सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अम्बिकापुर,3 नवंबर। सरगुजा जिले के सर्वशिक्षा अभियान के अंतर्गत राजीव गांधी शिक्षा मिशन के तहत शाला भवनों में विद्युतीकरण के कार्यों में फर्जी बिल वाउचर लगाकर करोड़ों रुपए की शासकीय राशि के गबन करने के संबंध में गुरुवार को एक परिवाद मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अंबिकापुर के न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
परिवाद में उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2011-12 तथा 2012-13 में सर्वशिक्षा अभियान के तहत प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला में कुल 1005 शालाओं में विद्युतीकरण कार्य हेतु 30 हजार प्रतिशाला के मान से रुपए 3 करोड़ एक लाख पचास हजार की स्वीकृति प्रदान की गई थी। शालाओं में बिना विद्युतीकरण कार्य किए राशि का भुगतान संबंधित ठेकेदार को कर दिया गया है तथा पूर्णता प्रमाण भी जारी किया जा चुका है।
उक्त कार्यों के संबंध में एक शिकायत कमिश्नर सरगुजा के समक्ष की गईं थी, जिसके आधार पर एक जांच दल का गठन करने का आदेश दिया गया था। जांच दल ने 2 मई 2015 को जांच कर जांच प्रतिवेदन प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग को भेजा। प्रतिवेदन में यह उल्लेख किया गया कि स्थल परीक्षण कर वहां पदस्थ प्रधान पाठकों का बयान दर्ज किया गया है।
निरीक्षण के दौरान उक्त शाला में विद्युतीकरण का कार्य नहीं होना पाया गया है। विद्युतीकरण के लिए कार्यपालन अभियंता, लोक निर्माण विभाग, विद्युत यांत्रिकी को कार्य एजेंसी नियुक्त किया गया थ। इसमें ठेके के माध्यम से कार्य संपादित होना बताया जाकर संपूर्ण राशि का भुगतान कर दिया गया। इस तरह बिना कार्य के भुगतान होना बताया गया।
उपरोक्त सभी कार्यों का फर्जी मूल्यांकन तथा मेजऱमेंट अधिकारी और ठेकेदार के द्वारा किया गया और उपरोक्त कार्य के करोड़ों रुपए की राशि का भुगतान भी फर्जी दस्तावेज के आधार पर तत्कालीन प्रभारी कार्यपालन अभियंता एच एल शर्मा, एसडीओ रीता सेन तथा सब इंजीनियर रूपाली सिन्हा एवं सीमा साहू ने किया गया जो जांच प्रतिवेदन से प्रमाणित है। अधिकारियों एवं ठेकेदार ने शासकीय राशि का गबन करने के लिए दस्तावेजों में कूट रचना की और फर्जी दस्तावेज तैयार का शासकीय राशि आहरण किया गया जो आपराधिक कृत्य है।
आरटीआई कार्यकर्ता डीके सोनी अधिवक्ता के द्वारा उपरोक्त दस्तावेजों के आधार पर अधिकारी एवं ठेकेदार के विरुद्ध 19 सितंबर 2022 को कोतवाली अंबिकापुर में कूट रचित दस्तावेजों के आधार पर धारा 409, 419, 420, 467, 468, 471 भादवि के तहत पंजीबद्ध किए जाने का आवेदन प्रस्तुत किया था लेकिन कोई अपराध दर्ज नही किया गया। बाद मेन29 सितंबर 22 को पुलिस अधीक्षक सरगुजा के समक्ष भी आवेदन दिया गया पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने बाद 3 नवम्बर को धारा 156(3) दंड प्रक्रिया संहिता के तहत मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अंबिकापुर के न्यायालय में परिवाद पेश किया गया जिस पर 7 नवंबर को सुनवाई होगी।


