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नागपंचमी महोत्सव: कालसर्प दोष शांति पूजन- महारूद्राभिषेक
09-Aug-2024 10:24 PM
नागपंचमी महोत्सव: कालसर्प दोष शांति पूजन- महारूद्राभिषेक

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

अम्बिकापुर, 9 अगस्त। जय समलाया वास्तु ज्योतिष केंद्र के संचालक पं. योगेश नारायण मिश्र के द्वारा नाग पंचमी पर काल सर्प दोष शांति पूजन एवं महा रुद्राभिषेक महामृत्युंजय मंत्र का आयोजन किया गया।  इस मौके पर जिले भर के करीब 51 जोड़ों ने इस पूजन में शामिल होकर इस पूजन का लाभ उठाया।

इस मौके पर वाराणसी से आए विद्वान ब्राह्मणों द्वारा नाग पंचमी के विशेष मुहूर्त पर कार्यक्रम आयोजित किया गया जहां मंत्रोचार के जरिए सावन के पवित्र मास में  देवाधिदेव महादेव की आराधना करके अपने जीवन के समस्त विघ्न बाधाओं को दूर करने के लिए पूजा-अर्चना की गई।इस अवसर श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के पार्थिव शिवलिंग पर पूजा अर्चना कर अपने जीवन के लिए मंगल कामना की। इस आयोजन का संचालन कर रहे पं. योगेश नारायण मिश्र ने बताया कि नाग पंचमी का विशेष महत्व होता है और इस दिन काल सर्प दोष शांति पूजन एवं रुद्राभिषेक किये जाने पर इस आयोजन में शामिल होने वाले लोगों के जीवन में सुख शांति और समृद्धि आती है।

पं. योगेश नारायण मिश्र ने बताया कि विश्व कल्याण कर लिए ये आयोजन बेहद महत्वपूर्ण है,इस दिन दूध से भगवान शिव का अभिषेक करने पर दीर्घायु और मनोकामना की पूर्ति होती है,मधुरस से अभिषेक करने पर धन प्राप्ति और कर्ज मुक्ति का लाभ मिलता है।

घी से अभिषेक करने पर रोग का नाश होता है और आरोग्यता आती है,इसी तरह सरसों तेल से भगवान शिव का अभिषेक करने पर शत्रु का नाश होता है जबकि शर्करा युक्त दूध से अभिषेक करने पर जहां पुत्र की प्राप्ति होती है तो वहीं फलों के रस से अभिषेक करने वाले व्यक्ति के जीवन में आनंद की वृद्धि होती है।

इस अवसर पर जय समलाया वास्तु ज्योतिष केंद्र के संचालक पंडित योगेश नारायण मिश्र के अलावा पंडित अभिषेक पस्टारिया,पंडित अंकित शर्मा, पंडित दुर्गेश पांडेय,पंडित कृष्णकांत पोडिल, पंडित रुकम पांडेय, पंडित प्रभंजन जी, समेत काफी संख्या में श्रद्धालु व आमजन मौजूद रहे।


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