सरगुजा
536 करोड़ के विकास कार्यों से सरगुजा के विकास में आएगी तेजी-साय
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अम्बिकापुर, 9 दिसंंबर। सोमवार को अंबिकापुर नगर के पीजी कॉलेज ग्राउंड में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 536.14 करोड़ के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। श्री साय ने कहा कि उक्त राशि से निश्चित रूप से सरगुजा के विकास में तेजी आएगी। अंबिकापुर देश का सबसे सुंदर और साफ सुथरा शहर है, इसमें स्वच्छता स्वच्छता दीदीयों और सफाई मित्रों का योगदान है। पिछले विधानसभा चुनाव में सरगुजा की जनता ने 14 की 14 सीट जीता कर हमें आशीर्वाद दिया था।
आगे कहा कि 13 दिसंबर को भाजपा सरकार का 1 वर्ष पूरा हो रहा है, मोदी की गारंटी के तहत विकास कार्यों को पूरा करने की हमारी पूरी कोशिश है। हम 3100 रुपए में धान खरीदी, पीएम आवास में तेजी, हर महीने महिलाओं को1000 हजार रुपए, तेंदूपत्ता साढ़े 5 हजार प्रति क्विंटल, 20,000 से अधिक राम भक्तों को अयोध्या भ्रमण करना एवं पीएससी घोटाला की सीबीआई से जांच करना सहित अन्य महत्वपूर्ण काम हुए हैं।
श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में सुशासन स्थापित करने का काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने सांसद विधायकों के आवेदन और मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया। इसके अलावा इंजीनियरिंग कॉलेज का नाम जिसमें शासकीय होना छूट गया था, उसे बदलकर शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज कर दिया गया है।
उन्होंने अंबिकापुर के विभिन्न वार्डों में अधोसंरचना मद से 23 करोड़ रुपए की घोषणा निर्माण कार्यों के लिए की, साथ ही अंबिकापुर में रायपुर डीकेएस अस्पताल की तर्ज पर सुपर स्पेशलिटी अस्पताल स्थापित करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा उद्देश्य छत्तीसगढ़ को विकसित छत्तीसगढ़ के रूप में खड़ा करना है।
टीएस सिंह देव सज्जन व्यक्ति है
कार्यक्रम उपरांत पत्रकारों के एक प्रश्न की पूर्व उप मुख्यमंत्री टी एस सिंह देव, आप जो यहां विकास कार्यों की सौगात देने आए हैं उसके लिए बधाई दे रहे हैं। इस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव ने कहा कि अगर वह बधाई दे रहे हैं तो वह सज्जन व्यक्ति हैं, बाकी उनका कार्यकाल कैसा रहा है, यह किसी से छुपा नहीं है।
इसके अलावा उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भी कार्यक्रम के दौरान पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव पर निशाना साधते हुए कहा कि सरगुजा की जनता ने आप पर भरोसा किया था, आप उस भरोसा पर खरे नहीं उतरे और आपने यहां की जनता को निराश किया है। आज आप मेकाहरा में 3.50 करोड़ के टेंडर और अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के लिए 109 करोड़ की स्वीकृति के लिए बधाई दे रहे हैं।
श्री साव ने कहा कि सिंहदेव जी विकास किसको बोलते हैं आकर देखें। पांच साल में आपने जितना शीला पट्टी नहीं लगाया होगा, हमने 11 महीने में ही लगा दिया है।
11 महीने में अंबिकापुर नगर निगम को दिए 165 करोड़
कार्यक्रम में अति विशिष्ट अतिथि के रूप में उप मुख्यमंत्री अरुण साव शामिल हुए। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ तेज गति से आगे बढ़ रहा है। हर क्षेत्र में विकास हो रहा है आम जनों के जीवन में परिवर्तन आ रहा है।अंबिकापुर लखनपुर सीतापुर नगर निगम और नगर पंचायत को एक 11 महीने में 176 करोड रुपए की सौगात अब तक दे चुके हैं।अकेले अंबिकापुर नगर निगम को 165 करोड़ रुपए मिला है,यह जानते हुए भी कि यहां निगम में कांग्रेस है,इसके बाद भी हमने विकास में कोई राजनीति नहीं किया।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल,लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक प्रबोध मिंज, राजेश अग्रवाल,उदेश्वरी पैकरा,शकुंतला पोर्ते,सांसद चिंतामणि महाराज,राज युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर,भाजपा जिला अध्यक्ष ललन प्रताप सिंह,महामंत्री अभिमन्यु गुप्ता,कैलाश मिश्रा,आलोक दुबे,अखिलेश सोनी सहित अन्य मौजूद थे।
