सरगुजा

संत हरकेवल-सरस्वती शिक्षा महाविद्यालय में माहवारी स्वच्छता-व्यवहार परिवर्तन पर जागरूकता कार्यक्रम
15-Apr-2026 4:37 PM
संत हरकेवल-सरस्वती शिक्षा महाविद्यालय में माहवारी  स्वच्छता-व्यवहार परिवर्तन पर जागरूकता कार्यक्रम

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

अंबिकापुर,15 अप्रैल। संत हरकेवल शिक्षा महाविद्यालय एवं सरस्वती शिक्षा महाविद्यालय अंबिकापुर में माहवारी स्वच्छता प्रबंधन एवं व्यवहार परिवर्तन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशिक्षार्थियों के माध्यम से समाज में स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं जागरूकता को बढ़ावा देना रहा।

कार्यक्रम का आयोजन सरगुजा साइंस ग्रुप एज्युकेशन सोसायटी एवं छत्तीसगढ़ एलायंस फॉर बिहेवियर चेंज के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इस दौरान व्यवहार परिवर्तन से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा करते हुए दैनिक जीवन में स्वच्छता एवं पोषण को अपनाने पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम में सरगुजा साइंस ग्रुप के संस्थापक अंचल ओझा ने स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने माहवारी स्वच्छता प्रबंधन, हाथ धोने की सही प्रक्रिया, स्वच्छता बनाए रखने के उपाय तथा संतुलित आहार के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि माहवारी के दौरान प्रत्येक 3 से 4 घंटे में सेनेटरी पैड या सूती कपड़े के पैड को बदलना आवश्यक है, जिससे संक्रमण से बचाव किया जा सके। उन्होंने शिक्षार्थियों को भविष्य के शिक्षक बताते हुए समाज और विद्यालय में छात्राओं को इस विषय पर जागरूक करने की जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं भगवान गणेश के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया। इसके बाद अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं स्वागत गीत के माध्यम से स्वागत किया गया।

कार्यक्रम के दौरान समाजसेवी सुल्ताना सिद्दीकी ने ग्रामीण क्षेत्रों में माहवारी संबंधी जागरूकता की आवश्यकता पर बल देते हुए इसे एक प्राकृतिक प्रक्रिया बताया। वहीं शहनाज जहां ने कहा कि माहवारी शर्म का विषय नहीं, बल्कि सृष्टि की संरचना का आधार है और इस विषय पर खुलकर चर्चा की जानी चाहिए।

कार्यक्रम के अंतिम चरण में संत हरकेवल शिक्षा महाविद्यालय की सहायक प्राध्यापिका डॉ. पूजा दुबे ने माहवारी से संबंधित वैज्ञानिक एवं स्वास्थ्य संबंधी जानकारी साझा की। वहीं सरस्वती बीएड कॉलेज की प्राचार्य डॉ. श्रद्धा मिश्रा ने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति एक परिवार को जागरूक करने का संकल्प ले, तो धीरे-धीरे पूरे समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

यह कार्यक्रम संत हरकेवल शिक्षा महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्या डॉ. पूजा दुबे के मार्गदर्शन तथा सहायक प्राध्यापक सुमन पांडेय, रानी पांडेय, चंदा सिंह, नीरू त्रिपाठी एवं श्वेता तिवारी सहित दोनों महाविद्यालयों के स्टाफ के सहयोग से संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बी.एड. प्रशिक्षार्थियों की सक्रिय भागीदारी रही।

कार्यक्रम का समापन ‘माहवारी शर्म का विषय नहीं, बल्कि मातृत्व का आधार है’ के संदेश के साथ किया गया।


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