सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 1 अगस्त। अर्टिगा कार से अवैध मादक पदार्थ गांजा तस्करी के मामले में फरार दूसरे गांजा तस्कर को भी साइबर सेल एवं थाना कोतवाली पुलिस टीम की सक्रियता से गिरफ्तार कर लिया गया है।
आरोपी द्वारा वाहन मालिक से अर्टिगा कार कों एग्रीमेंट में लेकर अवैध मादक पदार्थ गांजा की तस्करी में इस्तेमाल किया जा रहा था। मामले मे 50 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ गांजा कुल कीमती लगभग 10 लाख रुपये एवं घटना मे प्रयुक्त अर्टिगा कार बरामद किया गया था।मामले मे शामिल अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही हैं।
जानकारी के मुताबिक थाना कोतवाली पुलिस टीम को दिनांक 18 जून 2024 को मुखबीर से सुचना प्राप्त हुई कि मारुती अर्टिगा वाहन का चालक एवं अन्य साथी अर्टिगा कार में भारी मात्रा मे अवैध मादक पदार्थ गांजा रखकर बिक्री करने हेतु रायगढ़ से अम्बिकापुर ला रहा है। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए लुचकी घाट के पास पुलिस टीम तैनात कर संदिग्ध कार कि घेराबंदी की गई। इस बीच संदिग्ध अर्टिगा कार का चालक एवं अन्य साथी पुलिस टीम कि भनक पाकर बीच रास्ते में ही कार को छोडक़र झाडिय़ों का सहारा लेकर मौके से फरार हो गए थे।
पुलिस टीम द्वारा कार की जाँच करने पर कुल 50 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ गांजा कुल कीमती लगभग 10 लाख रुपये का बरामद किया गया था, मामले में पुलिस टीम द्वारा पूर्व में आरोपी राहुल सोनी को 21 जुलाई को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया था।
विशेष पुलिस टीम द्वारा मामले में फरार हुए अन्य आरोपियों का लगातार पता तलाश किया जा रहा था, मामले के अन्य आरोपी घटना दिनांक से फरार चल रहे थे, पुलिस टीम द्वारा मामले के आरोपी के सम्बन्ध मे तकनिकी जानकारी प्राप्त कर आरोपी की घेराबंदी कर पकडक़र पूछताछ किया गया जो आरोपी द्वारा अपना नाम अंशुल शुक्ला (23) शहडोल मध्यप्रदेश का होना बताया। आरोपी से घटना के संबंध में पूछताछ करने पर बताया कि कार को वाहन मालिक से 27000/- रुपये मासिक किराया के आधार पर किराया एग्रीमेंट में लेना स्वीकार किया एवं उक्त जब्त अर्टिगा वाहन के माध्यम से 50 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ गांजा ओडिशा से अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर तस्करी कर परिवहन करना स्वीकार किया।
आरोपियों द्वारा लुचकी घाट के पास पुलिस टीम को देखकर कार एवं उपरोक्त मादक पदार्थ गांजा कों मौके पर छोडक़र फरार होना बताया हैं, आरोपी के विरुद्ध अपराध सबूत पाये जाने से गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जाता हैं, मामले में शामिल अन्य आरोपियों का पता तलाश किया जा रहा है।


