सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अम्बिकापुर,1 जून। शहर के डॉक्टर, सीए, ठेकेदार, इंजीनियर, शिक्षक, व्यवसायी व प्रबुद्धजन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ छत्तीसगढ़ प्रांत के प्रथम वर्ष के प्रशिक्षण के वर्ग दर्शन कार्यक्रम में शामिल हुए।
बैठक में अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख प्रदीप जोशी ने वर्ग दर्शन में छत्तीसगढ़ प्रांत से प्रशिक्षण प्राप्त करने आए स्वयंसेवकों की समता, दंड संचालन, संचलन एवं योग व व्यायाम संयमित एवं अनुशासनात्मक गतिविधियों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सामाजिक समरसता भारतीय संस्कृति के मूल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संघ शिक्षा वर्ग में भी इसकी झलक देखने को मिलती है। स्वयंसेवक निर्धारित स्थान पर 20 दिनों तक प्रशिक्षण प्राप्त करते हुए इस प्रशिक्षण से संघ की रीति-नीति से भी अवगत होते हैं। स्वयंसेवकों की कोशिश होती है कि ऐसे लोगों से जुड़ाव बढ़ाएं, जो संघ से जुड़े हुए नहीं लेकिन संघ के विचारों से प्रेरित रहते हो।
आरएसएस के प्रशिक्षण वर्ग में उपस्थित आगंतुकों ने लगे प्रदर्शनी का भी दर्शन किया। वर्गदर्शन प्रभारी ने प्रदर्शनी के संबंध में बताया कि प्रदर्शनी के माध्यम से देश के सांस्कृतिक गौरव के बारे में लोगों को जानकारी मिलेगी। इस प्रदर्शनी में यह भी जानकारी मिलती है कि देश में ऐसे लोग रहे हैं, जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर इस देश की स्वतंत्रता अखंडता की रक्षा की है। ऐसे लोगों का प्रदर्शनी के माध्यम से लोगों को प्रोत्साहित कर यह संकल्प लें कि हम भारत की एकता व अखंडता को बनाए रखेंगे।
इस वर्गदर्शन में सभी आगंतुकों ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 20 दिनों चलने वाली प्रशिक्षण की प्रशंसा कर कहा कि इस प्रकार वर्ग के माध्यम से देश की एकता अखंडता बनाए रखने का बहुत ही अच्छा माध्यम वर्ग से राष्ट्रभक्ति की भावना सर्व समाज के जरिए सभी सर्व सनातन समाज के जरिए जन-जन तक पहुंच सके।


