सरगुजा

10 साल पहले फर्जी समूह बनाकर निकाले 75 हजार
27-Oct-2024 9:04 PM
10 साल पहले फर्जी समूह बनाकर निकाले 75 हजार

 फर्जी हस्ताक्षर व अंगूठे के निशान, महिलाओं को भनक तक नहीं

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

लखनपुर, 27 अक्टूबर। सरगुजा जिले के लखनपुर में एक वन कर्मी द्वारा 10 वर्ष पूर्व फर्जी समूह बनाकर महिलाओं के फर्जी हस्ताक्षर व अंगूठे का निशान लगवा बैंक से  75 हजार रूपए निकालने का मामला सामने आया है।

आरोप है कि वर्ष 2014 को फर्जी भगवती समूह बनाया गया है, जिसमें 10 लोगों को दर्शाया गया है। 28 अगस्त 2014 को स्वीकृति कर स्वयं सहायता समूह अस्थाई रोपणी कुंवरपुर वनपरिक्षेत्र लखनपुर के द्वारा नर्सरी कुंवरपुर में पूर्व प्रभार रहे वनपाल जो अभी वर्तमान में रिटायर्ड है, के द्वारा उस समय गांव के उपसरपंच रहे पंचम से लिखित लिखवाकर हस्ताक्षर करवा लिया।

वहीं उपसरपंच रहे पंचम के द्वारा आरोप लगाते बताया गया कि वनपाल तिवारी के द्वारा भगवती समूह का नाम बाद में नीचे दर्शाया गया है, तथा सभी लोगों का हस्ताक्षर फर्जी तरीके से किया गया है। वहीं महिलाओं  के बताएनुसार दस्तावेज सबमिट कर 75,000  रुपए सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया से निकाल लिए, जिसका ब्याज अभी वर्तमान में बहुत ज्यादा हो गया है। वहीं इस समूह में 10 लोगों को अपने मन मुताबिक जोडक़र लिखकर समूह बना दिया था।

 महिलाओं से पूछने पर बताया गया कि इस तरह का मेरा हस्ताक्षर नहीं है, और जो महिलाएं हस्ताक्षर करते हैं उनकी जगह में अंगूठे का निशान और जो महिलाएं अंगूठे का निशान करते हैं उनकी जगह में हस्ताक्षर दर्शा दिया गया है। अंगूठे के निशान में महिलाओं से मोटा अंगूठे का निशान है, जिस कारण से महिलाओं का अंगूठे का निशान मैच नहीं कर रहा है।

इस समूह को वनरक्षकों के द्वारा नोटिस पहुंचाने के लिए कई दिनों से तलाश कर रहे थे, गांव के सभी लोगों से पता किए लेकिन इस समूह से कोई सदस्य नहीं होने के कारण किसी को इसकी पता तक नहीं, और इससे पहले न ही वन विभाग को इसके बारे में पता था।

फर्जी समूह में जिनका नाम है उनको छोडक़र गांव के ही दो महिलाएं  कोशिल्या, करमकुंवर ने आरोप लगाते बताया कि  पूर्व वनपाल रहे सतीश तिवारी ने दस वर्ष पूर्व 2014-15 में हम दोनों को बोले कि नर्सरी में काम किए हैं, उसका पेमेंट करना है चलो बैंक, पैसा निकाल देना बोले, इस तरह बरगलाकर बोले वहीं बैंक से तुरंत आ जायेंगे बोला, इसके बाद सेंट्रल बैंक ले जाकर पैसा मिलने के तुरंत उपरांत वहीं पास खड़ा था और पैसा को पकड़ लिया। हम लोगों को  दिखाया तक नहीं,न कुछ ही दिया।

इस संबंध में वन परिक्षेत्र सहायक लखनपुर रीझन राम के द्वारा बताया गया कि 2015 में नर्सरी तैयारी के लिए ऋण लिया गया था जिसकी वसूली के लिए हम यहां बैठक किए हैं। जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि ऋण किसके द्वारा निकाला गया है, जांच के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।


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