सरगुजा
मेडिकल सह क्लिनिक सील, गठित टीम ने की जाँच शुरू
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर/कुसमी, 19 अक्टूबर। बलरामपुर-रामानुजगंज जिला के कुसमी नगर में एक मेडिकल संचालक कम झोलाछाप डॉक्टर के इलाज से सोमवार को 2 साल की बच्ची की मौत हो गई। झोलाछाप डॉक्टर फरार है। मेडिकल सहक्लिनिक को सील कर दिया गया है।
परिजनों ने बताया कि बच्ची की सर्दी-खाँसी से तबीयत खराब थी, जिसका इलाज के लिए वह डॉक्टर के यहां पहुँचे थे। डॉक्टर के इंजेक्शन लगाते ही बच्ची ने खून की उल्टी कर दी। घबराए डॉक्टर ने हालत खराब होने पर किसी बड़े अस्पताल लेकर जाओ कहा। तभी इलाज के लिए ले जाने हुए राजपुर के पास मासूम की मौत हो गई।

इस मामले में अंबिकापुर पुलिस ने शून्य पर मर्ग कायम कर लिया था। मेडिकल कॉलेज में पीएम उपरांत बच्ची का शव परिजनों को सौंप दिया गया। वहीं अगले दिन बुधवार को बलरामपुर सीएमएचओ बसंत सिंह द्वारा गठित टीम जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है तथा मेडिकल सहक्लिनिक संचालक के फरार होने की स्थिति में सील की कार्यवाही की गई है।
ज्ञात हो कि ग्राम निलकंठपुर निवासी दो वर्षीय सिमरन पिता मनोहर राम को कुछ दिन से सर्दी-खाँसी थी। परिजन बस स्टैंड स्थित केजीएन मेडिकल स्टोर संचालक झोलाछाप डॉक्टर सेराजुउद्दिन अंसारी के पास इलाज के लिए आए। वहां बच्ची का इलाज कराया। डॉक्टर ने बच्ची को दो इंजेक्शन लगाए। जिसके बाद बच्ची की तबियत बिगड़ती चली गई और बच्ची ने खून की उलटी कर दी। डॉक्टर ने कहा कि इसे इलाज के लिए किसी बड़े अस्पताल ले जाओ। अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज इलाज के लिए ले जाने के दौरान बच्ची ने बीच रास्ते में राजपुर के पास दम तोड़ दिया।

वहीं इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बलरामपुर सीएमएचओ बसंत सिंह के द्वारा जांच टीम का गठन किया गया। जांच टीम के द्वारा बुधवार को मेडिकल सहक्लिनिक संचालक से बयान लेने का प्रयास किया, किंतु वह फरार था। मेडिकल स्टोर पहुंचकर संचालक के बारे में पतासाझी की गई, किंतु फरार होने की स्थिति में जांच टीम के द्वारा मेडिकल सहक्लिनिक को सील कर दिया गया है तथा आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सील कार्रवाई के दौरान थाना प्रभारी कुसमी सुनील केरकेट्टा दल-बल सहित उपस्थित थे।
प्रभारी बीएमओ कुसमी डॉ. राकेश ठाकुर ने बताया कि हम लोगों के द्वारा जांच की प्रक्रिया शुरू की गई है और फरार होने की स्थिति में सील की कार्रवाई की गई है तथा आगे परिजनों का बयान लेकर जांच रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा जहां से आगे की कार्रवाई की जाएगी।


