सरगुजा
4 नवजात की मौत का मामला
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 14 दिसंबर। राजमाता देवेंद्र कुमारी सिंहदेव चिकित्सा महाविद्यालय अम्बिकापुर में 4 नवजातों की एसएनसीयू में मौत हो जाने के मामले में चिकित्सा शिक्षा विभाग के अवर सचिव द्वारा शिशु रोग विशेषज्ञ कमलेश विश्वकर्मा और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मंजू एक्का को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ साथ अस्पताल अधीक्षक डॉ. लखन सिंह को पदमुक्त कर दिया गया है। अस्पताल अधीक्षक के पद पर अस्थाई रूप से डॉ. आर्या की नियुक्ति कर दी गई है।
कार्रवाई में यह बताया गया है कि राजमाता श्रीमती देवेंद्र कुमारी सिंह देव चिकित्सा महाविद्यालय संबंध चिकित्सालय अंबिकापुर में 5 दिसंबर को शिशु रोग विभाग में गंभीर अवस्था में नवजात शिशु भर्ती थे, किंतु कमलेश प्रसाद विश्वकर्मा रात्रि ड्यूटी के दौरान अस्पताल में उपस्थित नहीं रहे और ना ही भर्ती शिशुओं के उपचार हेतु कोई ठोस पहल की। उनके द्वारा लापरवाही के कारण अस्पताल में भर्ती शिशुओं की मृत्यु हुई ,जोकि छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 1965 के नियम 3 का स्पष्ट उल्लंघन है।
वहीं 29 नवंबर को अंबिकापुर में प्रतापपुर से भेजी गई मरीज सुबुकतारा पति इजराफिल की हाई रिस्क प्रेगनेंसी संबंधी प्रकरण में चिकित्सालय से सूचना प्राप्त होने के बावजूद डॉ. मंजू के द्वारा अपने दायित्व एवं कर्तव्यों का तत्परता पूर्वक निर्वहन नहीं किया गया, जिसके फलस्वरूप चिकित्सालय में भर्ती मरीज की मृत्यु होना एक गंभीर मामला है। आदेश में यह स्पष्ट है कि डॉ मंजू के द्वारा अपने दायित्वों का निर्वहन में घोर लापरवाही बरती गई। वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य मंत्री ने यह इशारा किया है कि अभी और कार्रवाई संभावित है। जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर से बेहतर कोआर्डिनेशन के लिए डॉ. रेलवानी भी असिस्टेंट एमएस व इंचार्ज ऑफ एमसीएच बनाए गए हैं। घटना तिथि को अवकाश पर होने के कारण डॉ. रेलवानी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।


