सरगुजा
10 फीसदी मासिक रिटर्न का दिया झांसा
38 निवेशकों ने की एसपी से शिकायत
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अम्बिकापुर, 7 अक्टूबर। फॉरेक्स ट्रेडिंग कंपनी में निवेश पर 10 फीसदी सालाना रिटर्न के नाम पर सरगुजा एवं जशपुर के 38 निवेशक करीब पांच करोड़ की ठगी के शिकार हो गए। इसकी शिकायत निवेशकों ने सरगुजा एसपी कार्यालय पहुंचकर की है। फारेक्स ट्रेडिंग कंपनी के संचालकों ने पहले कुछ माह लाभांश वापस भी किया, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ गया और बड़ी रकम निवेश कर दी। सरगुजा एसपी योगेश पटेल ने कहा कि मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक, फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर संचालित कंपनी फेडेक्स फाउंड में निवेश करने पर 10 फीसदी प्रतिमाह रिटर्न एवं निवेशित मूलधन कभी भी वापस करने का झांसा दिया गया। इसमें अंबिकापुर शहर सहित सरगुजा एवं जशपुर जिलों के निवेशकों ने बड़ी संख्या में निवेश किया। कंपनी को भारत सरकार से मान्यता प्राप्त होना बताया गया था।
कंपनी ने अपना विज्ञापन फेसबुक व सोशल मीडिया साइट्स पर डाला था, जिससे निवेशक कंपनी के झांसे में आ गए। निवेशकों ने बड़ी रकम भी निवेश कर दी।
पहले मिला रिटर्न, वापस नहीं हो रही राशि
सरगुजा एसपी को शिकायत करने पहुंचे 38 निवेशकों ने बताया कि उनका करीब पांच करोड़ रुपये फंस गया है। शुरूआती माह में कंपनी ने रिटर्न भी दिया। इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ गया। मार्च 2024 से कंपनी ने चुनाव बताकर रिटर्न देना बंद कर दिया। इसके बाद निवेशकों की जमा रकम वापस नहीं मिल पा रही है। निवेशकों को कंपनी के खिलाफ अन्य राज्यों में एफआईआर होने की जानकारी मिली तो कंपनी के खिलाफ शिकायत सरगुजा एसपी से की है।
कंपनी भी बंद
कथित फॉरेक्स ट्रेडिंग फर्म का संचालनकर्ता दिनेश कुमार जैन को बताया गया है। निवेशकों ने बताया कि बड़ी संख्या में निवेशकों से पैसा लेकर कंपनी के संचालक द्वारा कंपनी का संचालन लॉक्स इंटरनेशनल के नाम से किया जाने लगा। इसके बाद अब वे फ्रीक मार्केट के नाम से कंपनी का संचालन कर रहे हैं।
निवेशकों ने कंपनी के संचालनकर्ता दिनेश कुमार जैन से भी संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि कंपनी बंद हो गई है, मैं कुछ नहीं जानता। निवेशकों ने बताया कि फर्जी कंपनी खोलकर राशि की ठगी की गई है।
मामले में जांच उपरांत होगा अपराध दर्ज- एसपी
मामले में एसपी योगेश पटेल ने कहा कि 38 निवेशकों ने फॉरेक्स ट्रेडिंग कंपनी के खिलाफ शिकायत की है। निवेशकों से निवेशित रकम एवं रिटर्न की गई राशि की जानकारी मांगी गई है। सभी रिकार्ड खंगालने के बाद पता चलेगा कि कितनी राशि की ठगी हुई है। मामले में संबंधित कंपनी के संचालकों के खिलाफ अपराध दर्ज कराया जाएगा। फिलहाल मामले में जांच की जा रही है।


