सरगुजा

पूर्ण पेंशन मिलना तो दूर हजारों शिक्षकों को आंशिक पेंशन भी मिलना मुश्किल होगा...
31-Dec-2022 8:29 PM
पूर्ण पेंशन मिलना तो दूर हजारों शिक्षकों को आंशिक पेंशन भी मिलना मुश्किल होगा...

डेढ़ लाख शिक्षक राज्य सरकार के पेंशन निर्णय से सांसत में

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

अम्बिकापुर, 31 दिसंबर। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष हरेंद्र सिंह व सरगुजा जिला अध्यक्ष मनोज वर्मा  ने कैबिनेट के निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सेवानिवृत्ति पर राज्यांश राशि जमा करेंगे, पर प्रथम नियुक्ति से पेंशन हेतु सेवा गणना का आदेश शासन को तत्काल करना चाहिए।

छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष हरेंद्र सिंह ने कहा है कि कैबिनेट के निर्णय में उल्लेख है कि एनपीएस खाते में जमा कर्मचारी अंशदान और उस पर अर्जित लाभांश शासकीय कर्मचारी को एनपीएस नियमों के तहत देय होगा, इसे शासन को स्पस्ट करना चाहिए कि एनपीएस कटौती बंद होने के बाद भी प्रान खाता एक्टिव रहेगा व एनपीएस में जमा राशि एनपीएस पेंशन नियमों के तहत देय होगा।

जिला अध्यक्ष मनोज वर्मा ने कहा है कि कर्मचारी पुरानी पेंशन की मांग कर रहे थे क्योंकि इससे रिटायर होने पर अंतिम माह के वेतन के 50 प्रतिशत  के बराबर राशि प्रतिमाह पेंशन में मिलता है, अब शासन यह स्पष्ट करे कि उन्हें सेवानिवृत्त होने पर 50 प्रतिशत  मासिक वेतन राशि पेंशन में मिलेगी, तब उनसे एफिडेविट लेने की बात करे।वर्तमान में शपथ पत्र मांगने का आशय ही कर्मचारियों के देयक पर भ्रम पैदा करता है, सेवानिवृति या निधन की स्थिति में  राशि प्राप्त होने पर राज्य शासन का अंशदान व उस पर अर्जित लाभांश राशि शासन के खाते में जमा करने से कर्मचारियों का पेंशन प्रारंभ होगा यह शासन नियम बनावें, इसके लिए शपथ पत्र लेने की आवश्यकता ही नही है। शासन को यह यह जानकारी लेकर स्पष्ट करना चाहिए कि प्रान नम्बर में अप्रैल 2022 के बाद राशि जमा नही होने से प्रान खाता एक्टिव रहेगा कि डीएक्टिव हो जाएगा। क्योंकि सेवानिवृत्त होने पर ही प्रान खाते से राशि आहरण कर ही राज्यांश राशि शासन के खाते में कर्मचारी जमा कर पाएंगे।

1 नवम्बर 2012 के पूर्व नियुक्त शिक्षकों का एनपीएस कटौती नही हुआ है ऐसे में 1998 से 2012 के बीच सेवा प्रारम्भ किये सवा लाख शिक्षको के विषय मे भी सरकार ने सकारात्मक निर्देश नही दिया है, शिक्षको के मामले में यह भी स्पष्ट नही है कि एनपीएस कटौती 2012 से पुरानी पेंशन लागू की जाएगी।

छत्तीसगढ़ शासन ने अब तक पूर्ण पेंशन हेतु 20 वर्ष की सेवा अवधि का आदेश जारी नही किया है, जबकि केंद्र शासन, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड में 20 वर्ष की सेवा पर पूर्ण पेंशन का प्रावधान है।

छत्तीसगढ़ में प्रथम नियुक्ति अवधि से पुरानी पेंशन देने का रास्ता निकाले सरकार यही समस्त शिक्षक वर्ग चाहते हंै, बहुत से शिक्षक संवर्ग 2027 तक सेवानिवृत हो जाएंगे जिनकी सेवा 2018 से 10 वर्ष भी नहीं होगी, उनके लिए पूर्व सेवा ही पेंशन का आधार है। शिक्षक एलबी संवर्ग ही सबसे पीडि़त है और बिना चर्चा के लिए गए इस निर्णय से डेढ़ लाख शिक्षक सांसत में है, अब तो पूर्ण पेंशन मिलना तो दूर हजारों शिक्षकों को आंशिक पेंशन भी मिलना मुश्किल होगा।


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