सरगुजा
आरएसएस प्रमुख ने कहा-दूर से दर्शक बनकर संघ को मत देखिए, समझना है तो शाखा आइए
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अम्बिकापुर,15 नवंबर। दो दिवसीय प्रवास पर सरगुजा के अंबिकापुर पहुंचे आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने पीजी कॉलेज मैदान में स्वयंसेवकों व आम लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि विविधताओं के बाद भी हमारा भारत देश एक है, हम सब एक हैं, हम सभी भारत के लोगों के पूर्वज ऋषि मुनि थे। प्राचीन काल से राजा बदलते गए, कपड़े बदल गए लेकिन हमारे पूर्वज ऋ षि मुनि हैं। विज्ञान कहता है 40 हजार वर्ष पहले अखंड भारत के सभी लोगों का डीएनए एक था। हमारे पूर्वज समान हैं। भारत में विभिन्न जाति के लोग अलग-अलग देवी देवता को मानने वाले हैं। वेद काल से भारत में अनेक लोग अलग-अलग तरीके से पूजा करते है, सबका खानपान रीति रिवाज व भाषा अलग है।

मोहन भागवत ने कहा कि सभी के धर्मों का आदर व सम्मान करना चाहिए, किसी के पूजा पद्धति को बदलने का प्रयास मत करो। सबका आदर करो, सबको स्वीकार कर अपनी राह पर चलो, केवल अपने स्वार्थ को मत देखो, हम सब का सम्मान करते हैं।
श्री भागवत ने आगे कहा कि रामायण, महाभारत, वेदों में भी अलग-अलग जाति व भाषा का वर्णन मिलता है। हमारे देश में न पूजा एक है न भाषा, ऊपर से जात पात, फिर भी हम लोग एक हैं, इसलिए भारत विविधताओं का देश है। हमारे यहां पेड़ों, नदी, पहाड़ , नाग सांपों की भी पूजा की जाती है। उत्तर से लेकर दक्षिण एवं पूरब से लेकर पश्चिम तक सभी धर्म के लोगों की भाषा, देवी देवता व राजनीति अलग हैं, हम सब कितने भी आपस में लड़े, लेकिन संकट के समय एक हो जाते हैं।

उदाहरण देते हुए श्री भागवत ने कहा कि कोरोना महामारी हमारे देश पर इतना बड़ा संकट था, लेकिन सारे लोग एक होकर इस महामारी से लड़े। चार बार अब तक हमारे देश की लड़ाई पाकिस्तान और चीन से हो चुकी है, लेकिन हम सब संकट के समय एक हो जाते हैं और इसका सामना करते हैं।
श्री भागवत ने कहा कि वास्तविकता है कि हम सब एक हैं, फिर आपस में भेदभाव जात-पात के क्यों, हमें सभी के आयोजन में शामिल होना चाहिए। भारत को बड़ा करना है तो हमको इस आचरण पर आना पड़ेगा। हम पूरे भारत को अपना मान कर चलते हैं, शाखा में जो आता है हम उसका जात पात नहीं पूछते, सभी लोग आपसी भाईचारा के साथ रहते हैं, उसी का नाम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ है।

संघ का अपना कोई स्वार्थ नहीं या उसे लोकप्रियता की जरूरत नहीं, संघ के खिलाफ समय-समय पर लोग भडक़ाने का बयान देते हैं इसके बावजूद हम अपने सिद्धांतों पर चलते हैं।
श्री भागवत ने कहा कि लोग नहीं आएंगे तो चलेंगे लेकिन हम सत्य पर चलेंगे, हमारा प्रयास सारे समाज को एक साथ लेकर चलना और भारत को बड़ा बनना है।
मंगलवार को अंबिकापुर नगर के चारों दिशाओं में स्वयंसेवकों द्वारा पथ संचलन के बाद पीजी कॉलेज मैदान में पहुंचे, जहां संघ के सतीश मिश्रा द्वारा एकल गीत के बाद सभा को संबोधित करते हुए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि दूसरी बार सरगुजा आए हैं, स्वयंसेवकों में उत्साह व समाज उत्साहित है उसका कारण स्वयंसेवकों की संख्या बढ़ी है इसके जैसा आज दूसरा कोई नहीं है।

श्री भगवत ने कहा कि सारे देश को एक करने का प्रयास चल रहा है। संघ को इसी से तुलना करके नहीं जाना जा सकता। संघ का काम अगर समझ नहीं आए तो तुलना करके काम नहीं करना। संघ पैरामिलिट्री ऑर्गेनाइजेशन नहीं है,हम शस्त्र विद्या व व्यायाम सिखाते हैं।
श्री भागवत ने कहा कि संघ में आइए शाखा में जाकर देखिए तब समझ में आएगा कि संघ क्या है, यहां किसी प्रकार के फार्म भरने की जरूरत नहीं यहां आकर खुद अनुभव कीजिए और देखिए तब संघ के बारे में पता चलेगा। श्री भागवत ने कहा कि दूर से दर्शक बनकर संघ को मत देखिए, संघ में आकर देखिए, फिर अपने काम को तन मन से कीजिए।
पीजी कॉलेज मैदान में लगभग 10 हजार से अधिक स्वयंसेवकों व भाजपा के वरिष्ठ नेता मौजूद थे। सभा में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव, प्रांतीय पदाधिकारी मोहन वैद्य, अशोक अग्रवाल, दीपक बिसपुते, गोपाल यादव, पावेल लाल, प्रेम शंकर सिदार, बृजमोहन अग्रवाल, केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह, प्रचार प्रमुख केना राम, नारायण चंदेल, अनुराग सिंह देव, अखिलेश सोनी, अंबिकेश केसरी, जन्मेजय मिश्रा, विनोद हर्ष मनोज कंसारी सहित हजारों की संख्या में आरएसएस के स्वयंसेवक उपस्थित थे।


