सरगुजा

आज मुख्यमंत्री व शिक्षा सचिव के नाम से सभी जिले में कलेक्टर को सौंपेंगे मांगपत्र
21-Aug-2024 8:18 PM
आज मुख्यमंत्री व शिक्षा सचिव के नाम से सभी जिले में कलेक्टर को सौंपेंगे मांगपत्र

अम्बिकापुर, 21 अगस्त। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष मनोज वर्मा ने बताया कि एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ,शालेय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र दुबे, सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष मनीष मिश्रा, नवीन शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विकास राजपूत ने बैठक कर युक्तियुक्तकरण, ऑनलाइन अवकाश के विसंगति का तीव्र विरोध करने का निर्णय लिया है, इसके लिए छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा का गठन किया गया है, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष समान भूमिका में प्रदेश संयोजक होंगे। आज मुख्यमंत्री व शिक्षा सचिव के नाम से सभी जिले में कलेक्टर को मांगपत्र सौंपेंगे।

छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के जिला  संयोजक मनोज वर्मा ने कहा है कि - 2008 के सेटअप के अनुसार युक्तियुक्तकरण नीति नहीं है, इसमें न्यूनतम छात्र संख्या वाले प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक शाला में 1 - 1 शिक्षक संख्या कम कर सेटअप को ही बदल दिया गया है, आखिर शिक्षा विभाग अपनी रीढ़ सेटअप को कैसे बदल सकता है, इससे बालक व पालक को शाला में कम शिक्षक उपलब्ध होगा जिसका सीधा असर शिक्षा के गुणवत्ता पर पड़ेगा।

मनोज वर्मा, अरविंद सिंह, अमित सिंह, काजेश घोष,रामबिहारी गुप्ता, राजेश गुप्ता, रोहिताश शर्मा, लव गुप्ता, अनिल तिग्गा, सुरित राजवाड़े, संजय चौबे,लखन राजवाड़े, राकेश पाण्डेय, अमित सोनी, रणबीर सिंह चौहान, जवाहर खलखो,सुशील मिश्रा,रमेश यागिक   ने कहा है कि शिक्षकों को पदोन्नति के लिए पद नही मिलेंगे और बीएड, डीएड, टेट उत्तीर्ण युवकों के शिक्षक बनने का सपना चकनाचूर होगा, क्योकि तब शाला में शिक्षकों के रिक्त पद ही नही बचेंगे।

पदाधिकारियों ने कहा कि 22 अगस्त को मुख्यमंत्री व शिक्षा सचिव के नाम से सभी जिले में कलेक्टर को मांगपत्र सौपेंगे। उन्होंने प्रश्न किया कि सेटअप में भर्ती व पदस्थ शिक्षक आखिर बिना ट्रांसफर हुए अतिशेष क्यो होंगे, उन्होंने आरोप लगाया कि युक्तियुक्तकरण के नाम पर प्रायमरी व मिडिल स्कूलों में पदों की कटौती की योजना बनाई गई है। युक्तियुक्तकरण नियम सेटअप 2008 का उल्लंघन है, जिसके कारण शिक्षक परेशान हो रहे, मुख्यमंत्री जी को संज्ञान लेना चाहिए।

विसंगतिपूर्ण युक्तियुक्तकरण को रद्द करने चरणबद्ध आंदोलन घोषित

22 अगस्त को सभी जिले में कलेक्टर व डीईओ को ज्ञापन देंगे,23 अगस्त से 28 अगस्त तक मंत्री, संसद व विधायक को ज्ञापन, 2/3 सितम्बर को सचिव व डीपीआई को ज्ञापन,9 सितम्बर को सभी जिला मुख्यालय में विशाल धरना प्रदर्शन होगा,समयानुसार राजधानी में प्रदर्शन होगा।

संगठन ने बताया कि वर्तमान युक्तियुक्तकरण वाले पूर्व माध्यमिक शालाओं में जिनकी दर्ज संख्या 105 या उससे कम है वहां एक प्रधान पाठक एवं तीन शिक्षक पदस्थ करने का नियम बनाया गया है, इसके अतिरिक्त पदस्थ शिक्षक अतिशेष माने जायेंगे। जबकि 2008 के सेटअप जो वर्तमान में लागू है, में न्यूनतम छात्र संख्या पर 1 प्रधान पाठक एवं 4 शिक्षक पदस्थ करने का नियम बनाया गया था, और इसी के आधार पर भर्ती व पदोन्नति विभाग द्वारा की गई है, 1 पद घटाने से एक शिक्षक तो स्वमेव अतिशेष हो जाएंगे इसीलिए यह नियम व्यवहारिक नहीं है।

2008 के सेटअप में प्राथमिक शाला में न्यूनतम छात्र संख्या पर 1 प्रधान पाठक व 2 सहायक शिक्षक का पद स्वीकृत किया गया था, वर्तमान में 1 पद कम कर दिया गया है, यहाँ भी 1 शिक्षक स्वमेव अतिशेष होंगे, यह नियम अव्यहारिक है, तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उल्लंघन है।


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