सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अम्बिकापुर, 2 नवंबर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर पूर्व खाद्य मंत्री अमरजीत भगत के निवास में कार्यक्रम आयोजन किया गया। सर्वप्रथम छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र का माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत हुई।
पूर्व खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने प्रदेश के सभी भाई बहनों को शुभकामनाएं देते हुए सभी के उज्जवल भविष्य की कामना की एवं बताया कि कैसे आज से ठीक 24 साल पहले छत्तीसगढ़ का निर्माण हुआ था।
छत्तीसगढ़ राज्य बनाने के विभिन्न उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि यह छत्तीसगढ़ को बनाने के लिए जो संघर्ष समिति बनी हुई थी और उसे संघर्ष समिति ने काफी लड़ाई लड़ी और तत्कालीन दिग्विजय सिंह की सरकार ने इसे अनुमोदन कर कर केंद्र सरकार के पास भेजा और तत्पश्चात छत्तीसगढ़ राज्य बना, लेकिन आज हम कहीं ना कहीं अपनी मूल उद्देश्यों से भटक गए। हमें छत्तीसगढ़ को आगे बढ़ाना है इसे संवारना है सजाना है भाईचारा कायम रखना है।
लक्ष्मी गुप्ता ने कहा कि 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ राज्य बना और आज हम उसकी 24वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। छत्तीसगढ़ राज्य बना तो उस समय की तत्कालीन सरकार ने काफी काम किया। भूपेश बघेल की सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया था। राज्य के अनेक कार्यक्रमों में छत्तीसगढ़ी बोली भाषा संस्कृति की झलक देखने को मिलती थी, आज वह झलक देखने को नहीं मिलती है। आज राजकीय गीत को भी कार्यक्रमों में नहीं गाया जा रहा है जो कि राजकीय गीत का अपमान है। किसी भी राज्य को पहचान दिलाने में उसकी बोली भाषा संस्कृति का विशेष महत्व है। पूर्व संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने जब अपने कार्यकाल में संस्कृति विभाग का कार्य संभाला तो उस समय का बजट लगभग 50 करोड़ रुपए था, जो उन्होंने उसको बढ़ाकर डेढ़ सौ करोड़ रुपए किया, और एक से बढक़र एक कार्यक्रम आयोजित किया।
देश-विदेश सभी छत्तीसगढ़ को पहचानने लगे ,लेकिन आज सारे कार्यक्रम बंद पड़े हैं।
छत्तीसगढ़ राज्य को अगर आगे बढ़ाना है तो छत्तीसगढ़ के बोली भाषा संस्कृति को आगे बढऩा होगा यहां के कलाकारों को मौका देना होगा।
लक्ष्मी गुप्ता ने राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर सभी को शुभकामनाएं देते हुए यह भी कहा कि वर्तमान सरकार एवं आने वाली सरकारों से अपेक्षा है इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाएंगे, लोक संस्कृति को बढ़ाएंगे।
इस कार्यक्रम को वरिष्ठ कांग्रेसी नेता रणविजय सिंह तोमर, गोपाल केशरवानी, इरफ़ान सिद्दीकी, लालचंद यादव, दीपक मिश्रा एवं अभिषेक सिंह ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन शिवप्रसाद अग्रहरि ने किया। कार्यक्रम में लालचंद यादव, कलाम सिद्दीकी, नीतीश ताम्रकार ,सुरेश गुप्ता, सुरेंद्र चौधरी,अनिकेत चौधरी , बरातु राम, बाबूलाल पांडे, मनीष दुबे, परवेज आलम , अंकित बारी,अखिलेश विश्वकर्मा , अभिषेक पाण्डेय एवं अन्य लोग उपस्थित थे।


