सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
सीतापुर,16 अप्रैल। संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय सरगुजा छत्तीसगढ़ द्वारा स्नेहलता खलखो को हिंदी विषय में पीएचडी उपाधि प्रदान की है । स्नेहलता खलखो को ‘ 21वीं सदी के हिंदी उपन्यास और भारतीय किसान’ विषय पर उनके शोध के लिए पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई है।
उन्होंने अपना शोध कार्य डॉ उमेश कुमार पाण्डेय,सहायक प्राध्यापक हिंदी, राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अंबिकापुर ,जिला सरगुजा के निर्देशन में पूर्ण किए। डॉ. उमेश कुमार पाण्डेय के निर्देशन में अनेक शोधार्थियों ने शोध उपाधि प्राप्त किए है। स्नेहलता खलखो ने अपने शोध कार्य में ग्रामीण क्षेत्र के किसान और तकनीकी, पर्यावरण और जैविक खाद,किसान आंदोलन, जलवायु परिवर्तन और प्रवासी खेती, युवा किसान की उलझन,पशुपालन और किसान की मनोदशा की सामाजिकऔर राजनैतिक समीक्षा का अध्ययन किया है।
पीएचडी वायवा के लिए विषय विशेषज्ञ के रूप में डॉ जितेंद्र कुमार सिंह (वरिष्ठ प्राध्यापक) हिंदी विभाग , अमरकंटक इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय मध्यप्रदेश, डॉ शारदा प्रसाद त्रिपाठी, कुलसचिव संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय अंबिकापुर, श्री टेमन देवांगन (अकादमी), सहायक कुलसचिव, संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय अंबिकापुर, डॉ पीयूष कुमार पाण्डेय, डॉ राम किंकर पाण्डेय की उपस्थिति में सम्पन्न हुई।
स्नेहलता खलखो ने 6 राष्ट्रीय एवं 3 अंतर्राष्ट्रीय कान्फ्रेंस एवं सेमिनार में अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया और कुल छ: शोध पत्र प्रतिष्ठित जनरल में प्रकाशित हुए हैं।
वर्तमान में स्नेहलता खलखो सहायक प्राध्यापक ,विभागाध्यक्ष समाजशास्त्र , श्यामा प्रसाद मुखर्जी महाविद्यालय सीतापुर सरगुजा में कार्यरत है।
स्नेहलता खलखो के इस विशेष शैक्षणिक उपलब्धि के लिए संस्था के प्राचार्य डॉ सुशील कुमार टोप्पो, डॉ रोहित कुमार बरगाह, डॉ . जुगल किशोर कुजूर , डॉ. सी टोप्पो सहित पूरे महाविद्यालय परिवार ने शुभकामनाएं और बधाई दी है।


