सरगुजा

नेटवर्क मार्केटिंग के झांसे में फंसे शिक्षक और कर्मचारी
09-Dec-2024 7:52 PM
नेटवर्क मार्केटिंग के झांसे में फंसे शिक्षक और कर्मचारी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

प्रतापपुर, 9 दिसंबर। विकासखंड के शिक्षक और अन्य विभागीय कर्मचारी कई नेटवर्क मार्केटिंग कंपनी के जाल में फंसे हुए हैं। शुरुआत में शिक्षक और कर्मचारी इस नेटवर्किंग मार्केट में दूसरों से प्रभावित होकर शामिल हुए थे, लेकिन अब उनका पैसा फंसा हुआ है। पिछले एक साल से इस कंपनी ने अपने निवेशकों को 10 महीने में पैसा डबल करने का झांसा देकर सैकड़ों लोगों को आकर्षित किया था, लेकिन अब वह ठगी के शिकार हो रहे हैं।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कई शिक्षकों और कर्मचारियों ने एक नेटवर्किंग कंपनी में 10,000 रुपए से लेकर लाखों रुपए तक निवेश किए थे, जिसमें कंपनी का दावा था कि वे 10 महीने में निवेशक की राशि डबल कर देंगे। लेकिन अब पिछले 4 महीने से कंपनी ने पैसे देना बंद कर दिया है और केवल आश्वासन ही मिल रहा है। यह स्थिति उन कर्मचारियों के लिए और भी गंभीर हो गई है जिन्होंने होम लोन, वाहन लोन और व्यक्तिगत लोन लेकर अपनी सारी पूंजी इस कंपनी में निवेश कर दी थी। अब जब कंपनी से पैसा नहीं मिल रहा, तो लोन की किश्तें भी समय पर चुकाई नहीं जा रही है, जिससे उन्हें भारी वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा है।

शिक्षकों की चुप्पी पर सवाल

इस मामले में कई शिक्षक और कर्मचारी सामने आकर अपनी समस्या को सार्वजनिक रूप से साझा नहीं कर रहे हैं। उनकी चुप्पी उनकी निजी समस्याओं और दबाव का परिणाम हो सकती है, क्योंकि उन्हें डर है कि यदि उन्होंने इस मामले में खुलकर बात की, तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई हो सकती है या उनकी नौकरी पर असर पड़ सकता है। इस कारण कई लोग अपनी पहचान छुपाते हुए केवल परोक्ष रूप से अपनी समस्याओं को साझा कर रहे हैं।

बीईओ ने जारी किया नोटिस

इस मामले की जानकारी मिलने के बाद, बीईओ प्रतापपुर ने सभी संकुल प्रभारियों से दो दिनों के भीतर स्कूलों से जुड़े नेटवर्क मार्केटिंग से संबंधित शिक्षकों की जानकारी मांगी थी। हालांकि, दो दिन का समय बीत जाने के बाद भी अब तक किसी भी संकुल प्रभारी ने कोई जानकारी नहीं दी है।

शिक्षकों की फेसबुक और बैंक ट्रांजेक्शन से जानकारी जुटाई जा सकती थी। इस मामले में विभागीय अधिकारियों की निष्क्रियता पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि अगर विभाग ने शिक्षकों के फेसबुक डिटेल्स, टूर हिस्ट्री और बैंक ट्रांजेक्शन्स का विश्लेषण किया होता, तो नेटवर्क मार्केटिंग से जुड़ी जानकारी जल्द प्राप्त की जा सकती थी। सोशल मीडिया और बैंकिंग लेन-देन इस तरह के मामलों को ट्रैक करने के लिए महत्वपूर्ण उपकरण साबित हो सकते थे। लेकिन इसके बावजूद विभाग ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है, जिससे मामले में चुप्पी बनी हुई है।

बीईओ का बयान

प्रतापपुर के बीईओ  मुन्नू लाल धुर्वे ने इस संबंध में कहा, हमने सभी संकुल प्रभारियों को अपने संकुल से जुड़े सभी नेटवर्क मार्केटिंग से संबंधित शिक्षकों की जानकारी देने के लिए कहा था, लेकिन अभी तक कोई जानकारी प्राप्त नहीं हुई है। मैं फिर से नोटिस जारी करूंगा और जल्द ही जानकारी प्राप्त की जाएगी।


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