सरगुजा

जनजाति समाज से राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया जाना देश के इतिहास में पहला निर्णय-नेताम
14-Jul-2022 7:45 PM
जनजाति समाज से राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया जाना देश के इतिहास में पहला निर्णय-नेताम

कहा-कांग्रेस के विधायक व मुख्यमंत्री से भी करेंगे समर्थन का आग्रह

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर,14 जुलाई।
द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाने को लेकर गुरुवार को प्रेस वार्ता के दौरान राज्यसभा सांसद रामविचार नेताम ने कहा कि देश के इतिहास में यह पहला ऐसा निर्णय है, जिसमें अनुसूचित जनजाति का सम्मान बढ़ाया गया है। देश में 11 करोड़ से ऊपर अनुसूचित जनजाति विभिन्न राज्यों में हैं।

श्री नेताम ने कहा कि लंबे समय तक कांग्रेस की सरकार रही, परंतु कांग्रेस सरकार ने अनुसूचित जनजाति को ठगने और बरगलाने का काम किया। कांग्रेस सरकार ने आज तक एसटी समाज को आगे लाने का कोई प्रयास नहीं किया। जब हमारी एनडीए की सरकार बनी, तब हमारे तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष रहे पी एस संगमा को भी भाजपा ने बतौर एसटी होने के नाते राष्ट्रपति का उम्मीदवार बनाने का प्रयास किया था, लेकिन कांग्रेस पार्टी उस समय अपना दूसरा उम्मीदवार खड़ा करके दूसरे को जिताने का काम की। एसटी समाज की समस्या को देखने और उनके विकास के लिए क्या-क्या किया जा सकता है, क्या योजनाएं बनाई जा सकती है, इसके लिए भी कोई अगर काम किया है तो एनडीए की सरकार ने। तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के समय एसटी का मंत्रालय अलग था।

इसी प्रकार पहली बार जब नरेंद्र मोदी की सरकार बनी तो द्रौपदी मुर्मू को झारखंड का राज्यपाल बनाया गया था। इससे पहले द्रौपदी मुर्मू ओडिशा प्रदेश की मंत्री व विधायक भी रह चुकी हैं। संगठन के विभिन्न दायित्व को संभाल चुकी द्रौपदी मुर्मू को प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार घोषित किया है। इस निर्णय से देश भर में एसटी समाज के लोगों का सम्मान बढ़ाने का जो काम किया गया है, उसके लिए हम प्रधानमंत्री का अभिनंदन करते हैं। दबे कुचले व समाज में पिछड़े, विकास की मुख्यधारा से कटे समाज की महिला को राष्ट्रपति भवन तक पहुंचाना एक बड़ा निर्णय है।

श्री नेताम ने कहा कि आने वाले दिनों में राष्ट्रपति पद के लिए वोटिंग होगी। इसके लिए हम सभी पहले कांग्रेस के विधायक के दरवाजे तक जाएंगे। मुख्यमंत्री से भी अनुरोध करेंगे कि पहली बार हमारे समाज को अवसर मिला है, आप भी इसका समर्थन कीजिए। श्री नेताम ने कहा कि कोई भी दल या पार्टी समर्थन देने से इंकार करती है तो यह मान कर चलिए कि वह आदिवासियों के साथ नहीं है।

प्रेस वार्ता के दौरान आदिवासी समाज के प्रदेश महामंत्री सत्यनारायण सिंह, आदिवासी मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कमलभान सिंह, राम लखन पैकरा, प्रबोध मिंज, फुलेश्वरी पैकरा, बिहारीलाल तिर्की, कौशल प्रताप, धनाराम नागेश, अभिमन्यु गुप्ता, संतोष दास सहित अन्य मौजूद थे।


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