सरगुजा

दुकान बंद कराने के नाम पर रात गश्त में पुलिस ने लोगों पर भांजी लाठियां, थाना घेरा
30-Nov-2024 10:30 PM
  दुकान बंद कराने के नाम पर रात गश्त में  पुलिस ने लोगों पर भांजी लाठियां, थाना घेरा

एसपी ने 4 पुलिस कर्मियों को किया लाइन अटैच

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

सीतापुर, 30 नवंबर। रात्रि गश्त पर निकली पुलिस ने रात साढ़े दस बजे दुकान बंद कराने के नाम पर जयस्तम्भ चौक के  पास दुकानदार सहित वहां मौजूद लोगों की डंडे से जमकर पिटाई कर दी। आरोप यह है कि पुलिस शराब के नशे में धुत थी और बिना कुछ बताये अंधाधुंध डंडे बरसाने लगी, जिससे कई  लोगो के हाथ,पैर,पीठ पर गंभीर चोट के निशान बन गये है। वहीं एक का हाथ फैक्चर होना बताया जा रहा है।  

पुलिस की इस  बर्बरता के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने आज सुबह करीब ग्यारह बजे थाने का घेराव कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की व दोषी पुलिस कर्मियों पर एफआईआर दर्ज करने की  मांग की। सरगुजा एसपी योगेश पटेल ने मामले में 4 पुलिस कर्मियों एसआई राजेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल रंजीत लकड़ा, आरक्षक अशोक मिंज, सुशील पैंकरा को लाइन अटैच किया।

  प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार  घटना  गत रात्रि 10.30 बजे की  है, जब पुलिस गश्त पर थी। इसी दौरान जब वह जय स्तंभ चौक के पास पहुंची तो गाड़ी रोककर पुलिस वाले वहां बैठे लोगों पर अंधाधुंध लाठियां भांजने लगी तथा शेखर नाम के लडक़े को उसके दुकान से खींच कर बाहर ले आए और उसे बेरहमी से पीटा। वहीं पर बैठे अंग्रेजी शराब दुकान के सेल्समैन हरि की भी जबर्दस्त धुनाई कर दी।

 हरि का कहना है कि उसे दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया, वहीं जरियागढ़ के एक व्यक्ति की पिटाई के कारण हाथ में फ्रैक्चर हो गया है। उसने बताया कि बिना कुछ पूछे या बताए उस पर अंधाधुंध लाठियां बरसाई गई। इसके अलावा एक अन्य व्यक्ति के कमर पर भी गहरे जख्म के निशान मौजूद हैं जो पुलिस की बर्बरता के सबूत है।

 वहां मौजूद लोगों का कहना है कि पुलिस वाले शराब के नशे में थे। उन्होंने एसडीओपी को ज्ञापन सौंप इस घटना में शामिल सभी पुलिस कर्मियों की मेडिकल जांच कर उनके ऊपर एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है, अन्यथा उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई है।

इस मामले में एसडीओपी श्री मंडावी  ने कहा कि दोनों पक्ष का बयान लेकर  जाँच पश्चात आगे की कार्यवाही हेतु जिला अधिकारी को प्रेषित किया जाएगा ।


अन्य पोस्ट