सरगुजा
पार्षद आलोक दुबे ने आईजी को सौंपा ज्ञापन
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 13 मई। मिशन चौक निवासी और टुन-टुन दाबेली संचालक अमन ओझा की संदिग्ध मौत के मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। नगर निगम अंबिकापुर के पार्षद आलोक दुबे ने सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक दीपक झा को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
ज्ञापन में आलोक दुबे ने कहा है कि अमन ओझा की झारखंड के गढ़वा जिले में संदिग्ध परिस्थितियों में लाश मिलने से हत्या की आशंका प्रबल हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना से तीन-चार दिन पहले अमन ओझा ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपनी जान को खतरा बताया था। वीडियो में उसने आरोप लगाया था कि उसकी पत्नी और बच्चे को जय स्तंभ चौक निवासी एक युवक बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। इस संबंध में उसने अप्रैल 2026 में कोतवाली थाना अंबिकापुर और कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत भी की थी।
ज्ञापन में कहा गया है कि शिकायत में संबंधित लोगों के नाम और मोबाइल नंबर देने के बावजूद पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। न तो उसकी पत्नी और बच्चे की तलाश की गई और न ही आरोपित युवक से पूछताछ की गई। पार्षद ने इसे पुलिस की गंभीर लापरवाही बताते हुए साइबर सेल, नगर पुलिस अधीक्षक, गांधीनगर थाना और कोतवाली थाना की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
आलोक दुबे ने आईजी से मांग की है कि झारखंड पुलिस के सहयोग से विशेष जांच टीम गठित कर मामले का जल्द खुलासा कराया जाए। साथ ही अमन ओझा द्वारा सोशल मीडिया पर जारी वीडियो की साइबर जांच कर दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए।
ज्ञापन के साथ अमन ओझा के सोशल मीडिया वीडियो और विभिन्न समाचार चैनलों में प्रसारित खबरों से संबंधित प्रमाण भी संलग्न किए गए हैं।


