सरगुजा
जांच में जुटी पुलिस, आरोपी फरार, दस दिनों पूर्व हुई है घटना
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 5 नवंबर। शहर से लगे सांड़बार में पति ने पत्नी की हत्या कर लाश को बाड़ी में दफन कर दिया। लगभग दस दिनों पूर्व हुई इस घटना की जानकारी उस वक्त हुई, जब कुत्तों द्वारा कब्र को खोदकर मृतका के हाथ को बाहर निकाल दिया गया। मां की हत्या की आशंका पर जब बेटे ने पुलिस को घटना की सूचना दी तो आरोपी पति फरार हो गया। हत्या के कारणों का पता अब तक नहीं चल सका है। पुलिस द्वारा आरोपी पति की तलाश की जा रही है।
बताया जा रहा है कि शहर से लगे सांड़बार मंदिर के जंगलपारा निवासी सूरजमणी टोप्पो अपने पति संतोष टोप्पो के साथ रहती थीं, जबकि महिला के दो बेटे मनेन्द्रगढ़ में रहकर कक्षा 4 और 8वीं में पढ़ाई करते हैं। इस बीच महिला का बड़ा बेटा आशुबोध घर आया हुआ था और घर आने पर जब मां नजर नहीं आई तो उसने पिता से पूछताछ की जिस पर उसके पिता ने बताया कि मां घूमने के लिए गई हुई है, लेकिन मां के नहीं लौटने पर उसने पड़ोसियों से भी पूछताछ की।
इस दौरान पता चला कि 25 अक्टूबर के बाद महिला को किसी ने नहीं देखा है। ऐसे में आशुबोध को किसी अनहोनी की शंका हुई। इसी बीच आज सुबह जब वह अपने घर की बाड़ी में पहुंचा तो वहां कुत्ते मंडरा रहे थे और वहां गड्ढे से एक महिला का हाथ बाहर निकला हुआ था। ऐसे में युवक को शंका हुई कि यह लाश उसकी मां की हो सकती है।
आशुबोध ने अपने पिता से पूछताछ की तो वह मौके से फरार हो गया इसके बाद बेटे ने पड़ोसियों को घटना की जानकारी दी। लोगों की सूचना पर आज कोतवाली व मणीपुर चौकी पुलिस की टीम मौके पर पहुंची थी। पुलिस ने खुदाई की तो यहां महिला की लाश पड़ी हुई थी। मृतका की पहचान सूरजमणी टोप्पो के रूप में की गई है।
मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस के आला अधिकारी, फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम मौके पर पहुंची थी और लाश को कब्र से बाहर निकालकर पीएम के लिए भेज दिया गया है। इसके साथ ही पुलिस द्वारा आरोपी की तलाश की जा रही है।
अब तक की जांच में जो जानकारी सामने आई है, उसके मुताबिक 25 अक्टूबर की रात पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। संभवत: विवाद के दौरान आरोपी संतोष टोप्पो ने पत्नी सूरजमणी टोप्पो की पिटाई करने के साथ ही उसकी हत्या कर दी और पकड़े जाने के डर से उसने लाश को घर के पीछे बाड़ी में दफन कर दिया। विवाद व हत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है लेकिन ग्रामीणों व परिजन का कहना है कि समूह के पैसे को लेकर दोनों के बीच विवाद होता रहता था।


