सरगुजा
घायल को झेलनी में बैठाकर 8 किमी पगडंडी का सफर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 9 सितंबर। उदयपुर विकासखंड के ग्राम बकोई के जंगल में मवेशी चराने के एक ग्रामीण से भालू का सामना हो गया। भालू से अपनी जान बचाने संघर्ष करता हुआ ग्रामीण खाई में गिर गया। पूरी रात बेहोश पड़े रहने के बाद अंतत: परिजन उसके पास पहुंचे। जिंदगी बचाने की जद्दोजहद फिर भी जारी रही। घायल ग्रामीण को झेलनी में बैठा कर मजबूर परिजन 8 किलोमीटर पगडंडी का सफर तय किए, तब जाकर 112 वाहन के रूप में घायल ग्रामीण को जिंदगी मिल सकी। घायल को उदयपुर अस्पताल ले लाया गया, जहां से रिफर करने पर उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाकर दाखिल कराया गया है। यहां उसका उपचार जारी है।
जानकारी के अनुसार ग्राम बकोई निवासी सनी राम गुरुवार को पास के जंगल में मवेशियों को चराने निकला था। वहीं एक भालू से उसका सामना हो गया। काफी देर संघर्ष करते हुए भालू से अपनी जान बचाते बचाते वह एक खाई में गिर गया। चोट ज्यादा होने की वजह से वह अचेत हो गया। शाम को मवेशी जब घर पहुंचे तो परिजन मवेशियों के साथ सनी राम को न पाकर चिंतित हो गए। रात को ही गांव के लोगों द्वारा उसकी खोजबीन शुरू की गई। आज 4 बजे तडक़े जब ग्रामीण जंगल में थे, उस दौरान होश में आए शनिराम ने चिल्लाना शुरू किया। आवाज सुनकर ग्रामीण उसके पास पहुंचे। तत्काल 112 वाहन को भी सूचना दी गई, परंतु उक्त क्षेत्र पहुंच विहीन होने के कारण 112 वाहन उक्त स्थल तक नहीं पहुंच पाई।
घायल ग्रामीण को लेकर परिजन उसे एक झेलगी में बैठा कर लगभग 8 किलोमीटर पैदल चले। तब जाकर उन्हें 112 वाहन की सुविधा मिल सकी। वाहन से उसे उदयपुर अस्पताल लाया गया ,जहां प्राथमिक उपचार कर चिकित्सकों ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया।


