सरगुजा

छह माह से चल रहा था अवैध पेट्रोल पंप, सील
03-Apr-2022 9:29 PM
छह माह से चल रहा था अवैध पेट्रोल पंप, सील

यूपी से लाकर बेच रहे थे पेट्रोल-डीजल

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

अंबिकापुर, 3 अप्रैल। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिला अंतर्गत चलगली में अवैध रूप से संचालित पेट्रोल पंप को खाद्य अधिकारी सहित तेल कंपनियों बीपीसीएल एवं आईओसीएल के अधिकारियों ने जांच के बाद सील कर दिया है। यह पेट्रोल पंप इंदौर की एक कंपनी के नाम पर बायो फ्यूल बेचने का हवाला देकर छह माह पूर्व खोला गया था। पेट्रोल पंप में उत्तरप्रदेश से डीजल एवं पेट्रोल लाकर भंडारित कर बेचा जा रहा था। पेट्रोल पंप को आवश्यक विस्फोटक अधिनियम के तहत लाइसेंस भी जारी नहीं किया गया है। पेट्रोल पंप संचालन का कोई वैद्य दस्तावेज नहीं मिलने के कारण पंप को सील कर कलेक्टर बलरामपुर को कार्रवाई के लिए जांच रिपोर्ट भेजी गई है। पंप के भूमिगत टैंक में हजारों लीटर डीजल एवं पेट्रोल का स्टॉक भी मिला है।

बलरामपुर जिले के चलगली में मां अंबे फ्यूल्स के नाम से पेट्रोल पंप स्थापित कर छह माह से इसका संचालन किया जा रहा था। उक्त पेट्रोल पंच के संचालन के लिए एएमएक्स बायोडीजल प्राइवेट लिमिटेड इंदौर मध्यप्रदेश के आवेदन 20 अगस्त 2021 के आधार पर कलेक्टर बलरामपुर रामानुजगंज की लाइसेंस शाखा द्वारा 28 दिसंबर 2021 को अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी किया गया था। बायो फ्यूल बेचने के नाम पर खोले गए इस पंप में चार नोजल लगाकर पेट्रोल एवं डीजल का विक्रय किया जा रहा था।

शुक्रवार को बलरामपुर के खाद्य अधिकारी बीएस कामते, आईओसीएल के सेल्स आफिसर विक्रमादित्य पटेल एवं बीपीसीएल के सेल्स आफिसर संतोष माने की टीम ने पेट्रोल पंप की जांच की। पंप के मैनेजर सुधीर गुप्ता से वैद्य दस्तावेज मांगे जाने पर वह केवल कलेक्टर कार्यालय द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र ही दिखा सका। उसने बताया कि विस्फोटक अनुज्ञप्ति के लिए आवेदन किया गया है। अब तक विस्फोटक अनुज्ञप्ति प्राप्त नहीं हुआ है। इसके अलावा कोई वैद्य दस्तावेज नहीं मिलने पर पेट्रोल पंप के चारों नोजल को अधिकारियों ने सील कर दिया है। पंप के भूमिगत टैंक की माप करने पर करीब 10 हजार लीटर डीजल एवं तीन हजार लीटर पेट्रोल संग्रहित पाया गया।

दूसरे पेट्रोल पंप का नोजल, बायो फ्यूल का भी लाइसेंस नहीं- फर्जी तरीके से पेट्रोल पंप का संचालन कर रहे संचालक का पचावल में भी पेट्रोल पंप है, जहां से एक नोजल लाकर चलगली में मां अंबे फ्यूल्स में लगाकर तेल बेचा जा रहा था। बायोडीजल के लिए भी सरकार द्वारा जारी नियमों के अधीन लाइसेंस लेना पड़ता है। संचालकों ने इसके लिए नियमानुसार अनुज्ञप्ति नहीं ली गई है।

यूपी से लाकर बेचा जा रहा था पेट्रोल व डीजल
बायो फ्यूल बेचने के नाम पर खोले गए इस पेट्रोल पंप में सामान्य या पावर पेट्रोल या डीजल नहीं बेचा जा सकता। यूपी में डीजल एवं पेट्रोल पर वैट कम होने से दोनों राज्यों के पेट्रोल की कीमत में करीब 8 रुपये प्रति लीटर एवं डीजल के दर में करीब 7.50 रुपये का अंतर है। इस कारण संचालकों द्वारा यूपी से तेल मंगाया जा रहा था। वहीं पचावल में संचालित पेट्रोल पंप के नाम पर जारी तेल को भी अवैध तरीके से चलगली के उक्त पंप में डालकर पंप चलाया जा रहा था।

अपराधिक प्रकरण दर्ज करने भेजा गया प्रतिवेदन
 पेट्रोल पंप का संचालन बिना वैद्य दस्तावेज एवं अनुज्ञप्ति के संचालित करना पाए जाने पर खाद्य अधिकारी के साथ बीपीसीएल व आईओसीएल के सेल्स मैनेजरों ने संयुक्त प्रतिवेदन कलेक्टर बलरामपुर को कार्रवाई के लिए भेजा है। खाद्य अधिकारी एसबी कामठे ने बताया कि बिना अनुज्ञप्ति के पेट्रोल पंप का संचालन दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। पंप संचालकों के खिलाफ अपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाएगा।


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