सरगुजा

ऑक्सीजन नहीं लगाने से मौत, कमिश्नर ने पुन: दिए जांच के आदेश
12-Aug-2024 10:58 PM
ऑक्सीजन नहीं लगाने से मौत, कमिश्नर ने पुन: दिए जांच के आदेश

भाजपा पार्षद आलोक दुबे ने की थी शिकायत

अम्बिकापुर, 12 अगस्त। अम्बिकापुर मेडिकल कॉलेज में  गत दिनों ऑक्सीजन नहीं लगाने से हुई रामचन्द्र ठाकुर के मौत मामले में भाजपा पार्षद आलोक दुबे ने मामले की जांच कराने एवं दोषियों पर कार्रवाई करने सरगुजा कमिश्नर जी.आर. चुरेन्द्र को शिकायत की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए संभागायुक्त ने जांच के आदेश दिए थे।

जांच में सभी बिंदुओं को नहीं लेने एवं प्रबंधन द्वारा उक्त ड्यूटी डॉक्टर को बचाने के प्रयास का आरोप लगाते हुए भाजपा पार्षद ने पुन: सरगुजा कमिश्नर को शिकायत की एवं जांच की मांग किया,जिस पर कमिश्नर ने पुन: मामले के जांच के आदेश दिए हैं।

कमिश्नर ने आर. के. खुंटे, उपायुक्त (वि.)/ अध्यक्ष, जांच समिति, मेडिकल कॉलेज, कार्यालय आयुक्त सरगुजा संभाग को आवेदन पत्र में उल्लेखित बिन्दुओं को भी जांच में सम्मिलित कर अविलंब जांच प्रतिवेदन  प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

भाजपा पार्षद आलोक दुबे ने कमिश्नर से पुन:शिकायत करते हुए आरोप लगाते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल अम्बिकापुर में लापरवाही के कारण हुई दो मौत रामचन्द्र ठाकुर के संबंध में अस्पताल प्रबंधन द्वारा अनुशासन समिति की रिपोर्ट पर कार्यवाही करते हुए घटना दिवस को ड्यूटी में उपस्थित डॉक्टर (अध्यनरत) एवं नर्स की गलती मानते हुए एक माह अतिरिक्त अध्ययन एवं परीविक्षा अवधि बढ़ाई गई है। यह कार्यवाही विधि सम्मत नहीं लगती, क्योंकि अध्यनरत डॉक्टर पर कार्यवाही की गई तो क्या घटना दिवस को किसी चिकित्सक या डॉक्टर की ड्यूटी नहीं लगाई गई थी और अगर डॉक्टर की ड्यूटी लगाई गई थी तो क्या संबंधित डॉक्टर पर कार्यवाही की गई है और अगर नहीं की गई है तो ऐसा प्रतीत होता है कि प्रबंधन द्वारा उक्त ड्यूटी डॉक्टर को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।

उक्त घटना दिवस को ड्यूटी में कार्यरत नर्स की परीविक्षा अवधि एक वर्ष बढ़ाई गई है, जबकि प्राप्त जानकारी के अनुसार ड्यूटी नर्स की परीविक्षा अवधि कार्यवाही से पूर्व ही पूर्ण हो चुका है। ऐसे में की गई कार्यवाही संदेहास्पद है, तथा ऐसा लगता है कि कार्यवाही के नाम पर लिपा-पोती किया जा रहा है।

घटना के संबंध में अनुशासन समिति की रिपोर्ट पर कार्यवाही की गई है।पार्षद श्री दुबे ने प्रश्न उठाया कि अनुशासन समिति को आक्सीजन सप्लाई नहीं हो पाया जिसके कारण मौत हुई तो जिम्मेदार कौन है? जिम्मेदारी तय किया जाना चाहिए।संबंधित वार्ड का सलाहकार कौन था? जिम्मेदारी तय की गई है? अगर नहीं की गई है तो किया जावे।वार्ड का इन्चार्ज सिस्टर (नर्स) की जिम्मेदारी है अथवा नहीं? अगर है तो जिम्मेदारी तय किया जावे। उक्त विभाग का एचओडी के द्वारा घटना दिवस को राउंड किया गया था, क्या प्रतिदिन किया जाता है? अगर किया जाता है तो उक्त बिन्दु को क्या सम्मिलित किया गया है?इस मामले में एमएस और डीन की क्या जवाबदारी है? इसका उल्लेख नहीं है। यह कुछ मुख्य बिन्दु हैं जिसका पालन इस अनुशासन समिति ने अपनी रिपोर्ट में नहीं किया है। इससे संबंधित लोगों से जानकारी भी ली जानी चाहिए।


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