सरगुजा

कई वार्डों में पीलिया के 42 से अधिक मरीज, पेयजल में ई-कोलाई की पुष्टि
22-Feb-2026 10:08 PM
कई वार्डों में पीलिया के 42 से अधिक मरीज, पेयजल में ई-कोलाई की पुष्टि

 नेता प्रतिपक्ष ने कलेक्टर से की तत्काल कार्रवाई की मांग

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

अंबिकापुर, 22 फरवरी। शहर के मोमिनपुरा क्षेत्र सहित आसपास के वार्डों में पीलिया के 42 से अधिक मरीज सामने आने और पेयजल जांच में ई-कोलाई बैक्टीरिया की पुष्टि होने के बाद नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने कलेक्टर को वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए इसे जनस्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मामला बताया है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल समन्वित कार्रवाई करने की मांग की है।

नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने बताया कि 14 फरवरी को शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नवागढ़ की टीम द्वारा प्रभावित क्षेत्रों से लिए गए पेयजल सैंपलों की जांच मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में कराई गई थी। रिपोर्ट के अनुसार कई सैंपलों में एमपीएन (मोस्ट प्रॉबेबल नंबर) की मात्रा निर्धारित मानकों से अधिक पाई गई है। कुछ नमूनों में 22 से 28 एमपीएन प्रति 100 एमएल तक बैक्टीरियल लोड दर्ज किया गया, जो पेयजल की श्रेणी में स्वीकार्य नहीं है।

उन्होंने बताया कि मानक के अनुसार पेयजल में एमपीएन की संख्या शून्य होनी चाहिए। 10 से अधिक एमपीएन संदिग्ध और 50 से अधिक एमपीएन अत्यधिक प्रदूषित माना जाता है। सीवर में पाए जाने वाले फिकल कोलीफॉर्म और ई-कोलाई बैक्टीरिया की पेयजल में मौजूदगी जलजनित गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है, जो क्षेत्र में बढ़ते पीलिया मामलों से सीधे तौर पर जुड़ी हो सकती है।

शफी अहमद ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को जल स्रोतों के डिसइंफेक्शन, पाइपलाइन व पंप की जांच, प्लेटफॉर्म रखरखाव और संरचनात्मक खामियों को दूर करने के निर्देश दिए गए थे। नगर निगम जल शाखा की टीम ने भी कुछ स्थानों से पानी के सैंपल लिए हैं और स्वास्थ्य विभाग की टीम सक्रिय हुई है, लेकिन इसके बावजूद क्षेत्र में प्रभावी सुधारात्मक कार्रवाई स्पष्ट रूप से नजर नहीं आ रही है।

उन्होंने मोमिनपुरा, नवागढ़, रसूलपुर, जरहागढ़ और श्रीगढ़ क्षेत्रों में घर-घर सर्वे कर संदिग्ध मरीजों की पहचान कर उपचार सुनिश्चित करने, नगर निगम और पीएचई विभाग द्वारा संयुक्त रूप से व्यापक जल सैंपलिंग अभियान चलाने तथा जल आपूर्ति तंत्र का तकनीकी ऑडिट कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह मामला केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे शहर की पेयजल सुरक्षा से जुड़ा गंभीर प्रश्न है। यदि समय रहते कठोर कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से पारदर्शिता के साथ नियमित मॉनिटरिंग रिपोर्ट सार्वजनिक करने की भी मांग की।

उन्होंने हाल ही में इंदौर में दूषित पेयजल से फैली बीमारी का उदाहरण देते हुए कहा कि लापरवाही कितनी महंगी पड़ सकती है, यह स्पष्ट हो चुका है।

अंबिकापुर में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए अभी से सख्त और ठोस कदम उठाना आवश्यक है।


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