सरगुजा

संत गहिरा गुरु विवि में कलेक्टर दर पर नए कर्मियों के नियुक्ति का विरोध
13-Sep-2022 8:05 PM
संत गहिरा गुरु विवि में कलेक्टर दर पर नए कर्मियों के नियुक्ति का विरोध

  प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन, काम बंद कलम बंद आंदोलन की चेतावनी 

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अम्बिकापुर,13 सितंबर। संत गहिरा गुरू विश्वविद्यालय में कलेक्टर दर पर नवीन कर्मचारियों के नियुक्ति को लेकर विश्वविद्यालय में कार्यरत अनियमित कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने कुलपति को ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने मांग पूरी नहीं होने पर 14 सितंबर से काम बंद कलम बंद आंदोलन की चेतावनी दी है।

ज्ञापन में बताया गया कि विश्वविद्यालय के लिए शासन द्वारा स्वीकृत सेटअप के सीधी भर्ती के पद अब रिक्त नहीं है, इसके पश्चात भी मनमाना ढंग से फार्मेसी विभाग में 6 पदों पर नवीन भर्ती बिना रोस्टर के छत्तीसगढ़ लोक सेवा (अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़ा वर्गों का आरक्षण) अधिनियम 1994 का उल्लंघन करते हुए किया जाता रहा है और आगे भी करने की तैयारी है। सरगुजा जिले के आदिवासी अंचल में हो रहे इन अन्यायपूर्ण रवैया के कारण हम सभी कर्मचारी विवश होकर विरोध प्रदर्शन करने को बाध्य हुए हैं।

कर्मचारियों के द्वारा नियुक्ति दिनांक से ई.पी.एफ. की मांग पर कार्यपरिषद् के द्वारा स्वीकृत किये जाने का निर्णय लिये जाने पर भी लंबित है। जबकि कर्मचारी भविष्य निधि एवं प्रकीर्ण उपबंध अधिनियम 1952 की धारा 06 सहपठित पैरा 30 एवं 36 में प्रावधान है कि प्रत्येक सदस्य की नियुक्ति तिथि से - सेवा छोडऩे की तिथि तक का अंशदान जमा करना अनिवार्य है। नियुक्ति तिथि बारी से संस्था के द्वारा अंशदान जमा नहीं होने की स्थिति में दोनों अंशदान की कटौती राशि को संस्था नियोक्ता विश्वविद्यालय प्रशासन के द्वारा जमा करना उक्त प्रावधान अनिवार्य दर्शाता है।

कर्मचारियों ने बताया कि विश्वविद्यालय में स्थापना काल से कार्यरत कर्मचारियों को कार्यभारित करने का निवेदन शासन स्तर पर कार्रवाई चलने के बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन के द्वारा 2 साल से कार्रवाई लंबित कर के रखा गया है।


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