सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
लखनपुर,11 नवंबर। अपने स्थापना से पूर्णकालिक प्राचार्य के पदस्थापना की बाट जोह रहा नवीन महाविद्यालय लखनपुर में प्रोफेसर डॉ एस के श्रीवास्तव के रूप में पूर्णकालिक प्राचार्य मिल गया है। श्री श्रीवास्तव इससे पूर्व राजीव गांधी पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज, अम्बिकापुर में भौतिक विभाग के विभागाध्यक्ष एवं संगीत महाविद्यालय अम्बिकापुर के प्रभारी प्राचार्य के पद पर कार्यरत थे। आप के अंडर में 21 पीएचडी पूर्ण है। श्री श्रीवास्तव ने कई पुस्तकों लिखी है तथा 122 से अधिक रिसर्च पेपर का प्रकाशन किया है।
नवीन महाविद्यालय में आज प्रोफेसर श्रीवास्तव ने महाविद्यालय के प्राचार्य के रूप में पदभार संभाला। महाविद्यालय प्रशासन, शिक्षकगण और छात्र-छात्राओं के बीच इस नियुक्ति से अपार उत्साह है। शिक्षा के क्षेत्र में प्रो. श्रीवास्तव के व्यापक अनुभव को देखते हुए महाविद्यालय के भविष्य को लेकर सभी में सकारात्मक उम्मीदें जगी हैं।
प्रो.श्रीवास्तव ने पिछले 25 वर्षों में विभिन्न महाविद्यालयों में शिक्षण, शोध और प्रबंधन के क्षेत्र में योगदान दिया है। उनकी विशेषज्ञता और मार्गदर्शन के कारण कई महाविद्यालयों में सकारात्मक बदलाव आए हैं। शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को कई पुरस्कारों और सम्मानों से नवाजा जा चुका है। वे विद्यार्थियों के सम्पूर्ण विकास और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों के समर्थक रहे हैं।
प्राचार्य पद पर पदस्थापना के दौरान अपने उद्घाटन भाषण में प्रो. श्रीवास्तव ने कहा, महाविद्यालय का विकास तब ही संभव है जब हम शिक्षा के प्रति अपनी सोच को विस्तृत करें और छात्रों को ऐसा माहौल दें, जहां वे न केवल ज्ञान अर्जित कर सकें, बल्कि अपनी संपूर्ण क्षमता को भी पहचान सकें।उन्होंने महाविद्यालय के शैक्षणिक स्तर को ऊंचा उठाने, नई शिक्षण विधियों को अपनाने और छात्रों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने का संकल्प लिया।
महाविद्यालय के शिक्षकों और कर्मचारियों ने प्रो. श्रीवास्तव का स्वागत किया और महाविद्यालय की उन्नति के लिए उनके साथ सहयोग करने का वचन दिया। छात्रों ने भी उनके नेतृत्व में नए अवसरों की अपेक्षा जताई। इस अवसर पर महाविद्यालय में एक स्वागत समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें शिक्षकों, छात्रों और स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों ने बढ़-चढक़र हिस्सा लिया।
इस अवसर पर विधायक अम्बिकापुर राजेश अग्रवाल ने अपनी शुभकामनायें प्रेषित करते हुवे महाविद्यालय हेतु प्रदत्त जमीन पर शीघ्र भवन निर्माण की बात कही है।


