सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजपुर, 8 सितंबर। विगत कुछ दिनों से हाथियों के उत्पात से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। हाथियों का उत्पात चार-पांच पंचायतों के विभिन्न बस्तियों में हो रहा है, ये सभी क्षेत्र हाथियों के आवागमन का पुराना मार्ग है।
वन विभाग का कहना है कि दो हाथी अपने दल से बिछड़े हुए हंै। हाथी प्रभावित क्षेत्र में लाइट नहीं रहने से अंधेरा पसरा रहता है जिससे हाथी जंगल व खेतों से रात के अंधेरे में बस्ती तक पहुंच कर घरों व मवेशियों को भी हानि पहुंचा रहे हैं।
जनपद सदस्य नीरज तिवारी के प्रभावित क्षेत्र में भ्रमण करने पर ग्रामीणों ने बताया कि बिजली विभाग द्वारा बिना किसी सूचना के 24 घंटे से भी अधिक समय तक लाइट काट दिया जाता है। विद्युत विभाग के कर्मचारियों से ग्रामीण अगर संपर्क करते हैं तो कर्मचारियों द्वारा वन विभाग के अधिकारियों द्वारा लाइट बंद कराया गया बताया जाता है। वहीं वन विभाग के अधिकारी बिजली बंद करने जैसे किसी भी तरह की बात से इंकार करते हंै। उनका कहना है कि विद्युत विभाग को जंगलों में हाथी को क्षति पहुंचाने जो अवैध हुकिंग की जाती है, उसको निकालने सूचना दी गई है।
विगत दिनों दल से बिछड़े हाथी ने ग्राम ठरकी के स्कुल पारा में मवेशियों को हानि पहुंचाने के बाद अब अलखडीहा में डेरा जमाए हुए हैं। अलखडीहा भेड़ाघाट निवासी संजय खाखा के घर को हाथी ने फिर तोड़ा है और एक मवेशी को घायल कर दिया है। धान और मक्का के फसल को भी नुकसान पहुंचाया है। रात को 2 बजे से सुबह तक किसी के जान माल की हानि नहीं हुई, पर जिस घर में हाथी ने हमला कर तोड़ा, उसमें 6 सदस्य थे, जो हाथी के तोडऩे से दूसरे कमरे में जाकर अपनी जान बचा पाए। हाथी अभी भी अलखडीहा के जंगलों में जमे हुए हैं।


