सरगुजा

इस्कॉन द्वारा गिरिराज गोवर्धन अन्नकूट महोत्सव
11-Nov-2024 10:36 PM
इस्कॉन द्वारा गिरिराज गोवर्धन अन्नकूट महोत्सव

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

अंबिकापुर, 11 नवंबर। अंबिकापुर में पहली बार इस्कॉन अंबिकापुर प्रचार केंद्र द्वारा भव्य श्री गिरिराज गोवर्धन अन्नकूट महोत्सव का आयोजन दुर्गा बाड़ी, देवीगंज रोड में किया गया।

कार्यक्रम के शुभारंभ में रायपुर और अंबिकापुर के इस्कॉन के भक्तों ने साथ मिलकर हरिनाम संकीर्तन किया, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय बन गया। तदोपरांत संकीर्तन के साथ भगवान श्री श्री  गिरिराज गोवर्धन एवं श्री श्री गौर-निताई का अभिषेक किया गया। अभिषेक के दौरान मंत्रोच्चारण के बीच भगवान को दूध, दही, घी, शहद और अन्य पवित्र सामग्रियों से स्नान करवाया गया, जिससे उपस्थित भक्तों ने अपार आनंद का अनुभव किया।

कार्यक्रम के अगले चरण में इस्कॉन अंबिकापुर के प्रभारी श्रीमान दयानिधि दास जी ने गोवर्धन लीला पर विशेष प्रवचन दिया। उन्होंने इस दिव्य कथा का वर्णन करते हुए बताया कि किस प्रकार भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी बाल्यावस्था में इंद्रदेव के अहंकार को समाप्त करने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी अंगुली पर उठाकर गोकुलवासियों की रक्षा की। प्रभुजी ने गोवर्धन लीला से मिलने वाली शिक्षा के विषय में बताया।

उत्सव में गोवर्धन परिक्रमा का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तों ने पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ भगवान गोवर्धन की परिक्रमा की। परिक्रमा के दौरान भक्तों ने भगवान श्रीकृष्ण का स्मरण किया और भक्ति में लीन होकर संकीर्तन किया। इसके बाद गोवर्धन पर्वत पर 121 प्रकार के भोगों का अन्नकूट अर्पण किया गया, जिसमें भक्तों ने प्रेमपूर्वक भगवान को विविध व्यंजनों का भोग अर्पित किया।

महोत्सव का एक अन्य महत्वपूर्ण आकर्षण महा आरती थी, जिसमें सभी भक्तों ने एकजुट होकर भगवान की आरती की और उनकी दिव्यता का अनुभव किया। महा आरती के समय पूरा माहौल भक्तिरस में सराबोर हो गया, और श्रद्धालुजन मंत्रों की गूंज के साथ भाव-विभोर होकर भगवान के प्रति अपनी आस्था और भक्ति व्यक्त करते नजर आए।

इस अवसर पर कार्तिक मास के विशेष महत्व को ध्यान में रखते हुए भगवान दामोदर जी हेतु दीपदान का भी आयोजन किया गया। इस्कॉन प्रचार केंद्र द्वारा श्रद्धालुओं के लिए घृत दीपकों की नि:शुल्क व्यवस्था की गई थी, जिनसे दीप जलाकर भक्तों ने अपनी भक्ति और समर्पण का परिचय दिया। दीपदान का यह दृश्य अत्यंत मनमोहक और पवित्र था, जिसमें सैकड़ों दीपक भगवान के चरणों में अर्पित किए गए।

महोत्सव के दौरान पूरे दिन प्रसाद वितरण की व्यवस्था भी की गई थी। आयोजन स्थल पर आए सभी भक्तों को स्वादिष्ट प्रसाद वितरित किया गया, जिसमें भक्तों ने भगवान का आशीर्वाद स्वरूप प्रसाद ग्रहण किया। इस आयोजन ने न केवल स्थानीय समुदाय में बल्कि आसपास के क्षेत्र में भी एक गहरा आध्यात्मिक प्रभाव छोड़ा। पहली बार अंबिकापुर में आयोजित इस महोत्सव में भाग लेकर भक्तों ने आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया और श्रीकृष्ण भक्ति के प्रति अपना समर्पण और भी गहरा किया।

 कार्यक्रम में इस्कॉन अंबिकापुर प्रचार केंद्र के सदस्य एवं बड़ी संख्या में नगर के कृष्ण भक्त उपस्थित रहे।


अन्य पोस्ट