सरगुजा

प्रशासन ने एलुमिना कंपनी के साथ ग्रामीणों से किया सीधा संवाद, कहा- 3 हजार लोगों को देंगे कंपनी में रोजगार
13-Jan-2023 8:44 PM
प्रशासन ने एलुमिना कंपनी के साथ ग्रामीणों से किया सीधा संवाद, कहा- 3 हजार लोगों को देंगे कंपनी में रोजगार

ग्रामीणों ने कहा- फर्जी तरीके से चिरगा की जमीन उद्योग विभाग को हस्तांतरित कर दिया
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता 
अम्बिकापुर,13 जनवरी।
गुरुवार को प्रशासन के अथक प्रयास से चिरगा, कालीपुर, लैगु एवं आस पास के ग्रामवासियों एवं मां कुदरगढ़ी एल्यूमिना रिफायनरी प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंधन के साथ एक बैठक का आयोजन किया गया । चिरगा गांव की टोंगरी पर हुई इस बैठक में प्रबंधन प्रतिनिधियों एवं  लगभग 300 ग्राम वासियों की उपस्थिति में सीधा संवाद हुआ। 

कंपनी प्रतिनिधियों द्वारा ग्राम वासियों को बताया गया कि शासन द्वारा कंपनी की स्थापना के लिए जितनी भूमि आवंटित की गई है उससे अधिक भूमि की आवश्यकता कंपनी को नहीं है । कंपनी का मुख्य उद्देश इस क्षेत्र में एल्यूमिना प्लांट लगाने के पीछे यह है कि यहां से प्राप्त बॉक्साइट से सरगुजा में ही एल्यूमिना बनाया जाए जिससे इस क्षेत्र के युवकों को रोजगार मिल सके । कंपनी प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया कि प्लांट चलाने के लिए घुनघुट्टा नदी के सतही जल से पानी लेगी एवं घुनघुटा नदी पर कोई भी डैम नहीं बनाएगी तथा इससे किसी भी प्रकार का विस्थापन नही होगा।

प्रबंधन प्रतिनिधियों ने लोगों को बताया कि कंपनी अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से 3000 लोगों को रोजगार प्रदान करेगी साथ ही युवकों को प्रशिक्षण देकर उनके तकनीकी कौशल उन्नयन कर रोजगार के कई नए अवसर प्रदान करेगी। कंपनी के प्रतिनिधियों ने लोगों को बताया कि यह प्लांट अत्याधुनिक उन्नत तकनीकी पर निर्भर है एवं प्रदूषण के हर बिंदु को नियंत्रण करने हेतु उपकरण लगाए जाएंगे जिससे किसी प्रकार का प्रदूषण ना हो, इसके साथ ही कंपनी 75 एकड़ जमीन में सघन वृक्षारोपण करेगी एवं जीरो डिस्चार्ज का सिद्धांत अपनाएगी।

इसके बाद ग्रामीणों की तरफ से महेश लकड़ा ने उपस्थित लोगों के सामने बताया कि प्रशासन ने जमीन के सर्वे से लेकर ग्रामसभा तक झूठ बोला एवं फर्जी तरीके से चिरगा की जमीन उद्योग विभाग को हस्तांतरित कर दिया। उन्होंने छत्तीसगढ़  एनवायरमेंटल कंजर्वेशन बोर्ड के द्वारा कराई गई जनसुनवाई को फर्जी एवं धोखा बता कर सीधे-साधे ग्रामीणों को गुमराह करने की कोशिश की, यही नहीं उन्होंने प्रशासन के द्वारा प्रदान किए गए समस्त दस्तावेजों को फर्जी मानते हुए अधिकारियों को भ्रष्ट बताया। बैठक मे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंबिकापुर,एसडीएम सीतापुर,एसडीओपी सीतापुर एवं थाना प्रभारी बतौली उपस्तिथ थे।


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