सरगुजा

एमए साहित्यिक हिंदी का पाठ्यक्रम शुरू करने पर जोर
12-Oct-2022 8:47 PM
एमए साहित्यिक हिंदी का पाठ्यक्रम शुरू करने पर जोर

विश्वविद्यालय में आइक्यूएसी  की बैठक

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 12 अक्टूबर।
आज संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय सरगुजा अंबिकापुर के कुलपति प्रोफेसर अशोक सिंह की अध्यक्षता में विश्वविद्यालय आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ की बैठक हुई। प्रो. अशोक सिंह ने विश्वविद्यालय में एम ए साहित्यिक हिंदी का भी पाठ्यक्रम  शुरू करने पर जोर दिया । इस अवसर पर यूजीसी  से 12 बी की मान्यता के लिए  कमेटी गठित की गई।

आगामी वर्ष में विश्वविद्यालय का नैक ग्रेडिंग को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में समस्त प्राध्यापकों एवं विभागाध्यक्ष की बैठक की गई। जिसमें बताया गया कि आगामी शैक्षणिक सत्र से विश्वविद्यालय में शोधरत कुल 10  शोधार्थियों को छात्रवृत्ति भी प्रदान की जाएगी।

विश्वविद्यालय के समस्त शैक्षणिक विभागों में नव प्रवेशित  छात्र-छात्राओं के लिए इंडक्शन प्रोग्राम आयोजित किया जाएगा। नई शिक्षा नीति को दृष्टिगत रखते हुए विश्वविद्यालय शिक्षण विभागों में छात्र-छात्राओं के लिए अनिवार्य रोजगारमूलक सर्टिफिकेट एवं डिप्लोमा कोर्स भी शुरू किये जाएंगे और विश्वविद्यालय में कई प्रकार के नवाचार या बेस्ट प्रैक्टिस कार्यक्रम भी किए जाएंगे। जिसमें जीरो कार्बन को क्रियान्वित करना, सोशल वेलफेयर, स्किल डेवलपमेंट, कंसलटेंसी की भी सुविधाएं होंगी, जो रोजगारमूलक होगा।

कुलपति ने बताया कि हर विभाग  प्रतिवर्ष दो सेमिनार करवाएगा और सभी विभाग मिलकर 6 महीने पर एक इंटरनेशनल सेमिनार करवाएंगे। इस बैठक में ट्रेनिंग सेल और प्लेसमेंट सेल बनाने का भी निर्णय लिया गया।
 
बैठक में विश्वविद्यालय के कुलसचिव विनोद कुमार एक्का, कार्य परिषद के सदस्य डॉ. वीके सिंह, इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आर एन खरे, विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. राजकुमार उपाध्याय मणि,  आनंद कुमार,  खेम करण अहिरवार, मुकेश कुमार नाग, डॉ. जुनैद खान, समन नारायण उपाध्याय, असीम केरकेट्टा, डॉ. अमृता कुमारी पंडा, हरिशंकर प्रसाद तोंडे, डॉ. अर्णब बनर्जी, डॉ. जयस्तुदत्ता, डॉ. मनोज झारिया, डॉ. सुषमा केरकेट्टा, डॉ. धीरज यादव आदि अध्यापक एवं आइक्यूएसी के सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन और धन्यवाद ज्ञापन संयोजक डॉ आशीष कुमार बंजारा ने किया।

इसकी जानकारी विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. राजकुमार उपाध्याय मणि ने दी है।


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