सरगुजा

हसदेव अरण्य में जंगल की कटाई तत्काल बंद किया जाए, अन्यथा क्षेत्र के लोग हसदेव पहुंच जाएंगे...
05-Jun-2022 8:25 PM
हसदेव अरण्य में जंगल की कटाई तत्काल बंद किया जाए, अन्यथा क्षेत्र के लोग हसदेव पहुंच जाएंगे...

पर्यावरण बचाने शहर में निकली भव्य रैली, आम सभा का आयोजन

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अम्बिकापुर, 5 जून।
विश्व पर्यावरण दिवस पर अंबिकापुर शहर में आदिवासी एकता महासभा और छत्तीसगढ़ किसान सभा सरगुजा द्वारा जुलूस एवं रैली कर एवं आमसभा कर शहर के लोगों का ध्यान पर्यावरण बचाने की ओर आकर्षित किया गया। रैली के पश्चात एक छोटी आम सभा की हुई, जिसको बाल सिंह, ऋषि कुमार गुप्ता, विमलेश सिंह सुरेंद्र लाल सिंह, रामलाल हकदार, सीपी शुक्ला आदि ने संबोधित किया। कहा गया कि हसदेव क्षेत्र में जंगल की कटाई तत्काल बंद किया जाए अगर ऐसा नहीं हुआ तो इस पूरे क्षेत्र में आम जनता उठ करके हसदेव पहुंच जाएगी और पेड़ काटने से रोका जाएगा।

सभा को मुख्य रूप से संबोधित करते हुए सीपी शुक्ला ने कहा कि आज पूरी दुनिया पर्यावरण की समस्या से जूझ रही है तथाकथित विकास के नाम पर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। पूरे दुनिया के जंगल काटे जा रहे हैं नदी नालों को बंद किया जा रहा है, जिससे पूरी दुनिया में गर्मी पड़ रही है। बर्फ पिघल रही है। कई प्रकार की बीमारियां पर्यावरण खराब होने से बढ़ रही हैं ओजोन परत को नुकसान होने से उसमें छेद हो रहा है जिससे कि अल्ट्रावायलेट किरणें सीधे धरती पर पहुंच रही हैं और कैंसर जैसी बीमारियों को बढ़ावा मिल रहा है। फिलहाल हमारे छत्तीसगढ़ में भी पर्यावरण को कोयला खनन करके भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है अदानी और अंबानी को यह पूरी धरती ही सौंपी जा रही है इसका सबसे ताजा उदाहरण हसदेव अरण्य में केंद्र सरकार द्वारा कोयला खदान खोलने के लिए अदानी को लाइसेंस का दिया जाना है अगर यह खदान खोला गया तो इससे जंगलों को भारी नुकसान होगा जिससे करीब करीब 50 और 60 लाख से ऊपर पेड़ काटे जाएंगे।

सरगुजा बलरामपुर जशपुर कोरिया बिलासपुर रायगढ़ आदि जिलों में बरसात कराता है और यहां के पर्यावरण को संतुलित रखता है यदि यह जंगल कट गए तो भारी मात्रा में गर्मियों में इजाफा होगा। वर्तमान में ही आज का तापमान मुंगेली में 48 डिग्री तक पहुंच गया है यदि हसदेव के जंगल कट गए तो क्या हाल होगा दुख की बात है कि मोदी सरकार तथा भूपेश सरकार दोनों मिलकर के इस जंगल को सत्यानाश के कगार तक पहुंचा रहे हैं। आज भूपेश बघेल का जो बयान आया था कि हसदेव के विरोधी अपने घरों की बिजली बंद कर लें, यह बहुत ही निंदनीय है और गैर जनतांत्रिक तथा जनविरोधी है। उन्होंने कहा कि हम इस बयान की निंदा करते हैं।

विरोध को सहन नहीं कर पा रहे हैं और इन्हीं सब कारणों से कि विरोध ना हो पाए, उन्होंने एक जन विरोधी नियम बनाया है कि जुलूस धरना आंदोलन करने के पहले परमिशन लेना पड़ेगा और उसमें 10-10 लोगों के नाम देने होंगे, उनके फोन नंबर देने होंगे और अनुमति लेना पड़ेगा यह जो आदेश है वह जनविरोधी और हिटलर शाही की तरह है। यह कौन सी कांग्रेस है जो खुद जो हिटलर शाही कर रही है।

 इस अवसर पर उनके इस बयान की न केवल निंदा की गई बल्कि उसे जलाया भी गया और आदेश की प्रति भी भरे सभा में जलाया गया। उन्होंने मांग की कि यह आदेश अनुमति लेने वाला तत्काल वापस लिया जाए तथा हसदेव क्षेत्र में जंगल की कटाई तत्काल बंद किया जाए अगर ऐसा नहीं हुआ तो इस पूरे क्षेत्र में आम जनता उठ करके हसदेव पहुंच जाएगी और पेड़ काटने से रोका जाएगा।

उसके पश्चात एप्स यू द्वारा आयोजित मानव श्रृंखला बनाने के कार्यक्रम हमें छत्तीसगढ़ किसान सभा और आदिवासी एकता महासभा के साथियों ने भाग लिया और इसके पश्चात यह आज का कार्यक्रम समाप्त हुआ।


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