सरगुजा
अंबिकापुर, 3 मई। सरगुजा जिले के सीतापुर क्षेत्र में नाबालिग आदिवासी बच्चियों के साथ हुए गैंगरेप को लेकर कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव एवं छत्तीसगढ़ की सहप्रभारी जरिता लैतफलांग ने गांव पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और पीडि़त बच्चियों व उनके परिजनों से मुलाकात की। उनके साथ प्रदेश कांग्रेस द्वारा गठित जांच दल के सदस्य भी मौजूद रहे।
जांच दल ने करीब एक घंटे तक एकांत में पीडि़तों और उनके परिवार से बातचीत कर घटना और उसके बाद हुई प्रशासनिक कार्रवाई की जानकारी ली। इस दौरान जरिता लैतफलांग ने कहा कि बच्चियों द्वारा बताई गई घटना बेहद भयावह और विचलित करने वाली है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले को दबाने की कोशिश की गई और अब भी पीडि़त परिवार पर दबाव बनाए जाने की शिकायत सामने आ रही है।
उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में कथित लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारी अब भी विवेचना कर रहे हैं, जो निष्पक्ष जांच पर सवाल खड़े करता है। साथ ही, गलत चिकित्सीय रिपोर्ट देने वाले संबंधित डॉक्टर पर कार्रवाई नहीं होने को भी गंभीर मुद्दा बताया। उन्होंने मांग की कि संबंधित पुलिस अधिकारी और चिकित्सक के खिलाफ साक्ष्य मिटाने के आरोप में कानूनी कार्रवाई की जाए।
कांग्रेस नेता ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि महिला सुरक्षा और सुशासन के दावे के बावजूद प्रदेश में महिला अपराध के मामलों में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है और कांग्रेस का जांच दल आगामी दो दिनों में अपनी रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को सौंपेगा।
कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने अपना रवैया नहीं बदला, तो पार्टी पीडि़तों के समर्थन में आगे की कार्रवाई करेगी।


