सरगुजा

पार्किंग शुल्क के लिए वाहन रोकने से नाराज हुए पार्षद, वाहन को बीच सडक़ पर खड़ा कर किया विरोध
22-Apr-2022 6:51 PM
पार्किंग शुल्क के लिए वाहन रोकने से नाराज हुए पार्षद, वाहन को बीच सडक़ पर खड़ा कर किया विरोध

कहा- जनप्रतिनिधियों व अफसरों की भी वाहन रोक रहे

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अम्बिकापुर, 22 अप्रैल।
कलेक्टर परिसर में संचालित महिलाओं द्वारा पार्किंग शुल्क लेने को लेकर आए दिन विवाद होते रहता है। शुक्रवार को महात्मा गांधी वार्ड के पार्षद दीपक मिश्रा,पार्षद सुनैना सोनी, नाटा सोनी दो-तीन बुजुर्ग व्यक्ति को लेकर उनका कार्य कराने तहसील कार्यालय जा रहे थे, तभी वहां महिला सहायता समूह की महिलाओं द्वारा शुल्क मांगते हुए उनके वाहन को रोक दिया गया।

पार्षद द्वारा महिलाओं को बताया गया कि वह पार्षद हैं, उनके वाहन में एक बुजुर्ग व्यक्ति है उसका काम कराने व तहसील कार्यालय जा रहे हैं। इसके बाद भी महिलाओं ने उनसे रुपए की मांग की एवं वाहन को अंदर नहीं जाने दिया। जिसके बाद नाराज पार्षद दीपक मिश्रा ने विरोध स्वरूप अपनी वाहन को बीच सडक़ पर ही खड़ा कर उक्त बुजुर्ग व्यक्ति का कार्य कराने तहसील कार्यालय चले गए।

इधर घटना की सूचना पर यातायात प्रभारी व अन्य पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचे। कुछ देर बाद दीपक मिश्रा वापस वहां पहुंचे तो उन्होंने यातायात प्रभारी से चर्चा करते हुए बताया कि वह जनप्रतिनिधि हैं और सेवा का कार्य करने लगभग प्रतिदिन तीन से चार बार आते हैं, इस तरह से जनप्रतिनिधियों के वाहन को रोका जाना व शुल्क मांगना उचित नहीं है।

श्री मिश्रा ने यह भी बताया कि इस प्रकार का दुव्र्यवहार जनप्रतिनिधियों के साथ ही नहीं, कलेक्ट्रेट में स्थित कई विभाग के अधिकारियों के साथ भी किया जा रहा है, उन्हें अपना पूरा परिचय बताना पड़ता है और बहस करनी पड़ती है, इसके बाद उन्हें जाने दिया जाता है।

पार्किंग बनाम प्रवेश शुल्क को लेकर उठाएं प्रश्न चिन्ह
पार्षद दीपक मिश्रा ने कलेक्ट्रेट में पार्किंग बनाम प्रवेश शुल्क को लेकर प्रश्न चिन्ह उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार में शुल्क पार्किंग का लिया जा रहा है कि प्रवेश का ? यह स्पष्ट नहीं है। अगर शुल्क पार्किंग का लिया जा रहा है तो पार्किंग की व्यवस्था कहां है, सारे अधिकारी व कर्मचारी अपने वाहन को अपने कार्यालय तक ले जाकर गलत तरीके से वाहन खड़े कर रहे हैं। यही नहीं समूह की महिलाओं द्वारा शुल्क लेकर लोगों के वाहन को अंदर जाने दे दिया जाता है। जब पार्किंग की व्यवस्था कहीं की गई ही नहीं है तो शुल्क किसका लिया जा रहा है। पार्किंग के नाम पर कलेक्टोरेट में प्रवेश शुल्क लिया जा रहा है जो गलत है।


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