सरगुजा
शीतलहर चलने से कड़ाके की ठंड से ठिठुरे लोग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अम्बिकापुर,7 जनवरी। उत्तर की ओर से आने वाली हवाओं व कोहरा छटने के बाद उतर छत्तीसगढ़ के सरगुजा में कड़ाके की ठंड पड़ रही है।पूरा सरगुजा संभाग शीतलहर की चपेट में है,लोग ठंड से ठिठुर गए हैं।
ठंड से बचने लोग अलाव व मोटे गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं।छत्तीसगढ़ का शिमला मैनपाट में ठंड का सबसे ज्यादा प्रकोप है।यहां पारा 3 डिग्री पर पहुँच गया है।जमाव बिंदु पर पारा पहुंचने के कारण आज सुबह वनस्पति, पेड़-पौधे, मैदानी घास व पुआलों की ढेर में बर्फ की सफेद चादर जैसा जमाव दिखाई दीया। सुबह के समय मैनपाट में चार पहिया वाहन पर बर्फ की सफेद चादर जैसी जम गई थी।
सरगुजा संभाग मुख्यालय अम्बिकापुर में भी पारा धड़ाम से गिर गया है, शनिवार की सुबह अंबिकापुर में तापमान 4.6 डिग्री पर पहुंच गया है।अंबिकापुर शहर से लगे अजीरमा कृषि अनुसंधान विश्वविद्यालय में 4 डिग्री पारा दर्ज किया गया।
इसके अलावा सरगुजा संभाग के बलरामपुर-रामानुजगंज जिला में पारा 6 डिग्री एंव सामरी पाट में लगभग 4 डिग्री दर्ज किया गया।पठारी क्षेत्रों में पाला पडऩे से लोग ठिठुरते नजर आए।इन दिनों पूरा सरगुजा संभाग शीत लहर की चपेट में है जिसका असर लोगों के जनजीवन पर भी पड़ रहा है।
शहर व पहाड़ी क्षेत्र मैनपाट एवं सामरी पाट में पाला पडऩे से ठंड और बढ़ गई है। लोग ठंड से बचने गर्म कपड़े व अलाव का सहारा ले रहे हैं।उत्तर दिशा से चल रही ठंडी हवाओं के कारण आगामी 10 दिसंबर तक सरगुजा संभाग में तापमान में और गिरावट की संभावना है।
पाला गिरने से और बढ़ेगी ठंड
रविवार सुबह शहर से लगे खैरबार, सांडबार , शंकरघाट,मैनपाट, सामरी पाट, बलरामपुर इलाके में जमकर पाला गिरा। पाला गिरने के बाद हवा की ठंडक और बढ़ गई है। न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे चले जाने और हवा स्थिर होने से पाला गिरा। शीत लहर की स्थिति अब भी बनी हुई है इससे आने वाले दिनों में सरगुजा संभाग के तापमान के और गिरने की संभावना है।
स्वास्थ्य के लिए बेहद संवेदनशील
अम्बिकापुर शहर के न्यूनतम तापमान में इस सीजन की सबसे ज्यादा गिरावट हुई है। अचानक तापमान के गिरने से लोग ठंड से सिहर उठे हैं। चिकित्सकों के मुताबिक यह समय स्वास्थ्य के लिए भी बेहद संवेदनशील है। सर्दी, खांसी, बुखार के अलावा हृदय रोगियों को इस समय अपने स्वास्थ्य का खास ध्यान देना होगा।





