सरगुजा

गुरु का साथ एवं प्रेरणा मानव जीवन को सार्थक बनाने में परम आवश्यक-संगीता
13-Jul-2022 8:01 PM
गुरु का साथ एवं प्रेरणा मानव जीवन को सार्थक बनाने में परम आवश्यक-संगीता

  महर्षि विद्या मंदिर में धूमधाम से मना गुरु पूर्णिमा महोत्सव    

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अम्बिकापुर,13 जुलाई।
महर्षि विद्या मंदिर प्रतापपुर में गुरु पूर्णिमा महोत्सव एवं महर्षि विश्व शांति आंदोलन का 14वां स्थापना दिवस छात्र-छात्राओं तथा शिक्षकों की उपस्थिति में धूमधाम से मनाया गया।

सर्वप्रथम वैदिक परंपरा का निर्वहन करते हुवे दीप प्रज्ज्वलन एवं विधि विधान से गुरु पूजन किया गया, उसके पश्चात सभी छात्रों ने गुरु शिष्य परंपरा से संबंधित ड्राइंग बनाया, सभी छात्र-छात्राओं ने शिक्षकों को तिलक लगाकर आशीर्वाद प्राप्त किया।

इस अवसर पर प्राचार्या संगीता श्रेष्ठ ने गुरु की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु का साथ एवं प्रेरणा मानव जीवन को सार्थक बनाने में परम आवश्यक है। महर्षि विद्या मंदिर विद्यालय समूह के अध्यक्ष ब्रम्हचारी गिरीश जी का संदेश भी पढ़ कर सुनाया गया।

प्राचार्या ने महर्षि विद्या मंदिर विद्यालय की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए यह बताया कि महर्षि विद्या मंदिर विद्यालय की प्रमुख विशेषता है कि यह संस्थान विद्यार्थियों को उत्तम शिक्षा के साथ संस्कारित भी करता है। इस वैदिक ज्ञान विज्ञान से संस्कारित ये विद्यार्थी अपने स्वयं के जीवन में, अपने परिवार व समाज में अपने सद्गुणों से एक नई आभा और ऊर्जा का संचार करके आदर्श समाज की स्थापना करेंगे, जहां सभी नागरिक सुखी संम्पन्न, स्वस्थ शांतिपूर्ण और आनंदमय जीवन व्यतीत कर सकेंगे।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि महर्षि जी ने अनवरत प्रयास किया कि प्रत्येक व्यक्ति अपनी वैदिक गुरु परंपरा एवं वैदिक तकनिकों से अपनी चेतना को जागृत कर अपने परिवार, अपने समाज, अपने देश एवं विश्व परिवार को एक सुगठित एवं अनुशासित इकाई के रूप में परिवर्तित कर सके। इसी के लिए परम पूज्य महर्षि जी ने प्रत्येक मानव में चेतना जागृत करने एवं उसे स्थायित्व देने हेतु भावातीत ध्यान की एक सरल, स्वाभाविक एवं प्रयास रहित तकनीक विश्व को प्रदान की है।

इसका नियमित अभ्यास कर हम जीवन सफल बना सकते है आज के समय मे जब दुनिया के समस्त देश अपनी ताकत का बल दिखा रहे हैं, वहीं हमारा भारत देश अपनी वैदिक संस्कृति का ज्ञान सभी को देकर नागरिकों का जीवन सुखमय और शांतिप्रिय बनाना चाहता है और इसी बल से हम अपने देश को पुन: जगत गुरु बना सकते हैं।

आज के इस आधुनिक युग मे अपनी संस्कृति और सभ्यता का ज्ञान हमारी महर्षि विद्यालय समूह के द्वारा प्रदान किया जा रहा है जिसमे छात्र छात्राओं को आधुनिकता के साथ अपनी संस्कृति से जुड़े रहने का ज्ञान दिया जाता है । अपनी संस्कृति से जुड़ी शिक्षा मानव जीवन को अनवरत उचाईयों पर ले जाता है।

समस्त कार्यक्रम के दौरान सभी छात्र छात्राओं ने अपने गुरु की वंदना का कार्यक्रम प्रस्तुत किया ।समस्त कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की प्राचार्या संगीता श्रेष्ठ, शिक्षिका रेणु सिंह,दुर्गा महंत,स्वेता कुशवाहा, बिंदु जायसवाल, मुन्नी पांडेय शिक्षक सुनील श्रेष्ठ, सुनील कुमार वर्मा तथा ध्यान योग शिक्षक संतोष सिंह उपस्थित थे ।


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