सरगुजा

सरगुजा की स्वास्थ्य सुविधाओं की दुर्दशा पर राज्यपाल के नाम भाजपा ने सौंपा ज्ञापन
28-Mar-2022 8:41 PM
सरगुजा की स्वास्थ्य सुविधाओं की दुर्दशा पर राज्यपाल के नाम भाजपा ने सौंपा ज्ञापन

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 28 मार्च।
सरगुजा की स्वास्थ्य सुविधाओं की दुर्दशा पर राज्यपाल के नाम भाजपा ने ज्ञापन सौंपा है। भाजपा सरगुजा मांग करती है कि इस पूरे मामले की जांच करा कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

सरगुजा जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली के परिणाम स्वरूप लगातार हो रही बच्चों की मौत पर चिंता जताते हुए भाजपा जिला अध्यक्ष ललन प्रताप सिंह के नेतृत्व में पिछड़ा वर्ग मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सोनी, पूर्व सभापति त्रिलोक कपूर कुशवाहा, जिला महामंत्री अभिमन्यु गुप्ता, पार्षद आलोक दुबे, जिला सह संवाद प्रमुख रूपेश दुबे, सर्वेश तिवारी एवं रोहित कुशवाहा ने कलेक्टर सरगुजा से मुलाकात कर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन के विषय में जानकारी देते हुए भाजपा जिला अध्यक्ष ने बताया कि सरगुजा जिला प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव का गृह जिला है, इसके बावजूद यहां स्वास्थ्य सुविधा आमजन एवं गरीबों को नहीं मिल पा रही है, जिसके कारण 25 मार्च को हृदय विदारक घटना घटित हो गई, जिसने पूरी मानवता को शर्मसार कर दिया है। उन्होंने बताया कि लखनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम अमदला निवासी ईश्वरदास की 7 वर्षीय पुत्री की तबीयत खराब हो गई और उसे 25 मार्च दिन शुक्रवार की सुबह लखनपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां नर्स द्वारा बच्ची को इंजेक्शन लगाया गया, परंतु उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई, उसके नाक से खून निकलने लगा तथा कुछ देर बाद उक्त बच्ची की मृत्यु हो गई। बालिका की मृत्यु के बाद उसके पिता ने अस्पताल प्रबंधन को इसकी जानकारी दी और अपनी पुत्री के शव को घर तक पहुंचाने का निवेदन किया, परंतु अस्पताल प्रबंधन इस मामले में टालमटोल करता रहा, घंटों इंतजार के बाद भी प्रबंधन के तरफ से शव वाहन नहीं दिए जाने पर पिता को बेटी की लाश कंधे पर लादकर 10 किमी पैदल चलकर घर पहुंचा।

आगे उन्होंने कहा कि दूसरे दिन जब यह मामला प्रकाश में आया तो स्वास्थ्य विभाग द्वारा आनन-फानन में अपने अधिकारियों को इस मामले की जांच के लिए लखनपुर भेजा गया, जहां अब उनके द्वारा कोई कार्यवाही न करते हुए लीपापोती की जा रही है।

विडंबना यह है कि जिस सिसोदिया के जिम्मे पूरे जिले की चिकित्सा व्यवस्था है, उसे ही जांच अधिकारी बना दिया गया है जो खुद इस मामले के गुनाहगार है।

उन्होंने बताया कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सरगुजा के पद पर सिसोदिया पिछले साढ़े तीन साल से नौकरी कर रहे हैं, इसका गंभीर खामियाजा तथा परिणाम आते रहने के बाद भी इन पर कोई कार्रवाई आज तक नहीं हुई।

भाजपा सरगुजा मांग करती है कि इस पूरे मामले की जांच करा कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, जिससे सरगुजा जैसे आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली के कारण गरीब एवं असहाय लोगों को ऐसी परिस्थितियों का सामना न करना पड़े।


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