सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अम्बिकापुर, 20 मई। गलत शिकायत करने पर मनरेगा लोकपाल ने अधिवक्ता एवं आरटीआई कार्यकर्ता डी.के.सोनी पर 5000 रुपये का जुर्माना लगाते हुए कहा कि शिकायतकर्ता द्वारा शिकायत आवेदन में दर्शाये गये संपूर्ण तथ्य बेबुनियाद एवं निराधार पाये गये हैं।
दरअसल, शिकायतकर्ता डी.के.सोनी अधिवक्ता एवं आर.टी.आई. एक्टिविस्ट अम्बिकापुर द्वारा दिनांक 23.10.2017 को एक लिखित शिकायत लोकपाल कार्यालय अम्बिकापुर को इन तथ्यों के साथ दी गई है कि रोजगार गारंटी योजना के तहत ग्राम पंचायत जोगीबांध जनपद पंचायत अम्बिकापुर में वर्ष 2015-16 में ग्राम केराकछार में चम्पानाला पुलिया से दयाराम के घर तक 1000 मीटर मिट्टी सडक़ के निर्माण कार्य में लागत 9.81,000/- की धनराशि में फर्जी बिल वाउचर लगाकर राशि आहरित की गई है। साथ ही साथ फर्जी मस्टर रोल तैयार कर राशि निकाली गई है, एवं कार्य की गुणवत्ता खराब होने के साथ ही साथ ड्राइंग डिजाईन के विपरित कार्य कराया गया है। जांच कर दंडित किए जाने का निवेदन किया गया था। शिकायत में कार्य एजेंसी ग्राम पंचायत जोगीबांध को दर्शाया गया था।
इसके पश्चात लोकपाल, महात्मा गांधी रा.प्रा.से. गा.यो. जिला सरगुजा (छ.ग.) द्वारा जांच की गई। जांच में पाया गया कि शिकायतकर्ता द्वारा शिकायत आवेदन में दर्शाये गये संपूर्ण तथ्य बेबुनियाद एवं निराधार पाये गये एवं शिकायतकर्ता बाद बिन्दु क्रमांक 1 से 8 तक के तथ्य को प्रमाणित करने में पूर्णत: असफल रहा है। जिसके परिणामत: शिकायत आवेदन निरस्त करने का अधिनिर्णय लोकपाल, महात्मा गांधी रा.प्रा.से. गा.यो. जिला सरगुजा (छ.ग.) द्वारा पारित किया गया।
मनरेगा लोकपाल ने जारी आदेश में कहा है-शिकायतकर्ता द्वारा बेबुनियाद एवं निराधार तथ्यों पर आधारित शिकायत के कारण न केवल झूठे आरोप लगाये जाने बल्कि शासन को भी आर्थिक क्षति पहुंचाई गई। इन परिस्थितियों को देखते हुए मैं अनुशंसा करता हूँ कि क्षति की भरपाई स्वरूप शिकायतकर्ता डी.के. सोनी के विरुद्ध 5000/- (रुपये पांच हजार मात्र) अर्थदण्ड से दण्डित करते हुए राजस्व वसूली की भांति वसूली की जाये। अर्थदण्ड एवं क्षतिपूर्ति की राशि मनरेगा के खाते में जमा किया जाये।


