सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अम्बिकापुर, 14 फरवरी। सरगुजा की एक और बास्केटबॉल खिलाड़ी का खेल कोटे से रेलवे में नौकरी लगी है। शबनम एक्का सरगुजा टेंलेंट सर्च प्रोग्राम की एक बड़ी खोज है।
सरगुजा टेंलेंट सर्च प्रोग्राम सरगुजा जिला पूर्व कलेक्टर आर प्रसन्ना के पहल व सहयोग से सरगुजा जिला के गांधी स्टेडियम मे स्थानीय कोच राजेश प्रताप सिंह और इन्टरनेशनल कोच के राजेश्वर राव के एक साथ चलाया गया प्रोग्राम है। अंबिकापुर के गांधी स्टेडियम में आयोजित चयन ट्रायल में बेटरी टेस्ट के द्वारा चयनित किया था। इस कार्यक्रम को एपीसी दीपमाला सिंह के विशेष सहयोग से सरगुजा जिला के अन्तर्गत सभी कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय बालिकाओं को इस ट्रायल के लिए सहभागिता कराया।
इस चयन ट्रायल के लिए सरगुजा जिले के रॉ टेलेंटेड खिलाडिय़ों को सरगुजा जिला बास्केटबॉल संघ के अध्यक्ष आदित्येश्वर शरण सिंह देव एवं सचिव राजेश प्रताप सिंह के द्वारा चयनीत होने के पश्चात प्राप्त सुविधाओं की जानकारी और उस से होने वाले फायदे बताकर ट्रायल में भाग लेने हेतु प्रोत्साहित किया जाता है। उनके सामूहिक प्रयासों के कारण ही सरगुजा के बहुत से बच्चों का चयन भारतीय खेल प्राधिकरण प्रशिक्षण केन्द्र राजनांदगांव में हुआ है।
सरगुजा के खिलाडिय़ों ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लिया है और विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेकर पदक प्राप्त किए हैं।
चयन ट्रायल के पश्चात इस चयन ट्रायल में चयनित अन्य खिलाडिय़ों के साथ राजनांदगांव में बुलाकर उन सभी खिलाडिय़ों का कैम्प लगाया गया। उक्त केम्प में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली शबनम एक्का का चयन भारतीय खेल प्राधिकरण प्रशिक्षण केन्द्र राजनांदगांव की आवासीय योजना में किया गया।
शबनम एक्का मूलत: सरगुजा जिले के गांव पेटला सीतापुर ब्लॉक की रहने वाली है और ईंटभट्ठे में मजदूरी करती है। आर्थिक समस्याओं के बावजूद इनकी मॉं ने इन्हें मोटीवेट किया एवं स्वयं अतिरिक्त मेहनत करके शबनम को किसी भी तरह की कमी नहीं होने दी। पिताजी हमेशा खेल के खिलाफ थे, वे चाहते थे कि शबनम भी काम में हाथ बटायें। सरगुजा जिला का टेंलेंट सर्च प्रोग्राम वरदान साबित हुआ। जिससे सरगुजा जिला में खेल के मार्गदर्शक के रुप सरगुजा जिला टेंलेंट सर्च प्रोग्राम द्वारा खिलाडिय़ों का अवसर मिल रहा था। जिसमें खेल के लिए आवासीय ट्रेनिंग सेंटर के लिए चयन हो रहा है।
सरगुजा जिला के सभी ब्लाकों में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय से बालिकाओं का गांधी स्टेडियम अम्बिकापूर में स्थानीय राष्ट्रीय कोच राजेश प्रताप सिंह द्वारा स्थानीय टेंलेंट सर्च प्रोग्राम में शबनम एक्का, उसमें से एक खोज बनी। शबनम की माता की जिद के साथ विशेष सपोर्ट पर ही शबनम को खेल के लिए राजनांदगांव भेजा और आज शबनम एक्का अपनी मेहनत के बल पर इस मुकाम को हासिल किया और अपनी मॉं तेरेसा एक्का का सपना पुरा करते हुए,सरगुजा जिला का टेंलेंट व स्थानीय टेंलेंट को साबित करते हुए शबनम ने पेरिस विश्व खेल में भाग लिया। इसके अतिरिक्त उन्होंने जनवरी 2022 में इंदौर में आयोजित जुनियर राष्ट्रीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता में कांस्य पदक प्राप्त किया तथा कई अन्य राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक प्राप्त किया है। शबनम एक्का को आगे का खेल प्रशिक्षण के साथ को उनके प्रशिक्षक कालवा राजेश्वर राव को दिल्ली पब्लिक स्कूल राजनांदगांव में एवं इस वर्ष आई टी एम यूनिवर्सिटी ग्वालियर में खेल कोटे में निशुल्क एडमिशन कराया है।
शबनम एक्का आदिवासी खिलाडिय़ों ने वनांचल निकलकर अपनी प्रतिभा का लोहा देश एवं विदेश में मनवाकर भारतीय खेल प्राधिकरण प्रशिक्षण केन्द्र राजनांदगांव, अपने गांव, जिले, छग प्रदेश का नाम रोशन करते हुए अपना केरियर भी बनाया है।


