधवार को अंबिकापुर नगर के होटल सीटी इन में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष दीपक मिश्रा ने आरोप लगाया कि अपने चहेते ठेकेदार को लाभ पहुंचाने 18.86 प्रतिशत के अधिक दर पर कार्य मेसर्स साई एसोसिएट्स को दे दिया गया, जिसके कारण सरकार पर कम से कम 3 करोड़ रुपए का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। श्री मिश्रा ने आरोप लगाया है कि पुराने ठेकेदार का टेंडर साजिश के तहत निरस्त किया गया और मोटी कमीशन की राशि लेकर विभाग के अधिकारियों ने दूसरे ठेकेदार को टेंडर दिला दिया।

मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए और आरोप लगाते हुए श्री मिश्रा ने कहा कि छत्तीसगढ़ ग्रामीण सडक़ विकास अभिकरण की परियोजना क्रियान्वयन इकाई क्रमांक-1, जशपुर नगर द्वारा पैकेज क्रमांक ष्टत्ररुस्क्च 07-22 के तहत सोगड़ा से मनोरा मार्ग तथा जरिया से कुजरी मार्ग पर लावा नदी में उच्च स्तरीय पुल और पहुंच मार्ग का निर्माण कराया जा रहा है। यह कार्य मेसर्स विजय सिंह को वर्ष 2022 में आवंटित किया गया था तथा इसकी पूर्णता तिथि 15 मार्च 2023 निर्धारित थी।

संघ के अनुसार ठेकेदार द्वारा कोरोना की दूसरी लहर, डिजाइन परिवर्तन सहित अन्य कारणों का हवाला देते हुए समय वृद्धि की मांग की गई थी, जिस पर विभाग द्वारा जून 2024 तक समय वृद्धि प्रदान की गई। बाद में 4 जुलाई 2024 को विभाग ने अनुबंध निरस्त कर दिया।

ठेकेदार द्वारा कई बार टेंडर पुनर्जीवित करने का आवेदन दिया गया। 30 सितंबर 2024 को कार्यपालन अभियंता ने कलेक्टर की अनुशंसा पर मुख्य अभियंता से कार्य पुन: उसी ठेकेदार से कराए जाने का आग्रह किया।

 आरोप है कि मुख्य अभियंता द्वारा सुनवाई के लिए 112.80 लाख रुपये एल.डी. के रूप में जमा करने कहा गया, जबकि इसका प्रावधान अनुबंध में नहीं था।

संघ का कहना है कि मामले का निराकरण किए बिना विभाग ने दोबारा निविदा जारी कर 2 जनवरी 2025 को मेसर्स साई एसोसिएट्स को 18.86 प्रतिशत ऊपर दर पर कार्य आवंटित कर दिया, जबकि पूर्व ठेकेदार की दर 7.11 प्रतिशत कम थी।

 इससे शासन पर लगभग तीन करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पडऩे का दावा किया गया है।

नए ठेकेदार के नाम पर दर्शा डेढ़ करोड़ का भुगतान

मामले को लेकर ठेकेदार विजय सिंह उच्च न्यायालय पहुंचे, जहां न्यायालय से उनके पक्ष में निर्णय आया। इसके बाद 29 अप्रैल 2025 से 23 जून 2025 तक दोनों पुलों पर पूर्व ठेकेदार द्वारा कार्य कराया गया। संघ ने आरोप लगाया कि इस दौरान किए गए कार्यों को नए ठेकेदार के नाम पर दर्शाया गया और करीब डेढ़ करोड़ रुपये के भुगतान में अनियमितता हुई है।

संघ ने आरोप लगाया कि विभाग और ठेकेदार की मिलीभगत के कारण अब तक पुल निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। डेढ़ वर्ष बीतने के बावजूद नए ठेकेदार द्वारा 20 प्रतिशत कार्य भी पूरा नहीं किया गया है।

छत्तीसगढ़ कान्ट्रेक्टर्स एसोसिएशन ने मामले की उच्च स्तरीय जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित ठेकेदार पर अपराध दर्ज करने की मांग की है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जांच नहीं कराई गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। प्रेस वार्ता के दौरान शैलेंद्र प्रताप सिंह,आलोक सिंह, मंटू सिंह, सतीश बारी,आशीष जायसवाल, अजीत तिवारी सहित अन्य मौजूद थे।


अन्य पोस्ट