सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर,21 जनवरी। मौनी अमावस्या के अवसर पर प्रयागराज माघ मेले में शाही स्नान के लिए जाते समय शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती एवं उनके अनुयायी शिष्यों के साथ उत्तरप्रदेश पुलिस द्वारा की गई कथित अभद्रता को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी सरगुजा ने प्रेसवार्ता आयोजित कर कड़ा विरोध दर्ज कराया।
प्रेसवार्ता में कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती अपने सहयोगी संतों के साथ संगम स्नान के लिए जा रहे थे, इसी दौरान पुलिस द्वारा उन्हें रोका गया और उनके साथ मौजूद संतों के साथ दुव्र्यवहार किया गया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इस दौरान शंकराचार्य के रथ को क्षति पहुंची और कुछ संतों को चोटें आईं, जिनका उपचार कराया जा रहा है। कांग्रेस का यह भी दावा है कि घटना के बाद शंकराचार्य 18 जनवरी से धरने पर बैठे हैं, लेकिन अब तक शासन स्तर पर कोई स्पष्ट पहल नहीं की गई है।
प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने कहा कि यह घटना सनातन परंपरा से जुड़े संतों के सम्मान से संबंधित है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार संतों और धार्मिक परंपराओं के प्रति संवेदनशीलता नहीं दिखा रही है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि शंकराचार्य द्वारा गौ रक्षा से जुड़े विषयों पर उठाए गए मुद्दों के कारण उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री द्वितेंद्र मिश्रा ने आरोप लगाया कि उत्तरप्रदेश सरकार का यह रवैया सनातन परंपरा से जुड़े संतों के प्रति उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि धर्म और संतों से जुड़े मुद्दों का राजनीतिक उपयोग किया जा रहा है।
जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष मो. इस्लाम ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार का व्यवहार सभी धर्मों के प्रति समान नहीं है और धार्मिक मुद्दों का राजनीतिक लाभ के लिए उपयोग किया जा रहा है। वहीं, ब्लॉक कांग्रेस अंबिकापुर अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह धंजल ने कहा कि इस घटनाक्रम से भाजपा की धार्मिक नीतियों को लेकर सवाल खड़े होते हैं।
प्रेसवार्ता में पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष हेमंत सिन्हा, रामविनय सिंह, अनूप मेहता, गुरूप्रीत सिंह सिद्धू, नरेंद्र विश्वकर्मा, जमील खान, चंद्रप्रकाश सिंह, रजनीश सिंह, सोहन जायसवाल, अमित सिन्हा, अमित सिंह, अविनाश कुमार एवं विकास शर्मा सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


