सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
लखनपुर,18 जनवरी। लखनपुर विकासखंड अंतर्गत पटकुरा के चीताघुटरी में 1 किलोमीटर सडक़ काफी जर्जर है। ग्रामीणों को अत्यधिक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। ग्रामीणों ने बुधवार को उक्त सडक़ की मरम्मत करने का बीड़ा उठाया और ग्रामीणों ने श्रमदान कर सडक़ को चलने लायक बनाया। ग्रामीणों ने सडक़ पर मिट्टी मुरूम आदि डालकर मरम्मत की। सडक़ पर बने गड्ढों को मिट्टी मुरूम से भरकर आने-जाने लायक बनाया।
2 दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीण इसी सडक़ से होकर प्रतिदिन अपने मुख्य ग्राम ब्लाक मुख्यालय, बाजार के लिए आवागमन करते हैं। साथ ही कासी डांड नाला में पुल नहीं होने से बरसात के दिनों में यह आश्रित ग्राम मुख्य ग्राम व ब्लॉक मुख्यालय से कट जाता है। सडक़ निर्माण नहीं होने से लोगों का सडक़ पर चलना दूभर हो गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि श्रमदान के माध्यम से सडक़ को चलने लायक बनाया गया। चीता घुटरी के ग्रामीणों के द्वारा बताया गया कि कई बार ग्राम सरपंच सचिव को सडक़ मरम्मत के लिए कहा गया, परंतु उनके द्वारा ध्यान नहीं दिया गया। न ही सडक़ का मरम्मत कार्य कराया गया। सडक़ जर्जर होने से आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। साथ ही काशीडांड़ नाला पर पुल नहीं होने तथा सडक़ जर्जर होने में ग्रामीणों को आवागमन करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
नाला में पुल नहीं होने तथा सडक़ जर्जर होने से एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती है तथा मरीजों को खाट पर लेकर नाला पार कर एंबुलेंस तक पहुंचाना पड़ता है। बरसात के दिनों में स्कूली बच्चों को स्कूल आने जाने तथा ग्रामीणों को शासकीय उचित मूल्य दुकान में राशन लेने आने जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
क्षेत्रीय विधायक सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों को कई बार सडक़ व पुल के निर्माण के लिए कहा गया, परंतु अब तक इस ओर किसी भी प्रकार का पहल शासन प्रशासन की ओर से नहीं किया गया। काशीडांड़ नाला में पुल नहीं होने तथा सडक़ जर्जर होने से ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। क्योंकि जर्जर सडक़ होने तथा नाला में पुल नहीं होने की वजह से गर्भवती महिलाओं, स्कूली बच्चों एवं वृद्ध को अत्यधिक परेशानी होती थी। इसलिए ग्रामीणों के द्वारा श्रमदान कर 1 किलोमीटर तक सडक़ को चलने लायक बनाया गया।
श्रमदान करने वालों में निर्मल एक्का, मेघलाल बड़ा, देवसाय बड़ा, प्रेम साय एक्का, संतरी एक्का , रंजित एक्का, प्लस राम बड़ा, धनी एक्का, प्रवीन कुजुर, झीमन एक्का, हीरा साय, हरी साय, राजू लकड़ा, अंजन एक्का, राजनाथ बड़ा, सतीश तिग्गा, धन साय लकडा, विजय कुजुर, अनिल एक्का, संजू तिर्की, भईया लाल तिर्की, भीम साय तिग्गा, कालम साय, अन्य शामिल रहे।


