सरगुजा

दोहरे हत्याकांड का खुलासा, पहले पति ने की हत्या
04-Oct-2022 9:15 PM
दोहरे हत्याकांड का खुलासा, पहले पति ने की हत्या

पत्नी के सामने दूसरे पति को मारा, जंगल ले जाकर रेप कर की हत्या
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अम्बिकापुर, 4 अक्टूबर।
सरगुजा में हुए दोहरे हत्याकांड का खुलासा हो गया है। घटना को अंजाम देने वाला मृतक महिला का पूर्व पति निकला, जो पति पत्नी का रिश्ता टूटने से रंजिश रखा हुआ था। उसने पहले महिला के सामने उसके दूसरे पति की हत्या की, बाद में महिला को जंगल ले जाकर उसके साथ रेप किया और बाद में उसकी हत्या कर फांसी पर लटका दिया था। आरोपी ने महिला के मासूम पुत्र को भी मार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था, जिसका उपचार जारी है।

इस दोहरे हत्याकांड से पुलिस महकमे में हडक़ंप मच गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए सरगुजा एसपी भावना गुप्ता ने स्वयं से घटना के जांच की कमान संभाली और कई टीमों को लगाकर आरोपी को कुछ घंटे के अंदर ही गिरफ्तार कर लिया।

मंगलवार को दोहरे हत्याकांड का खुलासा करते हुए सरगुजा एसपी भावना गुप्ता ने बताया कि मणिपुर पुलिस चौकी अंतर्गत एक 23 वर्षीय युवती का विवाह लखनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम कोरजा निवासी राकेश राजवाड़े उर्फ जग्गू के साथ हुआ था। मारपीट करने की वजह से उनका रिश्ता टूट गया था। पिछले 2 वर्ष से महिला ग्राम थोर में आसाराम यादव के साथ पत्नी के रूप में रह रही थी। उनका डेढ़ वर्षीय पुत्र भी है।

 घटना दिवस रविवार को आरोपी राकेश राजवाड़े उर्फ जग्गू निवासी कोरजा लखनपुर जो कि अंबिकापुर नगर के समीप बकिरमा में पलंबर का कार्य कर रहा था। रविवार की रात 8 बजे काम करके वह 2 किलोमीटर दूर ग्राम थोर पहुंचा, जहां उसकी पहली पत्नी आसाराम यादव के साथ रहती थी। रात को वह उसके घर पहुंचा और दोनों को उनके नाम से आवाज देकर दरवाजा खुलवाया। कुछ देर वह महिला से बातचीत करता रहा।
 
इस दौरान विवाद भी हुआ, उसके बाद उसने गाय बांधने वाले खूंटे को उखाड़ कर आसाराम यादव के ऊपर प्राणघातक हमला कर दिया। उसके पश्चात उसके पुत्र को भी मार कर घायल कर दिया। उसके पश्चात आरोपी ने महिला को आसाराम यादव के ही मोटरसाइकिल में बैठा कर उदयपुर के मुरता जंगल में ले गया और पहले उसके साथ बलात्कार किया, फिर उसकी हत्या कर दी। महिला की हत्या के बाद आरोपी ने इसे फांसी का रूप देते हुए उसकी लाश को पेड़ में टांग कर फरार हो गया था।

प्रकरण की गंभीरता को संज्ञान में लेते हुए पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज अजय यादव के सतत मार्गदर्शन में पुलिस अधीक्षक सरगुजा भावना गुप्ता के निर्देशन में तत्काल आरोपी का पता तलाश कर शीघ्र गिरफ्तार करने हेतु दिशा निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक शुक्ला, नगर पुलिस अधीक्षक अखिलेश कौशिक के नेतृत्व में चार थाना प्रभारियों की तत्काल विशेष टीम गठित कर स्वयं पुलिस अधीक्षक सरगुजा ने मामले की कमान संभाल रखी थी।

जांच के दौरान सरगुजा पुलिस को घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य एवं परिजनों द्वारा दिए गए बयान के आधार पर मामले के संदेही को विशेष टीमों एवं साइबर सेल से प्राप्त तकनीकी सहायता के आधार पर तत्काल संदेही की पहचान कर पकडऩे का प्रयास किया जा रहा था। संदेही के घर कोरजा में पुलिस द्वारा धरपकड़ का प्रयास किया गया।

संदेही द्वारा घर में छुपा कर रखे मृतक के पल्सर वाहन को संदेही के घर से बरामद किया गया। संदेही पल-पल अपना लोकेशन बदल रहा था। सरगुजा पुलिस की तत्परता एवं विशेष टीमों के अथक प्रयास से संदेही को जशपुर भागते समय बस से पकड़ा गया।

घटना के संबंध में पूछताछ करने पर आरोपी जग्गू उर्फ राकेश ने बताया कि मृतक महिला पहले मेरी पत्नी थी जो मेरे साथ में न रहकर मृतक के साथ पिछले 2 साल से रह रही थी, जिस कारण आरोपी रंजिश रखता था। आरोपी द्वारा मृतक को खूंटा से मारकर हत्या करना स्वीकार किया।

संपूर्ण मामले में थाना प्रभारी अंबिकापुर रुपेश नारंग, थाना प्रभारी उदयपुर धीरेन्द्रनाथ दुबे, मणिपुर चौकी प्रभारी सरफराज फिरदौसी, सहायक उपनिरीक्षक भूपेश सिंह,प्रभात सिंह,विवेक पांडे, प्र.आर. विपिन तिवारी, प्र.आर. सतीष सिंह, मनोज लकड़ा, आरक्षक सत्येंद्र दुबे, अतुल शर्मा, सुरेश गुप्ता, आशीष चौहान, निर्मल भगत, इम्तियाज, अमित विश्वकर्मा, बृजेश राय, सीनू फिरदौसी, अतुल सिंह, विकास सिंह, एवं साइबर सेल से प्र. आर. भोजराज पासवान, सुधीर सिंह, आर. रमेश राजवाड़े, विकाश मिश्रा, जितेश साहू, अशोक यादव, रुपेश महंत, सैनिक संतोष पाठक शामिल रहे।


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