536.14 करोड़ के 1614 विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा सोमवार को जिले में 536.14 करोड़ के 1614 विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया जाना प्रस्तावित है जिसमें 157.02 करोड़ की राशि के 180 कार्यों का लोकार्पण एवं 379.12 करोड़ की राशि के 1434 कार्यों का भूमिपूजन किया गया।
इन कार्यों का भूमिपूजन
भूमिपूजन कार्यों में अमृत 2.0 के तहत नगर पालिक निगम अंबिकापुर क्षेत्र में 123.28 करोड़ रूपए की लागत राशि के कुल 46 एमएलडी क्षमता के 3 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण कार्य का भूमिपूजन, प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक़ योजना के तहत 55.45 करोड़ की लागत के 15 सडक़ निर्माण कार्यों का भूमिपूजन, 55.05 करोड़ की लागत से 16 ग्राम पंचायतों में स्टॉप डेम, एनीकट, एवं नहर नवीनीकरण कार्य, जिले में 28.40 करोड़ की लागत से 243 आंगनबाड़ी भवन निर्माण कार्यों का भूमिपूजन, निकाय क्षेत्र अंतर्गत 5.92 करोड़ की लागत से विभिन्न वार्डों के सीसी रोड, नाली, सडक़ डामरीकरण एवं अन्य 101 कार्यों का भूमिपूजन सहित कुल 379.12 करोड़ की राशि के 1434 कार्यों का भूमिपूजन किया गया।
इन कार्यों का लोकार्पण
लोकार्पण कार्यों में लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत 132.83 करोड की लागत से निर्मित 10 सडक़ों का लोकार्पण, 3.59 करोड़ की लागत से तैयार जल जीवन मिशन के तहत पांच ग्रामों में एकल ग्राम एवं सोलर आधारित नल जल प्रदाय योजना, नगर निगम अम्बिकापुर में 3.52 करोड़ की लागत से निर्मित सर्व समाज मांगलिक भवन, राज्य विपणन बोर्ड द्वारा 500 मीट्रिक टन के तीन नवनिर्मित गोदाम एवं 5 किसान कुटीर भवन लागत 1.46 करोड़ सहित 157.02 करोड़ की राशि के 180 कार्यों का लोकार्पण किया गया।
महिला ने मचाया हंगामा, सीएम ने अपने पास मंच पर बुलाया
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कार्यक्रम में उस समय हंगामा मच गया, जब एक महिला कार्यक्रम के बीच चीखती चिल्लाती हुई हंगामा करने लगी,यह सब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय देख रहे थे। उन्होंने महिला को अपने पास बुलाया और प्रशासन को निर्देश किया कि महिला की हरसंभव मदद की जाए। साथ ही महिला को एंबुलेंस द्वारा अस्पताल भी भिजवाया गया।
बताया जा रहा है कि यह महिला पेट की किसी बीमारी से ग्रसित है और उसका इलाज कोई अस्पताल नहीं कर रहा है, इसी को लेकर वह परेशान और निराशा थी और वह मुख्यमंत्री के भरे कार्यक्रम में हंगामा मचाया।
अंबिकापुर में बनेगा 123.28 करोड़ से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा सरगुजा जिला प्रवास के दौरान नगर पालिक निगम अंबिकापुर क्षेत्र में 123.28 करोड़ रूपए की लागत राशि के कुल 46 एमएलडी क्षमता के 3 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया गया। बता दें कि नगर पालिक निगम अंबिकापुर क्षेत्र में गंदे पानी के उपचार हेतु भारत सरकार आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा अमृत 2.0 मिशन अंतर्गत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण कार्य की स्वीकृति प्राप्त हुई है। इस प्लांट की स्थापना से नगर निगम अंबिकापुर में तरल अपशिष्ट का भी शत-प्रतिशत प्रबंधन सुनिश्चित होगा। प्लांट के माध्यम से नगर के तीन प्रमुख नाले चंपा नाला, मुक्तिधाम नाला एवं सरगवां उद्यान नाला क्षेत्र में प्लांट की स्थापना प्रस्तावित है। वर्तमान में नगर से प्रतिदिन 18 एमएलडी अपशिष्ट जल उत्सर्जित हो रहा है, जो इन नालों के माध्यम से बिना उपचार के जल स्रोत में मिलता है। इस प्लांट में प्रदूषित जल का उपचार किया जाएगा, प्लांट द्वारा उपचारित जल का पुनरुपयोग किया जा सकता है। इस जल का उपयोग निर्माण कार्य, उद्यान एवं खेतों में सिंचाई कार्य, उद्योगों में किया जा सकता है। नगर में बढ़ती जनसंख्या को दृष्टिगत रखते हुए इस प्लांट की क्षमता 46 एमएलडी प्रस्तावित की गई है।




